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विश्व हिंदी दिवस पर निटर भोपाल की गौरवपूर्ण उपलब्धि

आईआईटी, इंदौर में आयोजित राष्ट्रीय तकनीकी हिंदी संगोष्ठी में निटर भोपाल को मिला प्रथम स्थान

Bhopal | आईआईटी इंदौर, आईआईटी जोधपुर एवं सीएसआईआर- निस्पर नई दिल्ली द्वारा आईआईटी, इंदौर में दो दिवसीय राष्ट्रीय तकनीकी हिंदी संगोष्ठी का आयोजन किया गया।  इस संगोष्ठी का उद्देश्य हिंदी में विज्ञान और तकनीकी संवाद को बढ़ावा देना था, और इसमें देशभर के प्रमुख संस्थानों और विश्वविद्यालयों से प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस संगोष्ठी में निटर भोपाल के प्रो. पी. के पुरोहित - प्राध्यापक एवं अधिष्ठाता विज्ञान ने आमंत्रित वक्ता के रूप में “हिंदी में विज्ञान” विषय पर व्याख्यान दिया। डॉ. पुरोहित ने विज्ञान को समझने में हिंदी की भूमिका और इसके महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उनका व्याख्यान संगोष्ठी के प्रमुख आकर्षणों में से एक था और इससे यह सिद्ध हुआ कि निटर भोपाल हिंदी में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के संवाद को एक मजबूत दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस संगोष्ठी में देशभर के शीर्ष संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों से प्रतिभागियों ने पेपर प्रस्तुत किए। संगोष्ठी में निटर भोपाल की श्रीमती बबली चतुर्वेदी द्वारा विषय “भाषा से डिजिटल संवाद तक: राजभाषा और तकनीक का संगम” पर आलेख प्रस्तुतीकरण में प्रथम पुरुस्कार प्राप्त कर उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त की। 

संस्थान के निदेशक प्रो. सी.सी त्रिपाठी ने राजभाषा प्रकोष्ठ को बधाई देते हुए कहा कि विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर यह उपलब्धि संस्थान के लिए महत्वपूर्ण है। आईआईटी जैसे शीर्ष संस्थान द्वारा आयोजित तकनीकी हिंदी संगोष्ठी ने हिंदी में विज्ञान और तकनीकी संवाद को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह न केवल हमारे देश की संस्कृति और भाषा के प्रति सम्मान का प्रतीक है, बल्कि यह हिंदी बोलने वाले तकनीकी समुदाय के लिए एक सशक्त और प्रभावी संवाद का माध्यम बनता है। यह उपलब्धि न केवल संस्थान के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह हिंदी भाषा के प्रति निटर भोपाल की प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है।

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