उज्जैन। स्वामी विवेकानंद जयंती केवल एक महान संत की स्मृति नहीं, बल्कि युवा चेतना का उत्सव है। हर वर्ष 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती हमें उस युगपुरुष की स्मृति कराती है, जिसने भारत को आत्मगौरव और आत्मविश्वास की नई भाषा दी। इसी भावभूमि पर पंडित जवाहरलाल नेहरू व्यवसाय प्रबंध संस्थान (JNIBM), सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर युवा जल दूत सम्मान एवं युवा चेतना परिसंवाद प्रसंग श्रृंखला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. डॉ. अर्पण भारद्वाज, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन ने शुभकामना संदेश देते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद का प्रसिद्ध आह्वान—“उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए”—आज के समय में जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय लक्ष्य से जुड़ता है। उन्होंने इस संदेश को जन-जन तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि जल संरक्षण के माध्यम से ही सतत भविष्य का निर्माण संभव है। JNIBM द्वारा इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात करते हुए यह संदेश दिया गया— “जल बचाओ, जीवन बचाओ”...