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बलिदानी व्यक्तित्व गुरु तेग बहादुर जी का स्थान अद्वितीय – प्रो शर्मा

गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी और कवि सम्मेलन उज्जैन। भारतीय-नार्वेजीय सूचना एवं सांस्कृतिक फोरम की ओर से गुरु श्री तेग बहादुर महाराज जी के शहीदी दिवस पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी और कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। आयोजन के मुख्य अतिथि विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के प्रभारी कुलपति प्रो. शैलेन्द्र कुमार शर्मा थे। अध्यक्षता नार्वे के वरिष्ठ साहित्यकार श्री सुरेशचन्द्र शुक्ल शरद आलोक ने की तथा सफल संयोजन वरिष्ठ कवयित्री श्रीमती सुवर्णा जाधव, पुणे ने किया। मुख्य अतिथि प्रो. शैलेन्द्र कुमार शर्मा ने कहा कि गुरु तेग बहादुर ने आततायी के सामने सर नहीं झुकाया, अपना शीश अर्पित कर दिया। उन्होंने धर्म हेतु साका जिन किया, सीस दिया पर सिरड न दिया पंक्ति को चरितार्थ किया। गुरु तेग बहादुर की बलिदानी चेतना और क्रान्तिधर्मिता आज के समय में भी बहुत सार्थक है। सम्पूर्ण विश्व इतिहास में स्वधर्म, संस्कृति, मानवीय मूल्यों एवं सिद्धांतों की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वाले बलिदानी व्यक्तित्व के रूप में उनका स्थान अद्वितीय है। उनकी चेतना आज भी जीवित है। उन्होंने डराने वाले और डरने

संस्कृत भाषा के प्रति जागतिक रुचि का सम्प्रसार आवश्यक – प्रो शर्मा

पुरस्कृत प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान समारोह सम्पन्न उज्जैन। संस्कृत, ज्योतिर्विज्ञान एवं वेद अध्ययनशाला, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा अखिल भारतीय कालिदास समारोह 2022 के अन्तर्गत आयोजित अन्तर्महाविद्यालयीन संस्कृत काव्यपाठ तथा अन्तर्महाविद्यालयीन हिन्दी वाद-विवाद प्रतिस्पर्धा में पुरस्कृत अध्ययनशाला के प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कालिदास समारोह के अवसर पर संस्कृत काव्यपाठ में अध्ययनशाला की छात्राओं कु. आरती शर्मा तथा कु. सलोनी पंवार को स्व. अनंतनारायण पुरोहित आवर्तक रजत फलक तथा हिन्दी वाद-विवाद स्पर्धा में अध्ययनशाला की छात्राओं कु. आकांक्षा त्रिवेदी तथा कु. अंकिता शर्मा को कु. रश्मि सेठिया आवर्तक रजत फलक प्राप्त होने पर अभिनन्दन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के प्रभारी कुलपति प्रो. शैलेन्द्र कुमार शर्मा ने करते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि विद्यार्थियों से लेकर सामान्य जन के मध्य संस्कृत भाषा के प्रति जागतिक रुचि का सम्प्रसार आवश्यक है। संस्कृत देवभाषा है, जिसमें गुंजित ऋग्वेद की वाणी को मानवीय सभ्यता का

पुरस्कृत प्रतिभागियों का सम्मान समारोह सम्पन्न

उज्जैन। संस्कृत,ज्योतिर्विज्ञान एवं वेद अध्ययनशाला, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा अखिल भारतीय कालिदास समारोह 2022 के अन्तर्गत आयोजित अन्तर्महाविद्यालयीन संस्कृत काव्यपाठ तथा अन्तर्महाविद्यालयीन हिन्दी वाद-विवाद प्रतिस्पर्धा में पुरस्कृत प्रतिभागियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जिसमें संस्कृत काव्यपाठ में अध्ययनशाला की छात्राओं कु. आरती शर्मा तथा कु. सलोनी पंवार को स्व.अनंतनारायण पुरोहित आवर्तक रजत फलक तथा हिन्दी वाद-विवाद प्रतिस्पर्धा में छात्राओं कु. आकांक्षा त्रिवेदी तथा कु. अंकिता शर्मा को कु. रश्मि सेठिया आवर्तक रजत फलक प्राप्त होने पर अभिनन्दन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के प्रभारी कुलपति प्रो. शैलेन्द्र कुमार शर्मा ने करते हुए अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा के प्रति जागतिक रूचि का सम्प्रसार करने हेतु प्रेरित किया साथ ही प्रतिभागियों तथा विद्यार्थियों को आगामी प्रतिस्पर्धाओं के लिये तत्पर रहने हेतु प्रतिबद्ध किया। विभागाध्यक्ष डॉ. डी.डी. बेदिया ने स्वागत भाषण देते हुए पुरस्कृत प्रतिभागियों को बधाई दीं। साथ ही भव

इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए सीएलसी राउंड के अंतर्गत पंजीयन 24 से 30 नवंबर तक

उज्जैन।  एआईसीटीई मान्यता प्राप्त स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन में बी. टेक. प्रथम वर्ष, बी. टेक. द्वितीय वर्ष लेटरल एंट्री, सिविल इंजीनियरिंग, मेकैनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कंप्यूटर्स साइंस इंजीनियरिंग, एम. टेक. स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग, थर्मल इंजिनीयरिंग, पॉवर सिस्टम एंड ऑटोमेशन, डिजिटल कम्युनिकेशन, आई. ओ. टी एन्ड सेंसर सिस्टम, पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए सीएलसी राउंड के अंतर्गत पंजीयन 24 से 30 नवंबर तक होगा। इसके लिए  https://dte.mponline.gov.in  पर पंजीयन किया जा सकता है।  डॉ संदीप तिवारी, निदेशक, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एन्ड टेक्नोलॉजी संस्थान (एस.ओ.ई.टी. डिपार्टमेंट), विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन ने बताया कि कक्षा 10वीं, 12वीं की मूल अंकसूचियों, बी. टेक./बी. ई. की समस्त अंकसूचियों सहित, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, मूल-निवासी प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, टी. सी., माइग्रेशन सभी आवश्यक मूल दस्तावेजों सहित दो पासपोर्ट साइज फोटोज, सभी दस्तावेजों के दो फोटोकॉपी सेट्स सहित 26 नवम्बर से प

महिला उद्यमिता एवं स्टार्टअप के लिए भारत में पर्याप्त अवसर और योजनाएं - डॉ. सी सी त्रिपाठी

भारत सरकार द्वारा संचालित भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग कार्यक्रम (ITEC) द्विपक्षीय सहायता कार्यक्रम है। जिसके अंतर्गत एनआईटीटीटीआर भोपाल द्वारा “महिला उद्यमिता एवं स्टार्टअप ब्लू ओशन स्ट्रैटेजी के संदर्भा में " दो  सप्ताह का ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा हे। उद्घाटन सत्र में निदेशक डॉ सी सी त्रिपाठी  ने विभिन्न क्षेत्रों में भारत की सफल उद्यमिओं के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने महिला उद्यमिता के लिए रेड ओशन और ब्लू ओशन रणनीतियों, उत्पाद चयन और मार्केटिंग रणनीतियों के बीच अंतर के बारे में चर्चा करते हुए कहा की  भारत सरकार द्वारा महिला उद्यमिओं  के विकास के लिए पर्याप्त अवसर और योजनाओं लागु की जाती  हैं।  कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि सुश्री अनुराधा सिंघई, कार्यकारी निदेशक,उद्यमिता केंद्र मध्य प्रदेश ने  महिला प्रतिभागियों को प्रेरित किया, और कहा कि महिलाओं के लिए आकाश ही सीमा है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि महिलाओं को समूहों में सहयोग और मिलकर काम करना चाहिए। प्रशिक्षण कार्यक्रम समन्वयक डॉ. निशिथ दुबे ने प्रतिभागियों से कार्यक्रम और इसकी रूपरेखा के

एमबीए में प्रवेश के लिए सीएलसी राउंड के अंतर्गत पंजीयन आज से 26 तक

उज्जैन। एआईसीटीई मान्यता प्राप्त  पंडित जवाहरलाल नेहरू व्यवसाय प्रबंध संस्थान, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन  में एमबीए पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए सीएलसी राउंड के अंतर्गत पंजीयन 24 से 26 नवंबर तक दोपहर 1 बजे तक होगा। इसके लिए  https://dte.mponline.gov.in  पर पंजीयन किया जा सकता है।  डॉ धर्मेंद्र मेहता, निदेशक,  पंडित जवाहरलाल नेहरू व्यवसाय प्रबंध संस्थान, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन ने बताया कि, पंजीयन पश्चात, पंजीयन पावती एवं कक्षा 10वीं, 12वीं, स्नातक की समस्त मूल अंकसूचियों, जाति, आय, मूलनिवासी एवं अन्य सभी आवश्यक मूल दस्तावेजों सहित दो पासपोर्ट साइज फोटोज, सभी दस्तावेजों के दो फोटोकॉपी सेट्स सहित 26 नवम्बर से प्रात:11 से दोपहर 4 बजे तक जेएनआईबीएम संस्थान (एमबीए डिपार्टमेंट) में पंजीकृत पात्र अभ्यर्थी अपनी अनिवार्य रिपोर्टिंग उपस्थिति सुनिश्चित करें। विस्तृत जानकारी या मदद हेतु मो. नं. 78790-62375 पर संपर्क कर सकते है।

आयुष चिकित्सा मंत्री महोदय ध्यान दें एकतरफ आयुष चिकित्सा को बढ़ावा दूसरी तरफ एलोपैथिक चिकित्सा से आधा वेतन

उज्जैन। प्रदेश के आयुष महाविद्यालयों में पदस्थ प्रोफेसर, रीडर एवं व्यख्याताओं के प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा महाविद्यालयों में पदस्थ प्रोफेसर, रीडर एवं व्याख्याताओं को वेतनमान एवं अन्य चिकित्सा विशेष भत्ता प्राप्त हो रहा है। बड़ी विडम्बना है कि भारतीय चिकित्सा पद्धति इसलिये प्रदेश के केवल आयुष चिकित्सा शिक्षकों का वेतनमान संशोधित नहीं किया जा रहा है। चिकित्सा शिक्षा महाविद्यालय, दंत महाविद्यालय पशु चिकित्सा महाविद्यालय एवं कृषि, कला, वाणिज्य, विज्ञान आदि महाविद्यालय में समकक्ष पदों पर सभी जगहों पर वर्षों से पुनरीक्षित वेतनमान प्राप्त हो रहा है। जो आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षकों की वर्षों से वेतन संशोधन की मांग में जून-2018 में आंशिक संशोधन करते हुए केवल प्राचार्यों को 8900 ग्रेट पे एवं पुनरीक्षित वेतनमान 37400/- से 67000/- कैबिनेट बैठक में प्रदान किया गया है, जबकि वेतनमान का संशोधन फीडिंग कैडर से होना चाहिए अर्थात व्याख्याता से होना चाहिए था। कोरोना काल के अन्तर्गत सभी आयुष चिकित्सक शिक्षकों ने अपनी सेवाएँ जिला चिकित्सालय में दी है व समाज के लिये प्रेरणादायक कार्य किया है। डॉ. प्रकाश जोशी

ग्रीन ग्रेजुएट प्रोग्राम के अंतर्गत विद्यार्थियों ने की अध्ययनशाला में स्थित उद्यान की साफ सफाई

उज्जैन। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत विक्रम विश्वविद्यालय के प्राणिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी अध्ययनशाला के ग्रीन ग्रेजुएट प्रोग्राम के अंतर्गत विद्यार्थियों ने अध्ययनशाला में स्थित उद्यान की साफ सफाई की। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत ग्रीन ग्रेजुएट कार्यक्रम के अंतर्गत प्राणिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी विक्रम विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने अध्ययनशाला स्थित उद्यान एवं वाटर टैंक की साफ-सफाई का कार्य किया। ग्रीन ग्रेजुएट कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को अपने अध्ययन अवधि में वृक्षारोपण एवं उनका संरक्षण करना होता है। अतः इस कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थीगण परिसर की साफ सफाई करते हुए उद्यान में पुष्पीय पौधों का रोपण एवं उनका संरक्षण का कार्य करेंगे। इसके लिए दो या तीन विद्यार्थी प्रत्येक ग्रुप में शामिल होकर अलग-अलग पौधों के संरक्षण का दायित्व निभाएंगे। ग्रीन ग्रेजुएट कार्यक्रम के प्रथम दिन विद्यार्थियों द्वारा उद्यान में स्थित वाटर टैंक की सफाई का कार्य पूरा किया गया है। दूसरे दिन विद्यार्थियों द्वारा इस टैंक का रिपेयरिंग एवं पुताई का कार्य पूर्ण करने के पश्चात पुनः जलीय पारिस्थितिक तंत्र

कई पद्धतियों का उपयोग हो रहा है विदेशी भाषा के रूप में हिंदी को सिखाने के लिए

विश्व फलक पर हिंदी भाषा शिक्षण : प्रविधि और संभावनाएं विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न यूएसए के वरिष्ठ भाषावैज्ञानिक प्रो सुरेंद्र गंभीर का सारस्वत सम्मान हुआ उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय की हिंदी अध्ययनशाला एवं पत्रकारिता और जनसंचार अध्ययनशाला द्वारा विश्व फलक पर हिंदी भाषा शिक्षण : प्रविधि और संभावनाएं विषय पर केंद्रित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। आयोजन के मुख्य अतिथि यूएसए की यूनिवर्सिटी ऑफ़ पेन्सिल्वेनिया एवं यूनिवर्सिटी ऑफ़ विस्कन्सिन के पूर्व विभागाध्यक्ष वरिष्ठ भाषावैज्ञानिक प्रो सुरेंद्र गंभीर थे। अध्यक्षता प्रभारी कुलपति प्रो शैलेंद्र कुमार शर्मा ने की एवं विशिष्ट अतिथि कुलसचिव डॉ प्रशांत पुराणिक, प्रो गीता नायक, डॉ जगदीश चंद्र शर्मा, डॉ डी डी बेदिया, डॉ रमण सोलंकी थे। इस अवसर पर हिंदी भाषा एवं साहित्य के व्यापक प्रसार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए वरिष्ठ भाषाविद प्रो सुरेंद्र गंभीर को अतिथियों ने शॉल, श्रीफल एवं साहित्य भेंट कर उनका सारस्वत सम्मान किया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए के मुख्य अतिथि यूएसए के प्रो. सुरेंद्र गंभीर ने विदेशों में

जीवन की संपूर्णता के शायर हैं अशोक मिज़ाज - प्रो शर्मा

मैं इकाई हूँ मैं समाज भी पुस्तक का हुआ लोकार्पण वरिष्ठ शायर श्री अशोक मिज़ाज बद्र का सारस्वत सम्मान हुआ उज्जैन । विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के वाग्देवी भवन स्थित हिंदी अध्ययनशाला में वरिष्ठ शायर श्री अशोक मिज़ाज बद्र के रचनाकर्म पर केंद्रित पुस्तक मैं इकाई हूँ मैं समाज भी का लोकार्पण विक्रम विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो. शैलेन्द्र कुमार शर्मा, शायर श्री अशोक मिज़ाज, सागर, प्रो. प्रेमलता चुटैल, प्रो. गीता नायक, योग गुरु श्वेतांक आनंद के कर कमलों से सम्पन्न हुआ। हिंदी अध्ययनशाला के वरिष्ठ शोध अध्येता जयहिंद स्वतंत्र द्वारा संपादित इस पुस्तक में श्री अशोक मिज़ाज बद्र के साहित्य कर्म पर केंद्रित सामग्री के साथ ही उनकी महत्वपूर्ण गज़लों का समावेश किया गया है। इस अवसर पर विद्वज्जनों द्वारा शायर श्री मिज़ाज के रचना कर्म पर सारगर्भित वक्तव्य दिए गए। प्रभारी कुलपति प्रो. शैलेंद्रकुमार शर्मा ने अपने सारगर्भित व्याख्यान में मिज़ाज की गजलों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए कहा कि श्री मिज़ाज जीवन की संपूर्णता के ग़ज़लकार हैं। उन्होंने आम आदमी की चिंता और दुश्वारियों को प्रस्तुत करते हुए ग़ज़