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Showing posts from November, 2021

मध्यप्रदेश के विद्यालयों में सभी कक्षाएँ 50% क्षमता के साथ संचालित होगी

भोपाल : रविवार, नवम्बर 28, 2021 : मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) और सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री श्री सिंह परमार ने बताया कि, प्रदेश के समस्त विद्यालयों की कक्षा पहली से 12वीं तक की कक्षाएँ 50 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित होंगी। कक्षाओं के संचालन के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन किया जाएगा। विद्यालयों में कक्षावार नियत दिवसों के अतिरिक्त अन्य दिवसों में डिजिटल माध्यम से ऑन-लाईन कक्षाएँ संचालित की जा सकेंगी।  मंत्री श्री परमार ने बताया कि सभी विद्यालयों में अर्द्धवार्षिक परीक्षाएँ पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार संचालित की जाएगी। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आदेश जारी किए गए हैं।   कोरोना के नए वेरिएंट से सिर्फ चिंतित नहीं सावधान भी रहें विद्यालयों में 50 प्रतिशत क्षमता के साथ लगेंगी कक्षाएँ तीसरी लहर की आशंका को करना है निर्मूल सभी स्तरों की क्राइसिस मैनेजमेंट समितियों की बैठकें जल्द होंगी प्रदेश में जीनोम सीक्वेंसिंग से जानेंगें संक्रमण की जानकारी  दवाइयों सहित सभी व्यवस्थाएँ करेंगे सुनिश्चित टेस्ट संख्या

राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम में डॉ. विनीत अग्रवाल ने दिया व्याख्यान

उज्जैन। शासकीय धन्वन्तरि चिकित्सा महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. जे. पी. चौरसिया ने जानकारी देते हुए बताया कि, जिला चिकित्सालय उज्जैन द्वारा "राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम" के अंतर्गत आज दिनांक 26.11.2021 को मॉडल कॉलेज स्थित कान्फ्रेंस हॉल में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. विनीत अग्रवाल ने अपने व्याख्यान में मुख्य रूप से कहा कि, यदि समय से पता चल जाए तब मनोरोग का इलाज पूर्णतहः संभव है।   डॉ. अग्रवाल ने मनोरोग के लक्षण एवं इलाज की जानकारी पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। उन्होने कहा कि, उदासी, काम में ध्यान न लगना, किसी से मिलने-जुलने या बात करने का मन न करना, ज्यादा थकान लगना, चीजें भूलने लगना, चिडचिडापन, दिमाग में नकारात्मक विचार आना, जिन्दगी बेकार लगना, हर वक्त चिंतित रहना, बैचेन रहना, दिमाग स्थिर न रहना आदि विभिन्न प्रकार के मानसिक रोगो से संबंधित लक्षणों पर विस्तार से चर्चा की एवं इनके संपूर्ण इलाज की जागरूकता के बारे में बताया।  कार्यक्रम का संचालन डॉ. मुकेश गुप्ता ने किया व कार्याक्रम का आभार डॉ. नृपेन्द्र मिश्रा

देवलोकवासी श्री विमल तल्लेरा को शोक सभा में समाज के सभी वर्गों ने विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित कर अपने श्रद्धासुमन व्यक्त किए, निज-निवास पर शनिवार की सुबह 10 बजे चलित उठावना

● देवलोकवासी श्री विमल तल्लेरा को शोक सभा में समाज के सभी वर्गों ने विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित कर अपने श्रद्धासुमन व्यक्त किए ● निज-निवास पर शनिवार की सुबह 10 बजे चलित उठावना उज्जैन । पूर्व मंत्री, उज्जैन उत्तर के लोकप्रिय विधायक श्री पारसचन्द्र जैन के अनुज श्री विमल कुमार जी तल्लेरा का देवलोक गमन गुरुवार, 25 नवम्बर, 2021 को हो गया। श्री विमल कुमार जी सामाजिक, धार्मिक एवं विभिन्न समाजसेवी संगठनों से जुडे रहे एवं समाजसेवा में सतत कार्यशील रहे। साथ ही वे परिवार के मंडी व्यवसाय का भी संपूर्ण कार्य भी देखते थे एवं सामाजिक कार्यो में भी संलग्न रहे। लगभग विगत पॉच वर्षो पूर्व उनका एक्सीडेंट हो जाने से घर पर ही इनका ईलाज चल रहा था। उनके निधन पर उज्जैन चक्रतीर्थ पर शोक सभा का आयोजन किया गया था जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी श्री माणकलाल जी गिरिया ने की । शोक सभा में प्रमुख रूप से उज्जैन आलोट संसदीय क्षेत्र के सांसद श्री अनिल फिरोजिया, जैन समाज के विभिन्न संघो से जुडे श्री सुशील जी गिरिया, पेट्रोल पंप एसो. की और से श्री गोपाल माहेश्वरी, माधव सेवा न्यास अध्यक्ष श्री विजय केवलिया, अनाज तिलहन व्याप

विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा बी.कॉम. रेग्युलर पूरक सहित 10 परीक्षाओं के परिणाम घोषित

उज्जैन : विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलानुशासक प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा ने बताया कि, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा बी.कॉम. रेग्युलर पूरक सहित 10 परीक्षाओं के परिणाम घोषित हुए हैं, जिसे विद्यार्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं... 

विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा एम.कॉम. सहित 6 परीक्षाओं के परिणाम घोषित

उज्जैन : विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलानुशासक प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा ने बताया कि, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा एम.कॉम. सहित 6 परीक्षाओं के परिणाम घोषित हुए हैं, जिसे विद्यार्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं... 

विक्रम विश्वविद्यालय में रिक्त सीटों पर प्रवेश के अन्तिम चरण की तिथि 29 नवम्बर होगी

उज्जैन :  विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलानुशासक प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि, कुलसचिव आदेशानुसार  विक्रम विश्वविद्यालय द्वारा  अधिसूचना जारी की गयी है जिसके अंतर्गत  विक्रम विश्वविद्यालय के समस्त विभागाध्यक्षों/निदेशकों को सूचित किया जाता है कि, शैक्षणिक सत्र 2021-22 में स्नातक/स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष प्रवेश हेतु कार्यालय आयुक्त, उच्च शिक्षा, मध्य प्रदेश, सतपुडा भवन, भोपाल से प्राप्त पत्र के अनुसरण में स्थान रिक्त रहने पर ऑनलाईन प्रजीकृत विद्यार्थियों से आवेदन प्राप्त कर पात्र विद्यार्थियों की सूची ऑनलाईन सेल को मेल एवं हार्ड कापी द्वारा शीघ्र भेजना होगी। सूची के प्रकाशन के उपरान्त शुल्क जमा करने की अवधि सात दिवस की होगी। इसके उपरान्त प्रतीक्षा सूची के विद्यार्थियों को शुल्क जमा करना होगा। रिक्त सीटों के लिये ऑनलाईन सेल को सूचित कर विभागाध्यक्ष लिंक खुलवायेंगे। प्रवेश के अन्तिम चरण की तिथि 29.11.2021 होगी। स्नातक/स्नातकोत्तर तृतीय/पंचम/सप्तम सेमेस्टर में अध्ययनरत विद्यार्थी 29.11.2021 तक ऑनलाईन के माध्यम से शुल्क जमा कर सकेंगे। समस्त शुल्क एम.पी.ऑ

राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना, इकाई पंजाब के पदाधिकारियो की बैठक में सम्मान

राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना की पंजाब इकाई की महत्वपूर्ण बैठक राष्ट्रीय उप महासचिव श्रीमती गरीमा गर्ग(चंडीगढ) के आतिथ्य में हुई। राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना के महासचिव डॉ. प्रभु चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि, बैठक में आगामी अप्रेल माह में प्रदेश अधिवेशन एवं सम्मान समारोह संगोष्ठी के आयोजन पर विचार विमर्श हुआ। बैठक की अध्यक्षता प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजेन्दर सैन ने की। इस अवसर पर वरिष्ठ कवियित्री डॉ. पूनम गुप्त एवं प्रदेश महासचिव डॉ. प्रवीणबाला को राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना का अभिनंदन पत्र एवं स्मृति चिन्ह श्रीमती गरिमा गर्ग द्वारा प्रदान किया गया। बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र साहिल, सुनीता गर्ग, धीरज कुमार तनू बजाज, सरोजबाला, संगीता शर्मा कुन्द्रा आदि उपस्थित रहे।

विक्रम विश्वविद्यालय का 25वां दीक्षांत समारोह 22 दिसंबर को

उज्जैन : विक्रम विश्वविद्यालय का 25वां दीक्षांत समारोह 22 दिसंबर को होगा। कुलानुशासक प्रो. शैलेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि, समारोह में वर्ष 2020 के पीएचडी, डी लिट उपाधि धारकों और 2020 की स्नातक परीक्षाओं की प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त अभ्यर्थियों को स्वर्ण पदक दिए जाएंगे । वर्ष 2020 की स्नातकोत्तर परीक्षाओं की प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त अभ्यर्थियों को उपाधियां और विश्वविद्यालय द्वारा घोषित स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे।  विद्यार्थी एमपी ऑनलाइन के माध्यम से  शुल्क 500 रुपए के साथ पंजीयन करवाएं। पीएचडी, डी लिट उपाधि धारक पंजीयन शुल्क के अतिरिक्त उपाधि शुल्क 400 रुपए जमा करवाएं। पंजीयन 15 दिसंबर तक होंगे।

विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा बी.कॉम. सहित 8 परीक्षाओं के परिणाम घोषित

उ ज्जैन : विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलानुशासक प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा ने बताया कि, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा बी.कॉम. सहित 8 परीक्षाओं के परिणाम घोषित हुए हैं, जिसे विद्यार्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं... 

कुमारी देवयानी प्रथम फ़ेस ऑफ इंडिया 2021 अवार्ड से सम्मानित

उज्जैन : ममता गौड़, कार्यकारिणी अध्यक्ष, अखिल भारतीय क्षेत्रीय महासभा महिला प्रकोष्ठ ने जानकारी देते हुए बताया कि, उनके परिवार के लिए बहुत ही हर्ष और गर्व की बात है कि, उज्जैन गणेश नगर निवासी उनकी भतीजी कुमारी देवयानी सिंह गौड़ बाईसा (पिता - राजेंद्र सिंह गौड़ , माता - अमिता गौड़) को अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठित फैशन शो 2021 (International iconic fashion show 2021) में बच्चों की श्रेणी ( Kids category ) के अंतर्गत फ़ेस ऑफ इंडिया 2021 ( Face of India 2021 ) प्रथम विजेता ( 1st winner of the year) अवार्ड से सम्मानित किया गया।  उन्होने यह भी बताया कि, यह कार्यक्रम प्रयास एंटरटेनमेंट के सहयोग से फैशन हब मुंबई द्वारा आयोजित किया गया और पेसैक एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा कार्यक्रम का प्रबंधन किया गया। कार्यक्रम राजोरा बैंक्वेट हॉल, सेलिब्रिटी सीटर, अंधेरी वेस्ट, मलाड, मुंबई में आयोजित किया गया था।  ममता गौड़ ने यह भी बताया कि, देवयानी अपनी गुरु सुश्री डॉ. खुशबू पांचाल दीदी और अपने माता-पिता को इस जीत का श्रेय देती है। देवयानी यह भी कहती है कि, गुरु के आशीर्वाद और परिवार के सहयोग के बि

विश्व अर्श दिवस - आलेख , इस अवसर पर शा. धन्वन्तरि आयुर्वेद महाविद्यालय, उज्जैन में शिविर आयोजित किया जाएगा

उज्जैन : आधुनिक समय में अनियमित जीवनशैली (आहार विहार) से उत्पन्न होने वाले रोगों में अर्श रोग (बवासीर) प्रमुख रोग हैं जो कि मल मार्ग में होता है। आयुर्वेद के ग्रंथों में इसका वर्णन सभी संहिताओं में मिलता है। अष्टांग आयुर्वेद में शल्य तंत्र के जनक आचार्य सुश्रुत ने अर्श रोग का वर्णन प्रमुखता से किया है। आचार्य ने अर्श रोग को शत्रु के समान कष्ट देने वाला बताया है। अर्श रोग को गुदामांसाकुर गुदकिलक के नाम से भी जाना जाता है। आधुनिक चिकित्सा पद्धति में इसको पाईल्स या हेमोरॉयड्स कहा जाता है। अर्श रोग को उत्पन्न करने वाले कारणों में गरिष्ठ भोजन करना, बासी भोजन, अधिक मद्यपान, एक जगह ज्यादा बैठना, समय पर भोजन ना करना, अपच होने पर भी भोजन करना गर्भावस्था में आनुवांशिक कारण आदि हैं। अर्श के प्रमुख लक्षणों में गुदमार्ग में दर्द होना, मलत्याग में कठिनाई होना, कठिन मल होने पर रक्त आना, पेट फूलना, कब्ज रहना, खट्टी डकार आना, सिर दर्द बने रहना, भूख ना लगना मुख्य है। आचार्य ने आयुर्वेद में अर्श रोग की चिकित्सा चार प्रकार से बताई है, जिसमें औषध क्षारकर्म, अग्निकर्म शस्त्र द्वारा चिकित्सा की जाती है।

कालिदास संस्कृत अकादमी में संचेतना समाचार के तृतीय अंक का लोकार्पण सम्पन्न

उज्जैन : राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना के मुख पत्र संचेतना समाचार के तृतीय अंक का लोकार्पण अखिल भारतीय कालिदास समारोह के शोध संगोष्ठी सत्र में विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार पाण्डेय, पूर्व कुलपति डॉ. बालकृष्ण शर्मा, पूर्व कुलपति प्रो. मिथिलाप्रसाद त्रिपाठी, कुलसचिव डॉ. प्रशांत पुराणिक, अहमदाबाद के विद्वान डॉ. वसन्त कुमार भट्ट, कुलानुशासक डॉ. शैलेन्द्रकुमार शर्मा, कालिदास अकादमी निदेशक डॉ. संतोष पंड्या, शिक्षक संचेतना राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री ब्रजकिशोर शर्मा, महासचिव डॉ. प्रभु चौधरी, सचिव प्रगति बैरागी जयपुर, प्रो. सरोज कुमारी,जोधपुर, डॉ. सदानंद त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर कालिदास समिति की चतुर्थ शोध संगोष्ठी में विद्वतजनों प्राध्यापकगण एवम् शोधकर्ताओं ने शोध पत्र प्रस्तुत किये। डॉ. प्रभु चौधरी ने अपने शोधपत्र ‘अभिज्ञान शकुन्तलम् का बिदाई प्रसंग‘ की प्रस्तुति की। डॉ. प्रभु चौधरी ने अपने शोधपत्र ‘अभिज्ञान शकुन्तलम् का बिदाई प्रसंग‘ में बताया कि महाकवि कालिदास विश्व साहित्य के दैदीप्यमान रत्न है। आज तक इनके समान अन्य कोई महाकवि नहीं हुआ। रघुवंशम्, कुमारसम्भवम् मह

भौतिकी अध्ययनशाला में स्वास्थ्य जागरूकता शिविर एवं औषधि वितरण कार्यक्रम का आयोजन

उज्जैन : आजादी के अमृत महोत्सव समारोह शृंखला के अंतर्गत फिजिक्स क्लब, भौतिकी अध्ययनशाला एवं आई क्यू ए सी ,विक्रम विश्वविद्यालय,उज्जैन के संयुक्त तत्वावधान में शासकीय धनवंतरी आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय,उज्जैन के सहयोग से "स्वास्थ्य जागरूकता शिविर एवं औषधि वितरण" का कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार पांडेय द्वारा की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शासकीय धनवंतरी आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय उज्जैन के प्राचार्य प्रो, जे पी चौरसिया एवं डॉ वन्दना सराफ व डॉ जितेन्द्र जैन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भौतिकी अध्ययनशाला की विभागाध्यक्ष डॉ. स्वाति दुबे, व सहायक प्राध्यापक डॉ.गणपत अहिरवार, डॉ.निश्छल यादव, डॉ. रत्ना अग्रवाल, डॉ. प्रिया दुबे, डॉ.कमल जैन, डॉ.अपूर्वा मुले उपस्थित रहे। शोधार्थी के रूप में साईं शिखा एवं सुभाष चौहान उपस्थित रहे। विभाग के प्राध्यापक डॉ निश्छल यादव ने अतिथि परिचय एवं स्वागत भाषण दिया । माननीय कुलपति जी ने अपने अध्यक्ष उद्बोधन में कहा कि केवल सुविधा से ही लक्ष्य की प्राप्ति नहीं

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