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मेगा ओपन जॉब फेयर 23 अक्टूबर को विक्रम विश्वविद्यालय में, विभिन्न कंपनियों में जॉब प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे

उज्जैन : विक्रम विश्वविद्यालय द्वारा 23 अक्टूबर 2021 को मेगा ओपन जॉब फेयर आयोजित किया जा रहा है। इस जॉब फेयर में विक्रम विश्वविद्यालय के सभी विद्यार्थी, जो पीजी और यूजी के हैं, सीधे कंपनी में इंटरव्यू देकर अपनी जॉब प्राप्त कर सकते हैं। इस जॉब फेयर में तकनीकी तथा गैर तकनीकी छात्रों को उनकी योग्यता के अनुसार जॉब प्रदान किए जाएंगे। विक्रम विश्वविद्यालय में इससे पहले भी प्लेसमेंट के कई कार्य किए जा चुके हैं, जिससे कई छात्र लाभान्वित हुए हैं। इसी कड़ी में विक्रम विश्वविद्यालय में दिनांक 23 अक्टूबर को जॉब प्लेसमेंट का बड़ा आयोजन किया जा रहा है,  जिसमें अनेक कंपनियों द्वारा छात्रों का साक्षात्कार लेकर उन्हें योग्यता अनुसार जॉब प्रदान किए जाएंगे। इस अवसर पर विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अखिलेश कुमार पाण्डेय , कुलसचिव डॉ प्रशांत पुराणिक तथा कुलानुशासक प्रोफेसर शैलेंद्र कुमार शर्मा ने विक्रम विश्वविद्यालय के सभी छात्रों को शुभकामनाएं दीं। जॉब फेयर का आयोजन गणित विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ संदीप कुमार तिवारी के मार्गदर्शन में अभिषेक सोनी, डॉ. ब्रह्मदत्त शुक्ला, शिवी भसीन,

देवनागरी सार्वदेशिक प्रचलित व वैज्ञानिक लिपि है, भारत की समस्त भाषाओं की लिपि देवनागरी होगी - डॉ चौधरी

नागरी लिपि परिषद् नई दिल्ली के द्वारा स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय हुडको भिलाई के हिन्दी विभाग तथा राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना मंच के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसका विषय सार्वदेशिक लिपि देवनागरी सफलता और संभावनाऐं तथा महिला सशक्तिकरण और शिक्षा की अनिवार्यता रखा गया था। समारोह के मुख्य वक्ता डॉ. प्रभु चौधरी राष्ट्रीय महासचिव राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना ने देव नागरी लिपि की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया देवनागरी केवल हिन्दी की लिपि नही है अपितु हिन्दी की अठारह सहयोगी बोलियों की भी लिपि है यह सार्वदेशिक लिपि है अपनी वैज्ञानिकता के कारण अर्न्तराष्ट्रीय लिपि बनने की योग्यता भी हैं । डॉ. दीपक शर्मा मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय हुडको भिलाई ने कहा कि इस तरह संगोष्ठी के आयोजन से समसामयिक विषयों को समझने व जानने का नया आयाम मिलता है। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. हंसा शुक्ला ने कहा भारत के संविधान में जब हिन्दी को राष्ट्रभाषा घोषित किया गया व उसकी लिपि देवनागरी रखी गई यह संस्कृत की एकमात्र लिपि है ।

विश्वविद्यालय के पूर्व सहायक कुलसचिव श्री कुरुप के निधन से शोक की लहर

उज्जैन : विक्रम विश्वविद्यालय के पूर्व सहायक कुलसचिव एवं वरिष्ठ समाजसेवी श्री सदाशिव कुरुप के असामयिक दुखद निधन से शोक की लहर व्याप्त हो गई। वे माधव कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय की प्राध्यापक प्रो राजश्री शर्मा के पिताश्री और विक्रम  विश्वविद्यालय के कुलानुशासक प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा के श्वसुर थे।  उनकी अंतिम यात्रा 21 अक्टूबर, गुरुवार को प्रातः काल 10 बजे 75 बी, मंगल कॉलोनी, रिंग रोड स्थित निवास से चक्रतीर्थ के लिए रवाना होगी। अपने पीछे वे दो पुत्र और एक पुत्री सहित भरापूरा परिवार छोड़कर गए हैं। वे सत्तासी वर्ष के थे।  श्री कुरुप के निधन पर विक्रम विश्वविद्यालय, पेंशनर समाज, मलयाली एसोसिएशन, श्रीअय्यप्पा मंदिर समिति एवं भक्त मंडल, सेंट मेरीज कॉन्वेंट स्कूल सहित अनेक सामाजिक एवं शैक्षिक संस्थाओं ने श्रद्धाजंलि अर्पित की है।

विक्रम विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंजीन्यरिंग एण्ड टेक्नोलॉजी संस्थान में बी.टेक प्रथम वर्ष एवं लेट्रलऐन्ट्री द्वितीय वर्ष में रिक्त सीटों पर प्रवेश हेतु संस्था स्तर काउंसलिंग निम्न समय-सारणी अनुसार आयोजित की जाएगी ।

 

विक्रम विश्वविद्यालय में संचालित पाठ्यक्रमों में रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए 30 अक्टूबर तक किए जा सकेंगे आवेदन

उज्जैन :  विक्रम विश्वविद्यालय की विभिन्न अध्ययनशालाओं एवं संस्थानों में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों में रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए आवेदन 30 अक्टूबर तक किए जा सकते हैं।  प्रो. शैलेंद्रकुमार शर्मा, कुलानुशासक, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि,  विश्वविद्यालय में संचालित पाठ्यक्रमों से संबन्धित विस्तृत विवरण विक्रम विश्वविद्यालय की वेबसाइट    http://vikramuniv.ac.in/   से प्राप्त किया जा सकता है। विशेष जानकारी के लिए  विद्यार्थी देवास रोड पर स्थित विश्वविद्यालय के अकादमिक परिसर में विभिन्न अध्ययनशालाओं एवं संस्थानों से संपर्क कर सकते हैं।  MBA/MCA Counselling on 20 oct

विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों के प्रायोगिक एवं अनुसंधान कार्य हेतु मशरुम की कई प्रजातियां उपलब्ध - कुलपति प्रो पांडेय

उज्जैन : विक्रम विश्वविद्यालय परिसर में मशरुम की कई प्रजातियां दूसरे पौधों पर वृद्धि करती हुई दिखाई देती हैं। प्रातःकालीन भ्रमण एवं विभागों के निरीक्षण के दौरान विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय ने विश्वविद्यालय परिसर में कुछ वृक्षों पर मशरुम की विशिष्ट प्रजातियों की कई कॉलोनीज पायीं। देवास रोड पर स्थित सर्किट हाउस के परिसर में स्थित पेड़ों पर भी उन्होंने विशिष्ट प्रजाति के मशरूम पाए। उन्होंने इन प्रजातियों की पहचान कराते हुए प्राणिकी एवं जैवप्रौद्योगिकी, वनस्पति विज्ञान, फार्मेसी, माइक्रोबायोलॉजी एवं रसायनशास्त्र के शिक्षकों को निर्देशित किया कि मशरुम की जैव विविधता का अध्ययन छात्रों के प्रायोगिक एवं अनुसंधान कार्य में शामिल किया जाये।  छात्रों को परिसर का भ्रमण कराते हुए मशरुम की प्रजातियों की पहचान, उपयोग एवं उनके आवास स्थल के बारे में विस्तृत अध्ययन रिपोर्ट बनवाई जाये। यह सर्वमान्य है कि प्रो पांडेय देश के प्रसिद्ध कवक वैज्ञानिक हैं, जिन्होंने इस क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण अनुसन्धान परियोजनाओं को पूर्ण किया है। उनके निर्देशन में कई छात्रों को श

कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षा नीति का उत्कृष्ट पुरस्कार

  उज्जैन : मध्यप्रदेश में नई शिक्षा नीति का सर्वप्रथम क्रियान्वयन करने पर जबलपुर में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षा नीति में उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। एनवायरनमेंट एवं सोशल वेलफेयर सोसाइटी, खजुराहो एवं प्राणीशास्त्र एवं जैवप्रौद्योगिकी विभाग, शासकीय विज्ञान स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जबलपुर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजन दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन जबलपुर में किया गया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश में नई शिक्षा नीति के सर्वप्रथम क्रियान्वयन के लिए विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षानीति में उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय की प्रशासनिक कार्यकुशलता से आज विश्वविद्यालय नई शिक्षा का क्रियान्वयन करने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है। इस उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ प्रशांत पुराणिक एवं कुलानुशासक प्रो शैलेन्द्र कुमार शर्मा ने कुलपति प्रो पांडेय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक

विक्रम विश्वविद्यालय में 18 अक्टूबर को अवकाश रहेगा।

उज्जैन : विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलानुशासक, प्रो शैलेन्द्रकुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि, कुलसचिव आदेशानुसार विश्वविद्यालय में 30 अगस्त 2021 जन्माष्टमी पर्व पर विश्वविद्यालय कार्य से शासकीय अवकाश को स्थगित किये जाने पर उसके स्थान पर दिनांक 18 अक्टूबर 2021 को विश्वविद्यालय में अवकाश रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि, 18 अक्टूबर को पूर्व में प्रस्तावित शेक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्य यथावत सम्पन्न होंगे।

विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा पीजी डिप्लोमा इन योगा परीक्षा के परिणाम घोषित

उज्जैन : विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलानुशासक प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा ने बताया कि, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा पीजी डिप्लोमा इन योगा परीक्षा के परिणाम घोषित हुए हैं, जिसे विद्यार्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं... 

नवरात्रि में देवी मां का नौवां रूप : मां सिद्धिदात्री, जानें देवी मां का स्वरूप, पूजा विधि, मंत्र, भोग व मिलने वाला आशीर्वाद

सिद्धिदात्री सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि। सेव्यामाना सदा भूयात सिद्धिदा सिद्धिदायिनी।। मां दुर्गा की नौवीं शक्ति को सिद्धिदात्री कहते हैं। जैसा कि नाम से प्रकट है ये सभी प्रकार की सिद्धियों को प्रदान करने वाली हैं। नव दुर्गाओं में मां सिद्धिदात्री अंतिम हैं। इनकी उपासना के बाद भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। देवी के लिए बनाए नैवेद्य की थाली में भोग का सामान रखकर प्रार्थना करनी चाहिए। नवरात्रि में देवी मां का नौवां (नवमी) रूप :  मां सिद्धिदात्री... मां का स्वरूप :  मां सिद्धिदात्री कमल के फूल पर विराजमान हैं और उनकी चार भुजाएँ हैं। मां सिद्धिदात्री की सवारी सिंह हैं। देवी ने सिद्धिदात्री का यह रूप भक्तों पर अनुकम्पा बरसाने के लिए धारण किया है। देवता, ऋषि-मुनि, असुर, नाग, मनुष्य सभी मां के भक्त हैं। मां की पूजा विधि :   सबसे पहले मां सिद्धिदात्री के समक्ष दीपक जलाएं। अब मां को लाल रंग के नौ फूल अर्पित करें। कमल का फूल हो तो बेहतर है। इन फूलों को लाल रंग के वस्त्र में लपेटकर रखना चाहिए। इसके बाद माता को नौ तरह के खाद्य पदार्थ चढ़ाएं। अपने आसपास के लोगों में प्र

शोध नैतिकता एंड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट पर हुआ मंथन

  उज्जैन : इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल विक्रम विश्वविद्यालय द्वारा एलुमनी वेब लेक्चर सीरीज का आयोजन किया गया, जिसमें रिसर्च एथिक्स एंड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट पर चर्चा की गई। कार्यक्रम की संयोजिका प्रोफेसर उमा शर्मा रिसर्च सेल इन विक्रम विश्वविद्यालय द्वारा स्वागत भाषण किया गया, पश्चात प्रोफेसर एच पी सिंह (सांख्यिकी अध्ययनशाला) ने रिसर्च एथिक्स और आईपीआर के बारे में अनेक जानकारी प्रदान की l कार्यक्रम के अध्यक्ष माननीय प्रोफेसर अखिलेश कुमार पांडेय कुलपति, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन ने वैदिक संस्कृति की अनेक तकनीकियों के प्रयोग तथा बासमती चावल और हल्दी के पेटेंट पर जानकारी देते हुए रिसर्च एथिक्स के बारे में जानकारी प्रदान की। सह संरक्षक प्रोफेसर प्रमोद कुमार वर्मा डायरेक्टर ऑफ आइक्यूएसी विक्रम विश्वविद्यालय ने इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स तथा रिसर्च एथिक्स के बारे अनेक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की l उक्त वेबीनार में मौलाना आजाद नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी भोपाल की डॉ विनीता महिंद्रा ने कंसेप्ट एंड ओवरव्यू ऑफ आईपीआर - नो योर राइट पर अपना महत्वपूर्ण व्याख्यान दिया l दूस

प्राणिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी अध्ययनशाला विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन में विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन

उज्जैन: आज़ादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत दिनांक 13 अक्टूबर 2021 को विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन प्राणिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी अध्ययनशाला विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन में किया गया। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रोफेसर अखिलेश कुमार पांडेय, कुलपति विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन ने एपिजेनेटिक मॉडिफिकेशन तथा आर्गेनिक फार्मिंग के क्षेत्र में अनुसन्धान की संभावनाएं एवं उपयोगिता विषय पर छात्रों को भविष्य की संभावनाएं तलाशने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया। विशिष्ट व्याख्यान की प्रथम वक्ता के रूप में डॉ वाणी मिश्रा, वैज्ञानिक, नैनोटेक्नोलाजी सेंटर इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) ने रेगुलेटरी रोल ऑफ़ मॉलिक्यूलर मार्कर्स थ्रू एपिजेनेटिक मॉडिफिकेशन विषय पर व्याख्यान दिया। कार्यक्रम में दूसरे विषय विशेषज्ञ डॉ रोहित कुमार मिश्रा, एसोसिएट प्रोफेसर, सेंटर ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) बायोइनोकुलंत द कांसेप्ट ऑफ़ मॉर्डर्न हेरिटेज फॉर आर्गेनिक फार्मिंग विषय पर अपना व्याख्यान दिया। कार्यक्

नवरात्रि में देवी मां का आठवां रूप : मां महागौरी, दुर्गा महाअष्टमी, जानें देवी मां का स्वरूप, पूजा विधि, मंत्र, भोग व मिलने वाला आशीर्वाद

  महागौरी श्वेते वृषे समरूढ़ा श्वेताम्बरधरा शुचिः। महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा।। मां दुर्गा के आठवें स्वरूप का नाम महागौरी है। दुर्गा पूजा के आठवें दिन महागौरी की उपासना का विधान है। इनकी शक्ति अमोघ और फलदायिनी है। इनकी उपासना से भक्तों के सभी कलुष धुल जाते हैं। नवरात्रि में देवी मां का आठवां (अष्टमी) रूप : मां महागौरी, दुर्गा महा अष्टमी... मां का स्वरूप :   मां की वर्ण पूर्णत: गौरवर्ण है। इनके गौरता की उपमा शंख, चन्द्र और कुन्द के फूल से दी जाती है। आठ वर्षीय महागौरी के समस्त वस्त्र तथा आभूषण आदि भी श्वेत हैं। इनकी चार भुजाएं है तथा वाहन वृषभ (बैल) है। मां की मुद्रा अत्यन्त शांत है और ये अपने हाथों में डमरू, त्रिशूल धारण किए वर मुद्रा और अभय-मुद्रा धारिणी है। मां की पूजा विधि :   इनकी पूजा करने के लिए भक्त को नवरात्रा के आठवें दिन मां की प्रतिमा अथवा चित्र लेकर उसे लकड़ी की चौकी पर विराजमान करना चाहिए। इसके पश्चात पंचोपचार कर पुष्पमाला अर्पण कर देसी घी का दीपक तथा धूपबत्ती जलानी चाहिए। मां के आगे प्रसाद निवेदन करने के बाद साधक अपने मन को महागौरी के ध्यान में लीन कर निम्न म

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