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Showing posts with the label क्षेत्रीय

राहगीरी महोत्सव में मातृ संस्कार समागम का आह्वान

31 जनवरी व 1 फरवरी 2026 को होगा आयोजन, मातृशक्ति से अधिक संख्या में सहभागिता की अपील उज्जैन।  राहगीरी महोत्सव के अवसर पर विश्व मांगल्यसभा द्वारा 31 जनवरी और 1 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले  मातृ संस्कार समागम  में उज्जैन की मातृशक्ति अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित रहे, इस उद्देश्य से उज्जैन शहर से व्यापक आह्वान किया गया। इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद भी प्राप्त हुए। उज्जैन उत्तर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा जी ने भी उज्जैन की मातृशक्ति से इस मातृ समागम में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। वहीं नगर निगम अध्यक्ष कलावती जी यादव ने मातृशक्ति को इस मातृ समागम में उपस्थित होने का निमंत्रण देते हुए आयोजक समिति को शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इस अवसर पर शहर के वरिष्ठ नागरिकों एवं शिक्षाविदों द्वारा भी कार्यक्रम को लेकर शुभेच्छाएं व्यक्त की गईं। इनमें श्री नारायण जी यादव, स्वामी मुस्कुराके, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर अर्पण भारद्वाज, कुलानुशासक प्रोफेसर शैलेंद्र कुमार शर्मा, कुलसचिव अनिल जी शर्मा, विद्यार्थी कल्या...

धन्वन्तरि आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय में वार्षिकोत्सव सम्पन्न

उज्जैन। शासकीय धन्वन्तरि आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय के प्रधानाचार्य एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. जे.पी. चौरसिया ने बताया कि महाविद्यालय में वार्षिकोत्सव कार्यक्रम सम्पन्न हुआ जिसमें विभिन्न कीड़ा प्रतियोगिताएं, बौद्धिक एवं साहित्यिक कार्यकम तथा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यकम सम्पन्न हुआ। वार्षिकोत्सव के अंतिम दिवस माननीय श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक उज्जैन उत्तर के करकमलों से छात्रों को पुरस्कार वितरण किया गया एवं स्नेह भोजन सम्पन्न हुआ। प्रोफेसर इंचार्ज डॉ. नृपेन्द्र मिश्र ने विस्तार से जानकारी देते हुये बताया कि पूर्व की भांति इस वर्ष भी छात्रों के सर्वांगीण विकास की दृष्टि से वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया जिसमें कीड़ा समिति के अध्यक्ष डॉ. मुकेश गुप्ता एवं सचिव डॉ. रामतीर्थ शर्मा के नेतृत्व में इंटरप्रोफेशनल एवं स्नातकोत्तर अध्येताओं के बीच खेल प्रतियोगिताए "रणभूमि" के अंतर्गत शतरंज, केरम, टेबल टेनिस, क्रिकेट, वॉलीबॉल, बेडमिंटन, रस्सा कसी आदि प्रतियोगिताएं आयोजित की हैं। इसी प्रकार बौद्धिक एवं साहित्यिक समिति के अध्यक्ष डॉ. अजय कीर्ति जैन एवं सचिव डॉ आशीष शर्मा के...

हंस वाहिनी एवं ज्ञानदायिनी के आशीर्वाद से मानव से महामानव हो जाता है - डॉ. चौधरी

विद्या की देवी-ज्ञानदायिनी माँ सरस्वती की सच्ची आराधना पुस्तकों के अध्ययन से ही प्राप्त होती है। विद्यार्थी को माँ हंस वाहिनी का स्मरण करके पढ़ाई करने से सच्चा एवं सद्मार्ग प्राप्त होता है। राष्ट्रहित में छात्रो को माँ सरस्वती का ध्यान करते हुए नियमित आराधरा करना चाहिये।  जिससे मानव से महामानव बना जा सकता है।आज ही के दिन ऋतुराज वसंत का आगमन वसुंधरा में सरसों पकती है बसंत का पीला रंग ऊर्जा और आशा का प्रतीक है पीला रंग ज्ञान का प्रकाश एवं त्याग का स्मरण कराता है । बसंत पंचमी को गायत्री परिवार के पूज्य गुरूदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी का आध्यात्मिक जन्म दिवस एवं सुभाषचन्द्र बोस का जन्म दिवस भी है।  उक्त उद्गार ज्ञान की देवी सरस्वती जी के प्रकटोत्सव दिवस वसंत पंचमी पर सरस्वती पूजन एवं समर्पण दिवस समारोह में मुख्य वक्ता साहित्यकार डॉ. प्रभु चौधरी ( शिक्षक) ने सरस्वती शिशु मंदिर कसारी में व्यक्त करते हुए कहा कि मां सरस्वती अज्ञान के अंधकार को हटाकर ज्ञान की आभा  से प्रकाश फैलाती है।।बसंत पंचमी भारतीय संस्कृति का पर्व है जो ज्ञान विवेक और रचनात्मक चेतना के पुनर्जागरण का प्रतीक...

रूस की प्राध्यापक डॉ इंदिरा ग़ाज़ीएवा और अध्येता साईं मेंखोनोशिना का सारस्वत सम्मान और अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ विश्वविद्यालय में

रूस और भारत गहरे जुड़े हैं सांस्कृतिक और वैचारिक आदान प्रदान के माध्यम से - डॉ ग़ाज़ीएवा हिंदी - रूसी साहित्य के परस्पर अनुवादों ने दोनों की संस्कृतियों के बीच सेतु बनाने का विलक्षण कार्य किया है – प्रो शर्मा सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन के वाग्देवी भवन में रूसी साहित्य और अनुवाद की परम्परा पर केंद्रित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी और मॉस्को की प्राध्यापक डॉ इंदिरा ग़ाज़ीएवा का सारस्वत सम्मान  समारोह आयोजित किया गया। संगोष्ठी में रूस से आए अतिथियों सहित कुलानुशासक एवं विभागाध्यक्ष प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा, प्रो जगदीश चंद्र शर्मा आदि ने विचार व्यक्त किए।  मॉस्को यूनिवर्सिटी ऑफ ह्यूमैनिटीज, रूस की हिंदी प्राध्यापक प्रो. इंदिरा ग़ाज़ीएवा ने अपने उद्बोधन में कहा कि रूसी और हिंदी भाषा के साहित्य में अनेक समानता है। रूस और भारत अनेक दशकों से साहित्यिक अनुवाद के साथ ही सांस्कृतिक और वैचारिक आदान प्रदान के माध्यम से गहरे जुड़े हैं। भारत की संस्कृति और हिंदी से उनके छात्रों का गहरा अनुराग है। रूस में अनेक विद्यार्थी भारतीय संस्कृति से जुड़ने के लिए हिन्दी सीख रहे हैं। उज्जैन के स...

स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम: ‘इंद्रधनुषी विज़न’ टॉक शो में ऊर्जा, नवाचार और सतत विकास पर मंथन

संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों पर एनर्जी मैनेजमेंट पर्सपेक्टिव्स साझा, शिक्षण–उद्योग सहयोग को मिला नया आयाम स्टार्टअप इंडिया प्रोग्राम एक इंद्रधनुषी विज़न - प्रो डॉ अर्पण भारद्वाज , कुलगुरू उज्जैन। स्टार्टअप इंडिया प्रोग्राम के अंतर्गत आयोजित  ‘इंद्रधनुषी विज़न’  टॉक शो में प्रो. डॉ. अर्पण भारद्वाज और अनमोल जायसवाल (रीजनल मैनेजर) की उपस्थिति में ऊर्जा, नवाचार और सतत विकास के विविध पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। रेज़ ग्लोबल एनर्जी, नोएडा–दिल्ली नॉर्थ ज़ोन में कार्यरत अनमोल जायसवाल, अपनी स्टार्टअप कंपनी पर भी सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। इसी क्रम में वे पंडित जवाहरलाल नेहरू व्यवसाय प्रबंध संस्थान, आईआईसी इंस्टीट्यूट के इंडस्ट्री आरएनडी प्रकोष्ठ में पधारे, जहां उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संपोषणीय विकास लक्ष्यों (SDGs) के संदर्भ में  एनर्जी मैनेजमेंट पर्सपेक्टिव्स  पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. डॉ. अर्पण भारद्वाज, कुलगुरु, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन ने अपने सारगर्भित संदेश में पंडित जवाहरलाल नेहरू व्यवसाय प्रबंध संस्था...

गुरु अखाड़े में स्वगीर्य श्री वासुदेवजी डकारें साहब की जन्म जयंती मनाई गई

Ujjain | मध्य प्रदेश शासन के पुर्व मंत्री एवं श्री अच्युतानंद गुरु अखाड़ा व्यायामशाला न्यास, उज्जैन के अध्यक्ष माननीय श्री पारसचंदजी जैन, गुरु अखाड़े के ट्रस्ट मण्डल समिति सदस्य एवं विधार्थियो द्वारा बड़े ही हर्षोल्लास से परम श्रद्धेय स्वगीर्य श्री वासुदेव जी डकारें साहब के जन्म जयंती अखाड़े के संस्थापक परम पूज्य गुरुवर्य स्वर्गीय श्री अच्युतानंद स्वामीजी महाराज एवं गुरुवर्य स्वगीर्य श्री काशीनाथ जी डकारें साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। तत्पश्चात परम पूज्य गुरुवर्य स्वगीर्य श्री वासुदेव जी डकारें साहब के चित्र पर माल्यार्पण कर गुरु अखाड़े में उनके द्वारा दी गई अस्मर्णिय सेवाओं को याद किया गया।  गुरु अखाड़े के मल्लखंब प्रशिक्षक एवं राष्ट्रीय निर्णायक श्री लीलाधर कहार ने जानकारी देते हुए बताया कि श्री डकारें साहब की जन्म जयंती के अवसर पर गुरु अखाड़े के राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ी श्री श्लोक गेहलोत, राज तवंर, दयंक गोयल, दक्ष कहार द्वारा सामूहिक सूर्य नमस्कार, योगासन एवं मल्लखंब की शानदार प्रस्तुति दी गई। साथ ही अखाड़े के विद्यार्थियों को मिठाई वितर...

आशापूर्णा देवी का कथा संसार भारतीय साहित्य जगत की उपलब्धि, जिसका साक्षात्कार कराती हैं बूला जी की कृतियां – प्रो शर्मा

आलोचना कृति आशापूर्णा तुमि सम्पूर्णा के सात खण्डों का हुआ लोकार्पण  बांग्ला लेखिका आशापूर्णा देवी का कथा संसार भारतीय साहित्य जगत की अनुपम उपलब्धि है। आशापूर्णा देवी की कहानियां एक ओर जहां असहाय नारी की विडंबना को शक्ति प्रदान करती हैं वहीं अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाती हैं। डॉ बूला कार की समीक्षा पुस्तकें उनके योगदान का साक्षात्कार कराती हैं। बूला जी अपनी कृतियों के माध्यम से आशापूर्णा में डूब कर स्वयं  आशापूर्णा हो गई हैं। सुविख्यात, रचनाकार आशापूर्णा देवी की दो सौ से अधिक कृतियों के साहित्य रूपी सागर से मोती चुनकर सात कृतियों में साहित्य प्रेमियों के समक्ष अनुपम कृतियां लेखिका ने प्रस्तुत की हैं।  ये उद्गार बतौर मुख्य अतिथि सम्राट् विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलानुशासक एवं समालोचक प्रो शैलेंद्र कुमार शर्मा ने हिंदी परिवार द्वारा आयोजित आलोचना कृति आशापूर्णा तुमि सम्पूर्णा के सात खण्डों के लोकार्पण अवसर पर व्यक्त किये। डॉ शर्मा ने कहा कि आशापूर्णा की रचनाओं में नारी के सभी स्वरूप दिखते हैं वहीं बूला कर द्वारा उन पर लिखित कृतियां हिंदी जगत की अनमोल धरोहर ...

भारतीय गणतंत्र की उद्घोषक उज्जयिनी पर केंद्रित राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन 22 जनवरी को

  प्राचीन भारत में गणतंत्र की अवधारणा और परम्परा पर गहन मंथन होगा सम्राट् विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में उज्जैन।  सम्राट् विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ के सहभाग से एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन स्वर्ण जयंती सभागार में प्रातः11:30 बजे से होगा। यह संगोष्ठी भारतीय गणतंत्र की उद्घोषक उज्जयिनी पर केंद्रित होगी, जिसमें विशेषज्ञ विद्वान प्राचीन भारत में गणतंत्र की अवधारणा और परम्परा पर गहन मंथन करेंगे।   यह जानकारी देते हुए मुख्य समन्वयक कुलानुशासक प्रो शैलेन्द्र कुमार शर्मा एवं संगोष्ठी संयोजक पुरातत्वविद् डॉक्टर रमण सोलंकी बताया कि पुरातन काल से भारतीय गणतंत्र का उद्घोषक उज्जैन रहा है। यह परंपरा निरंतर चली आ रही है। इस विषय लेकर गहन मंथन करते हुए देश दुनिया के समक्ष इससे जुड़े तथ्यों को पहुंचना चाहिए। इस तारतम्य में महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन स्वर्ण जयंती सभागार में पद्मश्री डॉ भगवतीलाल राजपुरोहित और महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान के सदस्य सचिव प्रो विरुपाक्ष जड्डीपाल के मुख्य आतिथ्य, पूर्व कुलगुरु प्र...

नई कविता आंदोलन और शमशेरबहादुर सिंह पर केंद्रित राष्ट्रीय संगोष्ठी सम्पन्न

शब्दों का संयम सिखाती है शमशेर जी की कविता – प्रो जितेंद्र श्रीवास्तव प्रणय, प्रकृति सौंदर्य और जीवन राग के कवि हैं शमशेर जी - प्रो शर्मा Ujjain | सम्राट् विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन की हिंदी अध्ययनशाला द्वारा प्रेमचंद सृजन पीठ एवं शमशेर साहित्य संस्थान उज्जैन के संयुक्त तत्वावधान में नई कविता आंदोलन और शमशेरबहादुर सिंह पर केंद्रित राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। आयोजन के मुख्य अतिथि इग्नू नई दिल्ली के कुलसचिव एवं वरिष्ठ कवि - आलोचक प्रो जितेंद्र श्रीवास्तव थे। अध्यक्षता वरिष्ठ विद्वान प्रो आनंदप्रकाश त्रिपाठी, सागर ने की। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता कुलानुशासक प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा, गुजरात विद्यापीठ के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो जसवंतभाई डी. पंड्या, अहमदाबाद, छत्रसाल विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष प्रो बहादुरसिंह परमार, छतरपुर, पूर्व प्राचार्य डॉ जय श्रीवास्तव, पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो हरिमोहन बुधौलिया, ललित कला विभागाध्यक्ष प्रो जगदीश चंद्र शर्मा, प्रेमचंद सृजन पीठ के निदेशक श्री मुकेश जोशी ने विचार व्यक्त किए।  मुख्य अतिथि कवि - समालोचक प्रो. जितेंद्र श्रीवास्तव, नई दिल...

धन्वन्तरि आयुर्वेद चिकित्सालय में अस्थिक्षय (Osteoporosis) पर विशेष शिविर आयोजित होगा

उज्जैन। शासकीय धन्वन्तरि आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के प्रभारी प्रधानाचार्य एवं अधीक्षक प्रोफेसर विभागाध्यक्ष डॉ. ओ.पी. व्यास द्वारा बताया गया कि शासकीय धन्वन्तरि आयुर्वेद चिकित्सालय में कायचिकित्सा विभाग के डॉ. नरेश जैन के निर्देशन में डॉ. जान्हवी मेश्राम, एम.डी. अध्येता कायचिकित्सा द्वारा अस्थिक्षय (Osteoporosis) विषय पर विशेष शोध कार्य किया जा रहा है। इस रोग में शरीर में केल्शियम एवं विटामिन डी की कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती है जिसके कारण, कमर दर्द, जोड़ों का दर्द, हड्डियों में जकड़न होने से फ्रेक्चर होने का खतरा बढ़ जाता है। गौरतलब है कि हड्डी रोगों से संबंधित जांच जो कि बाजार में अधिक मूल्य पर की जाती है, आमजन हेतु समस्त जाचें चिकित्सालय में निःशुल्क की जावेगी। आम जनता से अपील है कि अस्थिक्षय जैसे गंभीर रोग से पीड़ित रोगियों हेतु दिनांक 19. 01.2026 सोमवार को शासकीय धन्वन्तरि आयुर्वेद चिकित्सालय, चिमनगंज, उज्जैन के कक्ष कमांक 27 (कायचिकित्सा विभाग) में विशेष शिविर का आयोजन किया गया है। उक्त शिविर में रोगियों से संबंधित समस्त जांचें निःशुल्क की जावेगी जिसके उ...

संकल्प से समाधान की गूंज: ग्रामोदय से अभ्युदय अभियान के अंतर्गत जेएनआईबीएम में समूह परिचर्चा संवाद श्रृंखला आयोजित

युवाओं की सक्रिय सहभागिता से ग्राम स्तर पर परिवर्तन का आह्वान, शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर उज्जैन। प्रदेश के साथ-साथ जिले में  ग्रामोदय से अभ्युदय अभियान  को ग्राम विकास पखवाड़े के रूप में 12 जनवरी से 26 जनवरी तक संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत मप्र जनअभियान परिषद के तत्वावधान में पंडित जवाहरलाल नेहरू व्यवसाय प्रबंध संस्थान (जेएनआईबीएम), सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन के प्रबंध संकाय परिसर में  रोचक समूह मंथन: समूह परिचर्चा संवाद श्रृंखला  का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. डॉ. अर्पण भारद्वाज, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन ने शुभकामना संदेश प्रेषित करते हुए कहा कि सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वावलंबन, स्वदेशी भावना, नागरिक सेवा, शिक्षा एवं संस्कार, नशामुक्त समाज तथा गौ-संरक्षण जैसे संदेशों के साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाकर उन्हें लाभ लेने हेतु प्रेरित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से शहरों से भी युवा पीढ़ी की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करने पर...

विश्व मांगल्य सभा की मालवा प्रांत के प्रांत अधिवेशन की कार्य-नियोजन बैठक संपन्न

उज्जैन। विश्व मांगल्य सभा द्वारा ‘मातृ समागम’ प्रथम प्रांत अधिवेशन 31 जनवरी 2026 एवं 1 फरवरी 2026 को उज्जैन में आयोजित किया जाना है। इस अधिवेशन के कार्य-नियोजन हेतु आज मध्यप्रदेश अध्यक्ष श्रीमती सूरज जी डामोर की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई। जिसमें मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ प्रांत की संगठक मंत्री श्रीमती पूजा पाठक तथा मालवा प्रांत संयोजक श्रीमती सुनीता पाटिल ने विश्व मांगल्य सभा के सभी प्रमुख कार्यकर्ताओं को कार्यों का विभाजन किया और अधिवेशन के प्रबंधन संबंधी आवश्यक जानकारी दी। इस अधिवेशन में पूरे मालवा प्रांत के सोलह जिलों से लगभग पंद्रह सौ महिलाओं का आना निश्चित है। आयोजन को सुव्यवस्थित एवं सफल बनाने हेतु आज सभी कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर उज्जैन महानगर सचिव श्रीमती कल्पना शर्मा ने अब तक की अधिवेशन से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर मालवा प्रांत सदाचार सभा संयोजिका श्रीमती स्वाति भाटिया, मालवा प्रांत धर्म शिक्षा संयोजिका श्रीमती अनीता आप्टे, मालवा प्रांत बाल सभा संयोजिका श्रीमती अनुराधा कुलकर्णी, उज्जैन महानगर कार्यकारिणी संयोजिका डॉ. रुचिका खंडेलवाल, उ...

देवनागरी लिपि विश्व में अपनी वैज्ञानिकता एवं सामर्थ्य से आगे बढ़ रही है - डॉ. चौधरी

भारतवर्ष में प्रचलित अन्य लिपियों की श्रेणी में नागरी लिपि का स्थान सर्वोपरि माना जाता है। भारतीय लिपियों में सबसे अधिक प्रचलित है। यह लगभग 80 करोड़ से अधिक लोगो की लिपि है इसीलिए नागरी लिपि भारत की  राष्ट्रीय लिपि है। नागरी लिपि को समझने-पढ़ने वालो की संख्या विदेशो में अपनी सामर्थ्य से बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है। नागरी लिपि की शक्ति तथा वैज्ञानिकता के सुदृढ़ आधार है। विनोबाजी ने कहा नागरी ही नहीं नागरी भी इसका प्रयोग करना चाहिये।  उपर्युक्त विचार राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना के संगठन महामंत्री डॉ. प्रभु चौधरी ने विश्व हिन्दी दिवस की राष्ट्रीय संगोष्ठीः विश्व में नागरी लिपि का बढ़ता प्रभाव विषय पर च्वाईस कालेज पुणे के समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में व्यक्त किये। संगोष्ठी की मुख्य अतिथि डॉ. ममता जैन अप्रवासी साहित्यकार पुणे ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि देवनागरी लिपि के माध्यम से बंगला, मराठी, गुजराती अन्य हिन्दीतर भाषा के साहित्य को निकट लाया है। विदेशों में नागरी लिपि का प्रचार तेजी से बढ़ रहा है।  अध्यक्षीय भाषण में डॉ. अलका पोद्दार ने कहा कि देवनागरी लिपि सहज, सरल,...

प्रकृति के समस्त तत्व हैं शिवमय, शिव ही समस्त ज्ञान के उद्गम और ज्ञाता – राजदूत श्री अखिलेश मिश्रा

श्रीमहाकाल महोत्सव के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में हुआ शिव तत्व, श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग और शिवोपासना पर वैश्विक मंथन, देश दुनिया के तीस से अधिक विद्वानों ने व्याख्यान दिए Ujjain | वीर भारत न्यास एवं श्रीमहाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा 14 से 18 जनवरी 2026 तक महाकाल महालोक में श्रीमहाकाल महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। इस महोत्सव के अंतर्गत 15 जनवरी, गुरुवार को प्रातः सन्ध्या  तक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। शिव तत्त्व और श्रीमहाकाल: पुरातिहास, साहित्य और संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में पर केंद्रित इस संगोष्ठी में दुनिया के दस से अधिक देशों और भारत के बारह से अधिक राज्यों के विद्वानों ने विषय के विविध पक्षों पर प्रकाश डाला। संगोष्ठी का शुभारंभ आयरलैंड में भारत के महामहिम राजदूत श्री अखिलेश मिश्रा के मुख्य आतिथ्य में हुआ। अध्यक्षता पूर्व कुलपति प्रो बालकृष्ण शर्मा ने की। शुभारम्भ सत्र में पद्मश्री डॉ भगवतीलाल राजपुरोहित, कला मनीषी श्री नर्मदाप्रसाद उपाध्याय, इंदौर, वीर भारत न्यास के सदस्य श्री नरेश शर्मा, पुरातत्वविद डॉ नारायण व्यास, भोपाल, डॉ पूरन सहगल, मन...

श्रीमहाकाल महोत्सव के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में होगा शिव तत्व, श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग और शिवोपासना पर वैश्विक मंथन

  शिव तत्व, शिवोपासना और श्रीमहाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग से जुड़े विविध पक्षों पर विमर्श में भाग लेंगे देश - विदेश के प्रतिष्ठित विद्वान और शोधकर्ता 15 जनवरी को आयोजित संगोष्ठी में वीर भारत न्यास एवं श्रीमहाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा 14 से 18 जनवरी 2026 तक महाकाल महालोक में श्रीमहाकाल महोत्सव आयोजित किए जा रहा है। इस महोत्सव के अंतर्गत 15 जनवरी, गुरुवार को प्रातः काल 11 से सन्ध्या  तक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन होगा। शिव तत्त्व और श्रीमहाकाल: पुरातिहास, साहित्य और संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में पर केंद्रित इस संगोष्ठी में दस से अधिक देशों और भारत के बारह से अधिक राज्यों के विद्वान विषय के विविध पक्षों पर प्रकाश डालेंगे। विभिन्न देशों में आयरलैंड, मॉरीशस, यूएसए, यूके, नॉर्वे, नीदरलैंड, फीजी, स्वीडन, थाईलैंड, श्रीलंका, नेपाल आदि के अलावा भारत के बारह से अधिक राज्य सम्मिलित हैं।  वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी एवं संगोष्ठी के मुख्य समन्वयक एवं कुलानुशासक प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि संगोष्ठी का आयोजन त्रिवेणी कला एवं पुरातत्व ...

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