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Showing posts with the label क्षेत्रीय

गुरु अखाड़े में स्वगीर्य श्री वासुदेवजी डकारें साहब की जन्म जयंती मनाई गई

Ujjain | मध्य प्रदेश शासन के पुर्व मंत्री एवं श्री अच्युतानंद गुरु अखाड़ा व्यायामशाला न्यास, उज्जैन के अध्यक्ष माननीय श्री पारसचंदजी जैन, गुरु अखाड़े के ट्रस्ट मण्डल समिति सदस्य एवं विधार्थियो द्वारा बड़े ही हर्षोल्लास से परम श्रद्धेय स्वगीर्य श्री वासुदेव जी डकारें साहब के जन्म जयंती अखाड़े के संस्थापक परम पूज्य गुरुवर्य स्वर्गीय श्री अच्युतानंद स्वामीजी महाराज एवं गुरुवर्य स्वगीर्य श्री काशीनाथ जी डकारें साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। तत्पश्चात परम पूज्य गुरुवर्य स्वगीर्य श्री वासुदेव जी डकारें साहब के चित्र पर माल्यार्पण कर गुरु अखाड़े में उनके द्वारा दी गई अस्मर्णिय सेवाओं को याद किया गया।  गुरु अखाड़े के मल्लखंब प्रशिक्षक एवं राष्ट्रीय निर्णायक श्री लीलाधर कहार ने जानकारी देते हुए बताया कि श्री डकारें साहब की जन्म जयंती के अवसर पर गुरु अखाड़े के राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ी श्री श्लोक गेहलोत, राज तवंर, दयंक गोयल, दक्ष कहार द्वारा सामूहिक सूर्य नमस्कार, योगासन एवं मल्लखंब की शानदार प्रस्तुति दी गई। साथ ही अखाड़े के विद्यार्थियों को मिठाई वितर...

आशापूर्णा देवी का कथा संसार भारतीय साहित्य जगत की उपलब्धि, जिसका साक्षात्कार कराती हैं बूला जी की कृतियां – प्रो शर्मा

आलोचना कृति आशापूर्णा तुमि सम्पूर्णा के सात खण्डों का हुआ लोकार्पण  बांग्ला लेखिका आशापूर्णा देवी का कथा संसार भारतीय साहित्य जगत की अनुपम उपलब्धि है। आशापूर्णा देवी की कहानियां एक ओर जहां असहाय नारी की विडंबना को शक्ति प्रदान करती हैं वहीं अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाती हैं। डॉ बूला कार की समीक्षा पुस्तकें उनके योगदान का साक्षात्कार कराती हैं। बूला जी अपनी कृतियों के माध्यम से आशापूर्णा में डूब कर स्वयं  आशापूर्णा हो गई हैं। सुविख्यात, रचनाकार आशापूर्णा देवी की दो सौ से अधिक कृतियों के साहित्य रूपी सागर से मोती चुनकर सात कृतियों में साहित्य प्रेमियों के समक्ष अनुपम कृतियां लेखिका ने प्रस्तुत की हैं।  ये उद्गार बतौर मुख्य अतिथि सम्राट् विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलानुशासक एवं समालोचक प्रो शैलेंद्र कुमार शर्मा ने हिंदी परिवार द्वारा आयोजित आलोचना कृति आशापूर्णा तुमि सम्पूर्णा के सात खण्डों के लोकार्पण अवसर पर व्यक्त किये। डॉ शर्मा ने कहा कि आशापूर्णा की रचनाओं में नारी के सभी स्वरूप दिखते हैं वहीं बूला कर द्वारा उन पर लिखित कृतियां हिंदी जगत की अनमोल धरोहर ...

भारतीय गणतंत्र की उद्घोषक उज्जयिनी पर केंद्रित राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन 22 जनवरी को

  प्राचीन भारत में गणतंत्र की अवधारणा और परम्परा पर गहन मंथन होगा सम्राट् विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में उज्जैन।  सम्राट् विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ के सहभाग से एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन स्वर्ण जयंती सभागार में प्रातः11:30 बजे से होगा। यह संगोष्ठी भारतीय गणतंत्र की उद्घोषक उज्जयिनी पर केंद्रित होगी, जिसमें विशेषज्ञ विद्वान प्राचीन भारत में गणतंत्र की अवधारणा और परम्परा पर गहन मंथन करेंगे।   यह जानकारी देते हुए मुख्य समन्वयक कुलानुशासक प्रो शैलेन्द्र कुमार शर्मा एवं संगोष्ठी संयोजक पुरातत्वविद् डॉक्टर रमण सोलंकी बताया कि पुरातन काल से भारतीय गणतंत्र का उद्घोषक उज्जैन रहा है। यह परंपरा निरंतर चली आ रही है। इस विषय लेकर गहन मंथन करते हुए देश दुनिया के समक्ष इससे जुड़े तथ्यों को पहुंचना चाहिए। इस तारतम्य में महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन स्वर्ण जयंती सभागार में पद्मश्री डॉ भगवतीलाल राजपुरोहित और महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान के सदस्य सचिव प्रो विरुपाक्ष जड्डीपाल के मुख्य आतिथ्य, पूर्व कुलगुरु प्र...

नई कविता आंदोलन और शमशेरबहादुर सिंह पर केंद्रित राष्ट्रीय संगोष्ठी सम्पन्न

शब्दों का संयम सिखाती है शमशेर जी की कविता – प्रो जितेंद्र श्रीवास्तव प्रणय, प्रकृति सौंदर्य और जीवन राग के कवि हैं शमशेर जी - प्रो शर्मा Ujjain | सम्राट् विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन की हिंदी अध्ययनशाला द्वारा प्रेमचंद सृजन पीठ एवं शमशेर साहित्य संस्थान उज्जैन के संयुक्त तत्वावधान में नई कविता आंदोलन और शमशेरबहादुर सिंह पर केंद्रित राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। आयोजन के मुख्य अतिथि इग्नू नई दिल्ली के कुलसचिव एवं वरिष्ठ कवि - आलोचक प्रो जितेंद्र श्रीवास्तव थे। अध्यक्षता वरिष्ठ विद्वान प्रो आनंदप्रकाश त्रिपाठी, सागर ने की। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता कुलानुशासक प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा, गुजरात विद्यापीठ के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो जसवंतभाई डी. पंड्या, अहमदाबाद, छत्रसाल विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष प्रो बहादुरसिंह परमार, छतरपुर, पूर्व प्राचार्य डॉ जय श्रीवास्तव, पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो हरिमोहन बुधौलिया, ललित कला विभागाध्यक्ष प्रो जगदीश चंद्र शर्मा, प्रेमचंद सृजन पीठ के निदेशक श्री मुकेश जोशी ने विचार व्यक्त किए।  मुख्य अतिथि कवि - समालोचक प्रो. जितेंद्र श्रीवास्तव, नई दिल...

धन्वन्तरि आयुर्वेद चिकित्सालय में अस्थिक्षय (Osteoporosis) पर विशेष शिविर आयोजित होगा

उज्जैन। शासकीय धन्वन्तरि आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के प्रभारी प्रधानाचार्य एवं अधीक्षक प्रोफेसर विभागाध्यक्ष डॉ. ओ.पी. व्यास द्वारा बताया गया कि शासकीय धन्वन्तरि आयुर्वेद चिकित्सालय में कायचिकित्सा विभाग के डॉ. नरेश जैन के निर्देशन में डॉ. जान्हवी मेश्राम, एम.डी. अध्येता कायचिकित्सा द्वारा अस्थिक्षय (Osteoporosis) विषय पर विशेष शोध कार्य किया जा रहा है। इस रोग में शरीर में केल्शियम एवं विटामिन डी की कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती है जिसके कारण, कमर दर्द, जोड़ों का दर्द, हड्डियों में जकड़न होने से फ्रेक्चर होने का खतरा बढ़ जाता है। गौरतलब है कि हड्डी रोगों से संबंधित जांच जो कि बाजार में अधिक मूल्य पर की जाती है, आमजन हेतु समस्त जाचें चिकित्सालय में निःशुल्क की जावेगी। आम जनता से अपील है कि अस्थिक्षय जैसे गंभीर रोग से पीड़ित रोगियों हेतु दिनांक 19. 01.2026 सोमवार को शासकीय धन्वन्तरि आयुर्वेद चिकित्सालय, चिमनगंज, उज्जैन के कक्ष कमांक 27 (कायचिकित्सा विभाग) में विशेष शिविर का आयोजन किया गया है। उक्त शिविर में रोगियों से संबंधित समस्त जांचें निःशुल्क की जावेगी जिसके उ...

संकल्प से समाधान की गूंज: ग्रामोदय से अभ्युदय अभियान के अंतर्गत जेएनआईबीएम में समूह परिचर्चा संवाद श्रृंखला आयोजित

युवाओं की सक्रिय सहभागिता से ग्राम स्तर पर परिवर्तन का आह्वान, शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर उज्जैन। प्रदेश के साथ-साथ जिले में  ग्रामोदय से अभ्युदय अभियान  को ग्राम विकास पखवाड़े के रूप में 12 जनवरी से 26 जनवरी तक संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत मप्र जनअभियान परिषद के तत्वावधान में पंडित जवाहरलाल नेहरू व्यवसाय प्रबंध संस्थान (जेएनआईबीएम), सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन के प्रबंध संकाय परिसर में  रोचक समूह मंथन: समूह परिचर्चा संवाद श्रृंखला  का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. डॉ. अर्पण भारद्वाज, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन ने शुभकामना संदेश प्रेषित करते हुए कहा कि सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वावलंबन, स्वदेशी भावना, नागरिक सेवा, शिक्षा एवं संस्कार, नशामुक्त समाज तथा गौ-संरक्षण जैसे संदेशों के साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाकर उन्हें लाभ लेने हेतु प्रेरित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से शहरों से भी युवा पीढ़ी की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करने पर...

विश्व मांगल्य सभा की मालवा प्रांत के प्रांत अधिवेशन की कार्य-नियोजन बैठक संपन्न

उज्जैन। विश्व मांगल्य सभा द्वारा ‘मातृ समागम’ प्रथम प्रांत अधिवेशन 31 जनवरी 2026 एवं 1 फरवरी 2026 को उज्जैन में आयोजित किया जाना है। इस अधिवेशन के कार्य-नियोजन हेतु आज मध्यप्रदेश अध्यक्ष श्रीमती सूरज जी डामोर की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई। जिसमें मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ प्रांत की संगठक मंत्री श्रीमती पूजा पाठक तथा मालवा प्रांत संयोजक श्रीमती सुनीता पाटिल ने विश्व मांगल्य सभा के सभी प्रमुख कार्यकर्ताओं को कार्यों का विभाजन किया और अधिवेशन के प्रबंधन संबंधी आवश्यक जानकारी दी। इस अधिवेशन में पूरे मालवा प्रांत के सोलह जिलों से लगभग पंद्रह सौ महिलाओं का आना निश्चित है। आयोजन को सुव्यवस्थित एवं सफल बनाने हेतु आज सभी कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर उज्जैन महानगर सचिव श्रीमती कल्पना शर्मा ने अब तक की अधिवेशन से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर मालवा प्रांत सदाचार सभा संयोजिका श्रीमती स्वाति भाटिया, मालवा प्रांत धर्म शिक्षा संयोजिका श्रीमती अनीता आप्टे, मालवा प्रांत बाल सभा संयोजिका श्रीमती अनुराधा कुलकर्णी, उज्जैन महानगर कार्यकारिणी संयोजिका डॉ. रुचिका खंडेलवाल, उ...

देवनागरी लिपि विश्व में अपनी वैज्ञानिकता एवं सामर्थ्य से आगे बढ़ रही है - डॉ. चौधरी

भारतवर्ष में प्रचलित अन्य लिपियों की श्रेणी में नागरी लिपि का स्थान सर्वोपरि माना जाता है। भारतीय लिपियों में सबसे अधिक प्रचलित है। यह लगभग 80 करोड़ से अधिक लोगो की लिपि है इसीलिए नागरी लिपि भारत की  राष्ट्रीय लिपि है। नागरी लिपि को समझने-पढ़ने वालो की संख्या विदेशो में अपनी सामर्थ्य से बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है। नागरी लिपि की शक्ति तथा वैज्ञानिकता के सुदृढ़ आधार है। विनोबाजी ने कहा नागरी ही नहीं नागरी भी इसका प्रयोग करना चाहिये।  उपर्युक्त विचार राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना के संगठन महामंत्री डॉ. प्रभु चौधरी ने विश्व हिन्दी दिवस की राष्ट्रीय संगोष्ठीः विश्व में नागरी लिपि का बढ़ता प्रभाव विषय पर च्वाईस कालेज पुणे के समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में व्यक्त किये। संगोष्ठी की मुख्य अतिथि डॉ. ममता जैन अप्रवासी साहित्यकार पुणे ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि देवनागरी लिपि के माध्यम से बंगला, मराठी, गुजराती अन्य हिन्दीतर भाषा के साहित्य को निकट लाया है। विदेशों में नागरी लिपि का प्रचार तेजी से बढ़ रहा है।  अध्यक्षीय भाषण में डॉ. अलका पोद्दार ने कहा कि देवनागरी लिपि सहज, सरल,...

प्रकृति के समस्त तत्व हैं शिवमय, शिव ही समस्त ज्ञान के उद्गम और ज्ञाता – राजदूत श्री अखिलेश मिश्रा

श्रीमहाकाल महोत्सव के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में हुआ शिव तत्व, श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग और शिवोपासना पर वैश्विक मंथन, देश दुनिया के तीस से अधिक विद्वानों ने व्याख्यान दिए Ujjain | वीर भारत न्यास एवं श्रीमहाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा 14 से 18 जनवरी 2026 तक महाकाल महालोक में श्रीमहाकाल महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। इस महोत्सव के अंतर्गत 15 जनवरी, गुरुवार को प्रातः सन्ध्या  तक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। शिव तत्त्व और श्रीमहाकाल: पुरातिहास, साहित्य और संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में पर केंद्रित इस संगोष्ठी में दुनिया के दस से अधिक देशों और भारत के बारह से अधिक राज्यों के विद्वानों ने विषय के विविध पक्षों पर प्रकाश डाला। संगोष्ठी का शुभारंभ आयरलैंड में भारत के महामहिम राजदूत श्री अखिलेश मिश्रा के मुख्य आतिथ्य में हुआ। अध्यक्षता पूर्व कुलपति प्रो बालकृष्ण शर्मा ने की। शुभारम्भ सत्र में पद्मश्री डॉ भगवतीलाल राजपुरोहित, कला मनीषी श्री नर्मदाप्रसाद उपाध्याय, इंदौर, वीर भारत न्यास के सदस्य श्री नरेश शर्मा, पुरातत्वविद डॉ नारायण व्यास, भोपाल, डॉ पूरन सहगल, मन...

श्रीमहाकाल महोत्सव के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में होगा शिव तत्व, श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग और शिवोपासना पर वैश्विक मंथन

  शिव तत्व, शिवोपासना और श्रीमहाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग से जुड़े विविध पक्षों पर विमर्श में भाग लेंगे देश - विदेश के प्रतिष्ठित विद्वान और शोधकर्ता 15 जनवरी को आयोजित संगोष्ठी में वीर भारत न्यास एवं श्रीमहाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा 14 से 18 जनवरी 2026 तक महाकाल महालोक में श्रीमहाकाल महोत्सव आयोजित किए जा रहा है। इस महोत्सव के अंतर्गत 15 जनवरी, गुरुवार को प्रातः काल 11 से सन्ध्या  तक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन होगा। शिव तत्त्व और श्रीमहाकाल: पुरातिहास, साहित्य और संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में पर केंद्रित इस संगोष्ठी में दस से अधिक देशों और भारत के बारह से अधिक राज्यों के विद्वान विषय के विविध पक्षों पर प्रकाश डालेंगे। विभिन्न देशों में आयरलैंड, मॉरीशस, यूएसए, यूके, नॉर्वे, नीदरलैंड, फीजी, स्वीडन, थाईलैंड, श्रीलंका, नेपाल आदि के अलावा भारत के बारह से अधिक राज्य सम्मिलित हैं।  वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी एवं संगोष्ठी के मुख्य समन्वयक एवं कुलानुशासक प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि संगोष्ठी का आयोजन त्रिवेणी कला एवं पुरातत्व ...

खेलो इंडिया बीच गेम्स–26: राष्ट्रीय मल्लखंब प्रतियोगिता में गुरु अखाड़े के राज तवंर को कांस्य पदक

Ujjain | घोघला बीच, दीव पर आयोजित खेलो इंडिया बीच गेम्स–26 के अंतर्गत सम्पन्न राष्ट्रीय मल्लखंब प्रतियोगिता में गुरु अखाड़े, उज्जैन के उभरते मल्लखंब खिलाड़ी श्री राज तवंर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अर्जित किया। श्री राज तवंर ने इस प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश मल्लखंब दल का प्रतिनिधित्व किया और प्रदेश का नाम रोशन किया। इस उपलब्धि पर उज्जैन उत्तर के लोकप्रिय विधायक माननीय श्री अनिलजी जैन कालूहेड़ा, श्री अच्युतानंद गुरु अखाड़ा व्यायामशाला न्यास, उज्जैन के अध्यक्ष एवं मध्य प्रदेश शासन के पूर्व मंत्री माननीय श्री पारसचंदजी जैन द्वारा श्री राज तवंर को पुष्प माला पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर गुरु अखाड़े के कोषाध्यक्ष श्री पुरूषोत्तमजी टेलर, श्री कैलाशजी चौधरी (पहलवान), मल्लखंब प्रशिक्षक श्री लीलाधर कहार, श्री गोकुल माली, मयंक कहार, अरुण पंवार सहित अन्य गणमान्यजन एवं खेल प्रेमी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। सभी ने श्री राज तवंर की इस सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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