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विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन द्वारा पीएच. डी. प्रवेश परीक्षा 18 जुलाई को होगी, आवेदन किए जा सकते हैं दिनांक 30 जून 2024 तक एम. पी. ऑनलाईन के माध्यम से

तीस विषयों में होगी पीएचडी प्रवेश परीक्षा उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा दिनांक 18 जुलाई 2024,  गुरुवार को आयोजित होने वाली ऑनलाइन कम्प्यूटर बेस्ड पीएच. डी. प्रवेश परीक्षा 2024 की संशोधित अधिसूचना जारी की गई है।  कुलसचिव डॉ अनिल कुमार शर्मा के अनुसार इस प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन दिनांक 30 जून 2024 तक एम. पी. ऑनलाईन की वेबसाइट के माध्यम से किए जा सकते हैं। विस्तृत जानकारी विक्रम विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.vikramuniv.ac.in पर उपलब्ध है। तीस विषयों में होगी पीएचडी प्रवेश परीक्षा विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन द्वारा पीएचडी प्रवेश परीक्षा के लिए अधिसूचना जारी की गई है, जिसके अनुसार 18 जुलाई 2024 को होने वाली पीएचडी प्रवेश परीक्षा 30 विषयों में  आयोजित की जाएगी। इन विषयों में सम्मिलित हैं, हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू, चित्रकला, संगीत, पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान, प्रा भा इतिहास संस्कृति एवं पुरातत्व, इतिहास, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, लोक प्रशासन, समाजशास्त्र, भूगोल, भौतिक शास्त्र, रसायन विज्ञान, सांख्यिकी, भौमिकी, गणित, फॉर्मेसी, वनस्पति शास्त्र, पर्यावरण प्रबंध,

पर्यावरण का संबंध भौतिक या बाह्य जीवन से ही नहीं, इसका रिश्ता भावात्मक, मूल्यपरक और सांस्कृतिक है – प्रो. शर्मा

भारत की पर्यावरणीय दृष्टि और वैश्विक परिदृश्य में उसकी प्रासंगिकता पर केंद्रित राष्ट्रीय संगोष्ठी सम्पन्न  राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना के तत्वावधान में विश्व पर्यावरण सप्ताह के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ। जिसका विषय था भारत की पर्यावरणीय दृष्टि और वैश्विक परिदृश्य में उसकी प्रासंगिकता। इस गोष्ठी में विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलानुशासक एवं हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र कुमार शर्मा ने अपने व्याख्यान में कहा कि पर्यावरण का संबंध केवल भौतिक या बाह्य जीवन से नहीं, अपितु इसका रिश्ता भावात्मक, मूल्यपरक, सांस्कृतिक और आत्मीय है। जल में अमृत है, जल में औषधि गुण विद्यमान रहते हैं। आवश्यकता है जल की शुद्धता, स्वच्छता बनाये रखने की। समग्र पृथ्वी और संपूर्ण परिवेश परिशुद्ध रहे, नदी, वन, उपवन, पर्वत सब स्वच्छ रहें, गांव, नगर सब को विस्तृत और उत्तम परिसर प्राप्त हो तभी जीवन का सम्यक विकास हो सकेगा। प्राचीन ऋषियों ने पृथ्वी का आधार ही जल और जंगल को माना है, इन्हें संरक्षित किए बिना हमारा अस्तित्व शून्य हो जाएगा।  अध्यक्षीय भाषण में संस्थाध्यक्ष एवं पूर्व संयुक्त संचालक शिक्षा श

धन्वन्तरि आयुर्वेद चिकित्सालय में "स्वर्णप्राशन" कार्यक्रम 10 जून को आयोजित होगा

उज्जैन। शासकीय धन्वन्तरि आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय के प्रधानाचार्य एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. जे.पी. चौरसिया ने बताया कि चिकित्सालय के शिशु एवं बालरोग विभाग के अंतर्गत 10 जून 2024 सोमवार को जन्म से लेकर 10 वर्ष तक के बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया जाएगा। बाल रोग चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. गीता जाटव ने बताया कि शिशु के बुद्धि व बलवर्धन तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिये एवं बार-बार होने वाले संक्रामक रोगों से बचाव के लिए अपने बच्चों का स्वर्णप्राशन अवश्य करावें। प्रत्येक बालक/बालिका का रजिस्ट्रेशन शुल्क रु. 50/- निर्धारित है। आयुर्वेद के ग्रन्थों में बच्चो के स्वास्थ्य संवर्धन के लिये स्वर्णप्राशन का अत्यधिक महत्व बताया गया है। चिकित्सालय अधीक्षक डॉ. ओ.पी. शर्मा तथा आर. एम. ओ. डॉ. हेमन्त मालवीय ने जानकारी दी कि चिकित्सालय के शिशु रोग विभाग में शिशुओं तथा बालक-बालिकाओं को प्रातः 10:00 बजे से स्वर्णप्राशन कराया जायेगा। उक्त जानकारी प्रधानाचार्य डॉ. जे.पी. चौरसिया तथा मीडिया प्रभारी डॉ. प्रकाश जोशी ने दी।

शौर्य यात्रा में पधारने हेतु अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा महिला प्रकोष्ठ द्वारा समाज के लोगों को घर-घर जाकर निमंत्रण दिया गया

उज्जैन। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा महिला प्रकोष्ठ द्वारा 9 जून को निकालने वाली महाराणा प्रताप जयंती के लिए समाज के लोगों को घर-घर जाकर निमंत्रण दिया और ज्यादा से ज्यादा संख्या में इस शौर्य यात्रा में पधार कर, शौर्य यात्रा को सफल बनाने का निवेदन किया गया । इसमें समाज की महिलाएं उपस्थित थीं।  श्रीमती हेमंत कंवर राठौड़ , अर्चना चंदेल, मंजू तोमर, रजनी सिकरवार , अर्चना तोमर , अपर्णा गहलोत,  नेहा चौहान आदि उपस्थित थे। यह जानकारी शहर कार्यकारिणी अध्यक्ष ममता गौड ने दी। 

संस्कृत की सारस्वत परम्परा के प्रतिनिधि थे पद्मश्री प्रो वेंकटाचलम, उनकी स्मृति में प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण दिशा में तत्पर हों – प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा

पद्मश्री स्व प्रो वी. वेंकटाचलम की पुण्यतिथि पर उनके सारस्वत अवदान पर विचार संगोष्ठी एवं पौधरोपण सम्पन्न उज्जैन। वृक्षमित्र सेवा समिति, उज्जैन एवं विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन द्वारा प्रख्यात साहित्य मनीषी  पद्मश्री स्व प्रो वी. वेंकटाचलम की पुण्यतिथि पर उनके सारस्वत अवदान पर विचार संगोष्ठी एवं पौधरोपण किया गया। वृक्षमित्र सेवा समिति द्वारा चलाए जा रहे सतत प्राणवायु अभियान के अंतर्गत आज  विक्रम विश्वविद्यालय के सुमन मानविकी भवन परिसर में मूर्धन्य विद्वान् एवं संस्थापक अध्यक्ष संस्कृत विभाग पद्मश्री स्व. श्री वी. वेंकटाचलम की पुण्यतिथि के अवसर पर उनके अवदान पर केंद्रित विचार संगोष्ठी के साथ पौधरोपण किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलानुशासक प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा और विशिष्ट अतिथि श्रीमती शुभा मुंगी थीं।  स्व. श्री वेंकटाचलम एवं स्व. श्रीमती वी. गोमती के स्मारणार्थ परिवार के सौजन्य से सुमन मानविकी भवन के पास नंदनम् वाटिका निर्मित की है, जहाँ पौधरोपण किया गया। यह जानकारी देते हुए संस्था अध्यक्ष श्री अजय भातखंडे ने बताया कि इस वर्ष समिति द्वारा 5000 पौधे लगाने का स

विक्रम विश्वविद्यालय की भौतिकी अध्ययनशाला में नवनिर्मित सुश्रुत वाटिका में पौधारोपण सम्पन्न

उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन की भौतिक विज्ञान अध्ययनशाला में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सर्जरी विभाग आर. डी. गार्डी मेडिकल कॉलेज के सौजन्य से नवनिर्मित सुश्रुत वाटिका में पौधारोपण किया गया। यह पौधारोपण का कार्यक्रम वृक्ष मित्र सेवा समिति के सतत प्राण वायु अभियान के अंतर्गत किया गया। विक्रम विश्वविद्यालय में पहले भी पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्ष मित्र सेवा समिति के सौजन्य से कई प्रयास किया जा चुके हैं। समिति पर्यावरण की सुरक्षा के लिए सतत प्रयासरत है। पेड़ लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण के लिए भी कार्य कर रहे हैं, जो अत्यंत सराहनीय है।  इस कार्यक्रम में विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, कुलगुरु विक्रम विश्वविद्यालय प्रो अखिलेश कुमार पांडेय, आर. डी. गार्डी कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. वी के महादिक विभागाध्यक्ष सर्जरी डॉ. सत्येंद्र प्रसाद मुखिया, सर्जरी प्राध्यापक डॉ. श्याम  धकैता, नगर भाजपा महामंत्री श्री संजय अग्रवाल, विक्रम विश्वविद्यालय के कार्य परिषद सदस्य श्री राजेश सिंह कुशवाह, संजय नाहर आदि उपस्थित थे। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के विभिन्न प्राध्यापक गण व वृक्ष मित्र सेवा समित

विश्व पर्यावरण दिवस पर धन्वन्तरि आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय में हुआ पौधारोपण

उज्जैन। आयुष विभाग मंत्रालय मध्यप्रदेश शासन एवं संचालनालय आयुष विभाग, भोपाल से प्राप्त निर्देश के परिपालन में शासकीय धन्वन्तरि आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय मंगलनाथ मार्ग, उज्जैन में दिनांक 05.06.2024 बुधवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर संगोष्ठी एवं महाविद्यालय के वनौषधी उद्यान में नीम, पीपप, बिल्व आदि के पौधों का रोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्था के प्रधानाचार्य डॉ. जे.पी. चौरसिया ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि शासन निर्देशानुसार विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में संस्था में पर्यावरण की रक्षा में आयुर्वेद की उपयोगिता पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें संस्था के सभी शिक्षक एवं यू.जी. एवं पी.जी. के विद्यार्थी उपस्थित रहे।  कार्यक्रम में विषय प्रवर्तन करते हुये डॉ. रामतीर्थ शर्मा ने वैदिक वांगमय में उपलब्ध वनौषधियों का विवरण देते हुये बताया कि बरगद, नीम, पीपल, आम, बिल्व, कपित्थ आदि के वृक्षों को लगाना चाहिए। ये वृक्ष पुण्यप्रद वृक्ष कहलाते हैं। डॉ. अजयकीर्ति जैन ने जैन दर्शन में वर्णित 24 वृक्षों का विवरण दिया जिनके नीचे बैठक तपस्या करते हुय तीर्थंकर भगवन्तों

हमारी धरती, हमारा भविष्य

विश्व पर्यावरण दिवस की आप सभी को हार्दिक बधाई हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस (world environment day) सेलिब्रेट किया जाता है। ये दिन इसलिए मनाया जाता है ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को प्रकृति से जुड़ी समस्याओं के बारे में जागरूक किया जा सके, साथ ही इसके समाधान के लिए कोई ठोस कदम उठाया जा सके। वहीं पर्यावरण दिवस पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। पहली बार विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून, 1972 को मनाया गया था। इसीलिए हर साल 5 जून को यह सेलिब्रेट किया जाता है। इस साल 2024 की थीम “भूमि बहाली, मरुस्थलीकरण और सूखा सहनशीलता ( Land Restoration, Desertification and Drought Resilience)” है।  पूरे विश्व में प्रदूषण काफी तेजी से फैलने रहा है और प्रकृति को प्रदूषण से बचाने के लिए पर्यावरण दिवस को मनाया जाता है जिससे  लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक और प्रदूषित होने से बचाने के लिए प्रेरित किया जाता है। आओ आज हम सभी यह प्रतिज्ञा करे कि हम सभी अपने दैनिक कार्यकलापों में प्रकृति के अनुकूल व्यवहार अपनाकर पर्यावरण के संवर्धन हेतु सतत प्रयास करेंगे 🙏🙏🙏

प्रकृति मां का ही स्वरूप होती है, अतः मां के समान मान कर इसका संरक्षण करने में हर संभव योगदान दें – कुलगुरु अखिलेश कुमार पाण्डेय, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन

विश्व पर्यावरण दिवस, 5 जून पर विशेष उज्जैन। सम्पूर्ण विश्व आज पर्यावरण संकट से जूझ रहा है। पूरी दुनिया में पर्यावरण के प्रति चेतना जाग्रत करने के लिए पर्यावरण दिवस (World Environment Day 2024) हर साल 5 जून को मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने 5 जून 1972 से इस दिवस को मनाने की शुरुआत की थी। तब से 5 जून को पूरी दुनिया में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण के बारे में लोगों को सचेत करना है। इस दिन लोगों को जागरूक करने के लिए पर्यावरण से संबंधित कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष पर्यावरण दिवस थीम का फोकस 'हमारी भूमि' नारे के अंतर्गत भूमि बहाली, मरुस्थलीकरण और सूखे पर अंकुश लगाने पर केंद्रित है। पूरे देश में पर्यावरण के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उज्जैन शहर एवं शहर में स्थित विक्रम विश्वविद्यालय ने भी पर्यावरण के संरक्षण हेतु कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स का समावेश है और ये विशेष रूप से पर्यावरण संरक्षण हेतु सामाजिक दायित्वों का बोध कराते हैं, इ

देवीलाल जी ने स्वेच्छा से दान किया आयुर्वेद चिकित्सालय को व्हील चेयर

उज्जैन। शहर के सम्माननीय नागरिक श्री देवीलाल पोरवाल जी ने अपनी स्वर्गीय धर्मपत्नी श्रीमती दुर्गा बाई जी की पुण्य स्मृति में चिमनगंज स्थित शासकीय धन्वंतरी आयुर्वेद चिकित्सालय में डॉ प्रकाश जोशी की प्रेरणा से रोगियों के सेवार्थ स्वेच्छा से नव व्हील चेयर दान स्वरूप भेंट किया।  चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ ओ.पी. शर्मा एवं प्राचार्य डॉ जे.पी. चौरसिया ने रोगियों के सेवार्थ व्हील चेयर चिकित्सालय हेतु सहर्ष स्वीकार कर देवीलाल जो को धन्यवाद एवं आभार ज्ञापित किया। चिकित्सालय हेतु परोपकार स्वरूप सामाजिक कार्यों को प्रोत्साहित करने का कार्य सदा ही करने वाले डॉ प्रकाश जोशी का भी आभार प्रदर्शन किया।

विद्या को मन से ग्रहण करिए, विषय को जड़ से सीखिए और उसमें विशेषज्ञता अर्जित करिए, सफल स्वयं हो जायेंगे - कुलपति प्रोफेसर अखिलेश कुमार पाण्डेय

विक्रम विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी  में हुआ कुलगुरु संवाद कार्यक्रम और प्रतिभा सम्मान समारोह  उज्जैन। दिनांक 3 जून को विश्वविद्यालय चलो अभियान के तहत विक्रम विश्वविद्यालय की स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी - एस ओ ई टी  में कुलगुरु के साथ संवाद एवं प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय के विभिन्न विभाग के विद्यार्थियों ने विक्रम विश्वविद्यालय के  कुलगुरु प्रोफेसर अखिलेश कुमार पाण्डेय ने विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद  किया।  कार्यक्रम की पीठिका रखते हुए विक्रम विश्वविद्यालय के कुलानुशासक प्रोफेसर शैलेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम का मूल उद्देश्य यह है को विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी विद्यार्थियों से सीधा संपर्क साध कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विभिन्न विद्यार्थियों को एक पटल पर ला कर उन्हें विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों और उनकी विशेषताओं से परिचित कराने का कार्य करते हैं।  कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉक्टर जया मिश्र, वर

विश्वविद्यालय चलो अभियान के अंतर्गत विक्रम विश्वविद्यालय में कुलगुरु के साथ संवाद, प्रतिभा सम्मान एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन दिनांक 3 जून को प्रातः 11 बजे होगा

उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन में दिनांक 22 मई से 3 जून तक चलाये जा रहे विश्वविद्यालय चलो अभियान के अंतर्गत विश्वविद्यालय में प्रतिभा सम्मान, बृहद्  रोजगार मेला, करियर मार्गदर्शन एवं प्रवेशोत्सव का आयोजन किया गया। इसी क्रम में दिनांक 3 जून 2024 को प्रातः 11 बजे कुलगुरु के साथ संवाद, प्रतिभा सम्मान एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन होगा। विक्रम विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो अखिलेश कुमार पाण्डेय विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें राष्ट्रीय शिक्षा नीति के परिप्रेक्ष्य में करियर अवसरों पर मार्गदर्शन के साथ विश्वविद्यालय में उपलब्ध पाठ्यक्रमों के बारे में चर्चा करेंगे। साथ ही उनकी शंकाओं का समाधान करेंगे। विक्रम विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉक्टर अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि यह कार्यक्रम विक्रम विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ स्टडीज इन इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी विभाग में दिनांक 3 जून को प्रातः11 बजे होगा। यह आयोजन स्कूल के विद्यार्थियों से संपर्क और संवाद का एक उत्तम माध्यम होगा। उज्जैन क्षेत्र के कई स्कूलों के विद्यार्थियों के साथ-साथ महाविद्यालयों और विश्वविद्यालय की विभिन्न अध्ययनशालाओं के

विक्रम विश्वविद्यालय में विश्वविद्यालय चलो अभियान के अंतर्गत कुलगुरु के साथ संवाद एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन दिनांक 3 जून को प्रातः 11 बजे से

उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन में दिनांक 22 मई से 3 जून तक विश्वविद्यालय चलो अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत विश्वविद्यालय में मेगा  रोजगार मेला, करियर मार्गदर्शन एवं प्रवेशोत्सव का आयोजन किया गया। इसी क्रम में दिनांक 3 जून 2024 को विक्रम विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो अखिलेश कुमार पाण्डेय विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें राष्ट्रीय शिक्षा नीति के परिप्रेक्ष्य में करियर अवसरों पर चर्चा के साथ विश्वविद्यालय में उपलब्ध पाठ्यक्रमों के बारे में बताएंगे और उनकी शंकाओं का समाधान करेंगे। विक्रम विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉक्टर अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि यह कार्यक्रम विक्रम विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ स्टडीज इन इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी विभाग में दिनांक 3 जून प्रातः11 बजे होगा। यह आयोजन स्कूल के विद्यार्थियों से संपर्क और संवाद का एक उत्तम माध्यम होगा। उज्जैन क्षेत्र के कई स्कूलों के विद्यार्थियों के साथ-साथ महाविद्यालयों और विश्वविद्यालय की विभिन्न अध्ययनशालाओं के विद्यार्थी भी भाग लेंगे।  विक्रम विश्वविद्यालय के कुलानुशासक प्रो शैलेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि इस अवसर पर 1

सांस्कृतिक पुनर्जागरण की पुरोधा थीं अहिल्याबाई - डॉ. शैलेंद्रकुमार शर्मा

राष्ट्र माता अहिल्याबाई होलकर और विविध परिप्रेक्ष्य में उनका योगदान पर केंद्रित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसका विषय राष्ट्र माता अहिल्याबाई होलकर और विविध परिप्रेक्ष्य में उनका योगदान था। संगोष्ठी में मुख्य वक्ता प्रो. डॉ. शैलेंद्र कुमार शर्मा ,हिंदी विभागाध्यक्ष एवं कुलानुशासक, विक्रम विद्यालय उज्जैन ने अपने मंतव्य में कहा कि देश विदेश के इतिहासकारों ने अहिल्याबाई होलकर की प्रशंसा की है। मालकम ने अपनी किताब में लिखा है कि स्थान स्थान पर मालवा की इन सिरमौर की चर्चा सुनी थी। अहिल्याबाई होल्कर ने स्त्री के समस्त रूपों को उत्कर्ष पर पहुँचाया। वे भावात्मक और सांस्कृतिक एकता के लिए समर्पित रहीं।  सांस्कृतिक पुनर्जागरण की पुरोधा के रूप में अहिल्याबाई का योगदान अविस्मरणीय है।   डॉ . हरिसिंह पाल महामंत्री ,नागरी लिपि परिषद, दिल्ली ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर संकल्पित महिला थीं। नारी सशक्तिकरण में उनका बहुत बड़ा योगदान है।   डॉ आनंद कृष्णन , अमेरिका ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर की कई कहानियों से प्रेरणा मिलती है

वेदर फोरकास्टिंग स्टेशन की विक्रम विश्वविद्यालय में स्थापना से विश्वविद्यालय में नवाचार का एक नया युग प्रारंभ होगा - कुलगुरु प्रो अखिलेश कुमार पाण्डेय

विक्रम विश्वविद्यालय की भू विज्ञान अध्यनशाला में स्थापित वेदर स्टेशन ने काम करना चालू किया उज्जैन। गत कुछ वर्षों में पृथ्वी का तापमान बहुत बढ़ गया है। ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन, रेडिएशन से जो दुष्प्रभाव हो रहा है वह ये संकेत है कि हमें इस जल वायु परिवर्तन के प्रति सजग होना होगा। आगे और भयावह हालात न बने इसके लिए सरकार के साथ-साथ जिम्मेदार संस्थाओं को भी महत्वपूर्ण कदम उठाने होंगे। इसी शृंखला में विक्रम विश्वविद्यालय की भू विज्ञान अध्ययनशाला में मौसम विभाग, भारत सरकार के साथ मिलकर वेदर स्टेशन की स्थापना की जा रही है, जो उज्जैन शहर एवं आसपास के मौसम की जानकारी देगा।  इस अवसर पर विक्रम विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो अखिलेश कुमार पांडेय ने बताया कि इस वेदर स्टेशन ने काम करना शुरू भी कर दिया है और 30 मई इससे हवा के तापमान और नमी की जानकारी प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि वेदर फोरकास्टिंग स्टेशन की विक्रम विश्वविद्यालय में स्थापना से विश्वविद्यालय में नवाचार के एक नए युग का प्रारंभ होगा और यह वेदर स्टेशन मध्य प्रदेश में स्थापित होने वाला अपने प्रकार का पहला वेदर स्टेशन है।  भू विज्ञान

कलावती जमड़ा काव्य बीज प्रेरणा सम्मान समारोह आयोजित

जावरा । श्री कला-मोहन भाषा, साहित्य और संगीत केंद्र द्वारा आयोजित वार्षिक 'माँ कलावती जमड़ा काव्य बीज प्रेरणा सम्मान समारोह' वरेण्य साहित्य मनीषी जन की उपस्थिति में संपन्न हुआ। विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के हिन्दी विभाग के कुलानुशासक डॉ. शैलेन्द्र कुमार शर्मा और अध्यक्षता कर रहे प्रख्यात लेखक श्री विष्णु बैरागी ने माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर और दीप प्रज्ज्वलन कर समारोह का शुभारंभ किया। सरस्वती वंदना कुंवारी गार्गी-सिद्धि जमड़ा ने प्रस्तुत की।भोपाल की डॉ.वंदना मिश्रा को 2023 का माँ कलावती जमड़ा काव्य बीज प्रेरणा सम्मान प्रदान किया गया। द्वितीय स्थान पर रतलाम की श्रीमती रश्मि पंडित को भी यह सम्मान प्रदान किया गया। प्रथम स्थान पर संयुक्त विजेता रहे इंदौर डॉ.विदित पांचाल के प्रतिनिधि के तौर पर आए उनके माता-पिता को भी शाल, अभिनन्दन पत्र से सम्मानित किया गया । समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ.शैलेन्द्र कुमार शर्मा ने केंद्र की गतिविधियों को साहित्य, संगीत और लोक परंपरा को समृद्ध करने वाली बताया। अध्यक्षता कर रहे ख्यात लेखक श्री विष्णु बैरागी ने छोटे से कस्

विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन द्वारा पीएच. डी. प्रवेश परीक्षा की अधिसूचना जारी

उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा दिनांक 30 जून 2024, रविवार को आयोजित होने वाली ऑनलाइन कम्प्यूटर बेस्ड पीएच. डी. प्रवेश परीक्षा 2024 की अधिसूचना जारी की गई है।  कुलसचिव डॉ अनिल कुमार शर्मा के अनुसार इस प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन दिनांक 18 जून 2024 तक एम. पी. ऑनलाईन की वेबसाइट के माध्यम से किए जा सकते हैं। विस्तृत जानकारी विक्रम विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.vikramuniv.ac.in पर उपलब्ध है।

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