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श्रीमहाकाल महोत्सव के अंतर्गत 15 जनवरी को आयोजित अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में भाग लेंगे देश - विदेश के अनेक विद्वान

शिव तत्व, शिवोपासना, ज्योतिर्लिंग परंपरा और श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग से जुड़े विविध पक्षों पर होगा विमर्श

उज्जैन। वीर भारत न्यास एवं श्रीमहाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा 14 से 18 जनवरी 2026 तक आयोजित किए जा रहे श्रीमहाकाल महोत्सव के अंतर्गत शिव तत्त्व और श्रीमहाकाल: पुरातिहास, साहित्य और संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में केंद्रित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन 15 जनवरी, गुरुवार को होगा। इस संगोष्ठी में दस से अधिक देशों और भारत के बारह से अधिक राज्यों के विद्वान विषय के विविध पक्षों पर प्रकाश डालेंगे। इन देशों में मॉरीशस, नीदरलैंड, फीजी, यूएसए, यूके, आयरलैंड, नॉर्वे, स्वीडन, थाईलैंड, श्रीलंका और नेपाल आदि सम्मिलित हैं। संगोष्ठी में भारत के राज्यों उत्तर प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, केरल, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, मध्य प्रदेश, बिहार, हिमाचल प्रदेश आदि के विशेषज्ञ विद्वान सम्मिलित होंगे।

यह जानकारी देते हुए वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी एवं संगोष्ठी के मुख्य समन्वयक प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा ने बताया कि इस संगोष्ठी का आयोजन त्रिवेणी कला एवं पुरातत्व संग्रहालय, जयसिंहपुरा, महाकाल लोक में प्रातः काल 11 से सन्ध्या 4:30 बजे तक किया जाएगा। संगोष्ठी में देश - विदेश के विविध क्षेत्रों में शिवोपासना, पुराख्यान, पुरातत्व, इतिहास, शैव दर्शन, साहित्य, वास्तु, मुद्राशास्त्र, शिल्प, चित्र आदि पर गहन मंथन किया जाएगा। 

संगोष्ठी में भाग लेने वाले विद्वानों में आयरलैंड में भारत के महामहिम राजदूत श्री अखिलेश मिश्रा, डॉ रामा तक्षक, नीदरलैंड, डॉ सोमदत्त काशीनाथ, वकोका, मॉरीशस, डॉ आशुतोष द्विवेदी, फिजी, डॉ बीर बहादुर महतो नेपाल, डॉ मीरा सिंह फिलाडेल्फिया यूएसए, डॉ सदाशिव कुमार द्विवेदी वाराणसी,  डॉ शुभंकर मिश्रा मॉरीशस, डॉ अजय कुमार झा, जनकपुर नेपाल, डॉ हरिसिंह पाल नई दिल्ली, पुरातिहासकार डॉ शांतिस्वरूप सिन्हा वाराणसी, डॉ आर सी ठाकुर महिदपुर, श्री हरेराम बाजपेयी इंदौर, डॉ नारायण व्यास भोपाल, पद्मश्री डॉ भगवतीलाल राजपुरोहित, पूर्व कुलपति प्रो बालकृष्ण शर्मा उज्जैन, श्री नर्मदाप्रसाद उपाध्याय इंदौर, श्रीमती रितु शर्मा नन्नन पांडे, नीदरलैंड, कुलगुरु प्रो शिवशंकर मिश्र उज्जैन, डॉ अरुण कुमार उपाध्याय, भुवनेश्वर उड़ीसा, डॉ श्रीकृष्ण जुगनू उदयपुर, डॉ अभिषेक त्रिपाठी आयरलैंड, कुलपति प्रो नवीन चंद्र लोहनी उत्तराखंड, पूर्व कुलगुरु प्रो सीजी विजय कुमार मेनन केरल, प्रो शारदा प्रसाद, बिहार, प्रो केदारनारायण जोशी, प्रो केदारनाथ शुक्ल, उज्जैन, डॉ दिव्या माथुर ब्रिटेन, डॉ सुगंधी कुलसिंह श्रीलंका, प्रो शैलेंद्र कुमार शर्मा उज्जैन, डॉ प्रशांत पुराणिक उज्जैन, डॉ गोविंद गंधे, डॉ रमण सोलंकी उज्जैन, डॉ संतोष पंड्या, डॉ सुनीता मंडल कोलकाता पश्चिम बंगाल, प्रो जगदीश चंद्र शर्मा, डॉ  चिट्टी अन्नपूर्णा चेन्नई तमिलनाडु आदि सम्मिलित हैं। 

संगोष्ठी के विविध तकनीकी सत्रों में संस्कृत विद्वान डॉ तुलसीदास परोहा उज्जैन, डॉ सदानंद त्रिपाठी, डॉ पूजा उपाध्याय, डॉ शुभम शर्मा, डॉ प्रीति पांडेय, डॉ महेंद्र पंड्या, डॉ गोपाल कृष्ण शुक्ल, डॉ सर्वेश्वर शर्मा, डॉ संकल्प मिश्रा, डॉ अखिलेश द्विवेदी, डॉ उपेंद्र भार्गव आदि शोध पत्रों की प्रस्तुति करेंगे। 

श्रीमहाकाल महोत्सव का आयोजन वीर भारत न्यास एवं श्रीमहाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा संस्कृति संचालनालय, जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी, त्रिवेणी संग्रहालय, कृषि उद्योग विकास परिषद- नई दिल्ली, उज्जैन विकास प्राधिकरण, जिला प्रशासन एवं नगर निगम उज्जैन की सहभागिता से आयोजित किया जा रहा है।

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