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गांधी जी की पुण्यतिथि पर विक्रम विश्वविद्यालय में होगा भारतीय चिंतन परम्परा और महात्मा गांधी पर विशिष्ट व्याख्यान

गांधी जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि, मौन श्रद्धांजलि और उनके प्रिय भजनों की प्रस्तुति की जाएगी उज्जैन । विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन में गांधी जी की पुण्यतिथि पर भारतीय चिंतन परम्परा और महात्मा गांधी पर केंद्रित विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन 30 जनवरी 2023, सोमवार को प्रातः काल 10 : 45 बजे महाराजा जीवाजीराव पुस्तकालय परिसर में सम्पन्न होगा। विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन में आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. त्रिभुवननाथ शुक्ल, जबलपुर होंगे। अध्यक्षता विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय करेंगे। आयोजन के विशिष्ट अतिथि कुलसचिव डा प्रशांत पुराणिक होंगे। यह जानकारी देते हुए कुलानुशासक एवं गांधी अध्ययन केंद्र के निदेशक प्रो. शैलेंद्र कुमार शर्मा और विद्यार्थी कल्याण विभाग के संकायाध्यक्ष डॉ एस के मिश्रा ने बताया कि इस अवसर पर पुस्तकालय प्रांगण में सामूहिक मौन धारण कर गांधी जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। परिसर में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, मध्यप्रदेश शासन के सहयोग से मद्य निषेध पर केंद्रित प्रदर्शनी लगाई जाएगी। सामाजिक

सदियों पूर्व से भारत में रही है गणतांत्रिक शासन व्यवस्था – प्रो शर्मा

बसन्त पंचमी एवं गणतंत्र दिवस पर गणतंत्र की परंपरा और वर्तमान विश्व पर केंद्रित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन सम्पन्न राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना द्वारा बसंत पंचमी - सरस्वती माता के अवतरण दिवस पर सरस्वती पूजन एवं गणतंत्र की परम्परा और वर्तमान विश्व पर केंद्रित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी सम्पन्न हुई। अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के मुख्य अतिथि श्री हरेराम वाजपेयी अध्यक्ष हिन्दी परिवार इन्दौर, मुख्य वक्ता डॉ. शैलेन्द्रकुमार शर्मा, कुलानुशासक विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन, विशिष्ट अतिथि डॉ. शहाबुद्दीन शेख, राष्ट्रीय मुख्य संयोजक पुणे एवं श्री शरद चन्द्र शुक्ल शरद आलोक, ऑस्लो नॉर्वे थे। अध्यक्षता श्री ब्रजकिशोर शर्मा, अध्यक्ष राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना ने की। विशिष्ट वक्ता श्रीमती सुवर्णा जाधव राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पुणे एवं डॉ. प्रभु चौधरी राष्ट्रीय महासचिव थे। मुख्य वक्ता प्रोफेसर शैलेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि भारत में सदियों पूर्व से गणतंत्र की अवधारणा और गणतांत्रिक शासन व्यवस्था रही है। जनपद और महाजनपद के अस्तित्व में आने के पहले ही गणतांत्रिक प्रणाली स्थपित हो चुकी थी। गणतं

संविधान निर्माताओं ने देश के नवनिर्माण के लिए हमें जो दिशा दी है, उसके लिए सभी तत्पर रहें – कुलपति प्रो पांडेय

विक्रम विश्वविद्यालय में उल्लासपूर्वक मनाया गया गणतंत्र दिवस विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन में गणतंत्र दिवस उल्लासपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम में कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पाण्डेय ने ध्वजारोहण किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि अमर वीरों ने आजादी की मशाल को जलाये रखने के लिए अपना सब कुछ समर्पित कर दिया था। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर ऐसे असंख्य अमर शहीदों को मैं विश्वविद्यालय परिवार की ओर से हार्दिक श्रद्धा-सुमन अर्पित करता हूँ। हमारे संविधान निर्माताओं ने भारत के संविधान के माध्यम से देश के नवनिर्माण के लिए हमें जो दिशा दी है, उसके लिए सभी लोग तत्पर रहें। आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर विश्वविद्यालय में अनेक आयोजन किये गए। हम लोग अमृत काल की ओर आगे बढ़ रहे हैं। सामान्य जनता और किसानों से लेकर आदिवासी समुदाय और रणबाकुंरों ने भारत को स्वतंत्रता दिलाने के लिये अपना सब कुछ अर्पित किया। अनेक विद्वानों वैज्ञानिकों, साहित्यकारों और पत्रकारों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों ने संगोष्ठियों, प्रतियोगिताओं, नृत्य-संगीत आदि के माध्यम से आजादी के अमृत महोत्सव

विक्रम विश्वविद्यालय कार्यपरिषद् की बैठक सम्पन्न

उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन की कार्यपरिषद् की कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार पाण्डेय ने की अध्यक्षता में दिनांक 27 जनवरी 2023 को सम्पन्न हुई। बैठक में कार्यपरिषद् के सदस्य श्री राजेश सिंह कुशवाह, डॉ. विनोद यादव, श्री सचिन दवे, श्री संजय नाहर, श्रीमती ममता बैंडवाल, डॉ. कुसुमलता निंगवाल, डॉ. दीपिका गुप्ता, डॉ. शैलेन्द्रकुमार शर्मा, डॉ. शशिप्रभा जैन, डॉ. राघवेन्द्रपाल सिंह, डॉ.अर्पण भारद्वाज एवं कुलसचिव डॉ. प्रशान्त पुराणिक उपस्थित थे। आज आयोजित हुई कार्यपरिषद की बैठक में दिनांक 07 जनवरी 2023 के कार्य विवरण की पुष्टि की गई। विद्यापरिषद की स्थायी समिति की बैठक दिनांक 19 दिसम्बर 2022 एवं 20 जनवरी 2023 के कार्यविवरण की पुष्टि की गई। शोध अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत शोध प्रबंधों के परीक्षकों की अनुशंसा के आधार पर प्रदान की गई पीएच डी की सूचना ग्राह्य की गई। कालिदास, भर्तहरि एवं सान्दिपनि छात्रावास के संरक्षण कार्य का निर्णय लिया गया। कृषि अध्ययनशाला के लिए नवीन भवन के निर्माण का निर्णय लिया गया। विश्वविद्यालय में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा- गुडी पड़वा 22 मार्च 2023 को दीक्षांत समारोह आयोज

Ujjain Aol Music and Meditation Group held a soulful bhajan sandhya at Ujjain Janpad panchayat, Ujjain

Ujjain Aol Music and Meditation Group gave yet another solful bhajan program at Ujjain Janpad Panchayat Bhavan, Ujjain, on 27/01/2023.  Swarkarji, Bhattji, Divyanshu, Shiveli, Sisodia Madam, and Swati Madam thrilled the audiences with speel bound music.  Ujjain Janpad Panchayat duly led by SDM and Other staff members participated in the function and clapped merrily to the bhajans. Yet another blissful program by Ujjain Music and Meditation Group.

गणतंत्र दिवस देश के गर्व और सौभाग्य का दिवस है - सी. पी. शर्मा

भोपाल। एनआईटीटीटीआर संस्थान में आज 26 जनवरी को हर्षोल्लास से 74वां गणतंत्र दिवस मनाया गया। अध्यक्ष संचालक मंडल श्री सी. पी. शर्मा एवं निदेशक प्रो. सी.सी. त्रिपाठी ने साथ में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर अध्यक्ष संचालक मंडल श्री सी. पी. शर्मा ने कहा कि अपने संविधान को समझने और देशभक्ति का महत्व समझने के लिए ये गणतंत्र दिवस हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह पर्व हमारे हृदय में नवीन स्फूर्ति, नवीन आशा, उत्साह तथा देश-भक्ति का संचार करता है। हमें आज शपथ लेनी चाहिये कि हम कल के भारत के एक जिम्मेदार और शिक्षित नागरिक बनेंगे। हमें गंभीरता से अपने कर्तव्यों को निभाना चाहिये और लक्ष्य प्राप्ति के लिये कड़ी मेहनत करनी चाहिये। तथा सफलतापूर्वक इस लोकतांत्रिक राष्ट्र को नेतृत्व प्रदान करना चाहिये। गणतंत्र दिवस के अवसर पर श्री सी. पी. शर्मा, श्रीमती रचना शर्मा, प्रो. सी.सी. त्रिपाठी, प्रो. आर. के. दीक्षित एवं संकाय सदस्यों, अधिकारियों, कर्मचारियों व उनके परिवार व बच्चों ने राष्ट्र गान गाया और सभी ने तिरंगे को नमन किया।

गणतंत्र दिवस के पूर्व 25 जनवरी को रावी का संकल्प : सांस्कृतिक स्वराज के अंतर्गत हुईं देशभक्तिपूर्ण गीत - संगीत की प्रस्तुतियाँ

पूर्ण स्वराज के सपने को साकार करने के लिए स्वदेशी भावना का प्रसार जरूरी – प्रो शर्मा   उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा रावी का संकल्प : सांस्कृतिक स्वराज के अंतर्गत बहुरंगी  सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना के सहयोग से गणतंत्र दिवस के एक दिवस पूर्व दिनांक 25 जनवरी 2023 की संध्या को विक्रम कीर्ति मंदिर में रावी का संकल्प :  सांस्कृतिक स्वराज कार्यक्रम के अंतर्गत  मनोहारी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां की गईं। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी कुलपति प्रो शैलेंद्र कुमार शर्मा ने की। मुख्य अतिथि विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कार्यपरिषद सदस्य श्री राजेश सिंह कुशवाह एवं विशिष्ट अतिथि  कुलसचिव डॉ प्रशांत पुराणिक उपस्थित हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो शैलेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि पूर्ण स्वराज के सपने को साकार करने के लिए हमें सभी स्तरों पर स्वदेशी भावना का प्रसार करना होगा। वस्तुओं और तकनीकों के साथ मानसिकता, चिंतन और ज्ञान - विज्ञान के धरातल पर स्वराज और स्वाभिमान को जाग्रत करना होगा। आत्मनिर्भर राष्ट्र के निर्माण के लिए युवा

विज्ञान में रचनात्मक सोच का मिश्रण आने वाली पीढ़ी के लिए अच्छा संकेत – कुलपति प्रो पांडेय

विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार पांडेय भोपाल में आयोजित इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे उज्जैन । विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अखिलेश कुमार पांडेय मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद्, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, मध्य प्रदेश शासन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार, अंतरिक्ष विभाग भारत सरकार एवं पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल भोपाल में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपथित रहे। विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलपति प्रोफेसर अखिलेश कुमार पांडेय मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद्, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, मध्य प्रदेश शासन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार, अंतरिक्ष विभाग भारत सरकार एवं पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान से आयोजित इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल भोपाल में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपथित रहे। इस कार्यक्रम में सम्पूर्ण भारत से 40 से अधिक वैज्ञानिकों ने भाग लेते हुए अपने रचनात्मक और सृजनात्मक