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आशापूर्णा देवी का कथा संसार भारतीय साहित्य जगत की उपलब्धि, जिसका साक्षात्कार कराती हैं बूला जी की कृतियां – प्रो शर्मा

आलोचना कृति आशापूर्णा तुमि सम्पूर्णा के सात खण्डों का हुआ लोकार्पण  बांग्ला लेखिका आशापूर्णा देवी का कथा संसार भारतीय साहित्य जगत की अनुपम उपलब्धि है। आशापूर्णा देवी की कहानियां एक ओर जहां असहाय नारी की विडंबना को शक्ति प्रदान करती हैं वहीं अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाती हैं। डॉ बूला कार की समीक्षा पुस्तकें उनके योगदान का साक्षात्कार कराती हैं। बूला जी अपनी कृतियों के माध्यम से आशापूर्णा में डूब कर स्वयं  आशापूर्णा हो गई हैं। सुविख्यात, रचनाकार आशापूर्णा देवी की दो सौ से अधिक कृतियों के साहित्य रूपी सागर से मोती चुनकर सात कृतियों में साहित्य प्रेमियों के समक्ष अनुपम कृतियां लेखिका ने प्रस्तुत की हैं।  ये उद्गार बतौर मुख्य अतिथि सम्राट् विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलानुशासक एवं समालोचक प्रो शैलेंद्र कुमार शर्मा ने हिंदी परिवार द्वारा आयोजित आलोचना कृति आशापूर्णा तुमि सम्पूर्णा के सात खण्डों के लोकार्पण अवसर पर व्यक्त किये। डॉ शर्मा ने कहा कि आशापूर्णा की रचनाओं में नारी के सभी स्वरूप दिखते हैं वहीं बूला कर द्वारा उन पर लिखित कृतियां हिंदी जगत की अनमोल धरोहर ...

भारतीय गणतंत्र की उद्घोषक उज्जयिनी पर केंद्रित राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन 22 जनवरी को

  प्राचीन भारत में गणतंत्र की अवधारणा और परम्परा पर गहन मंथन होगा सम्राट् विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में उज्जैन।  सम्राट् विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ के सहभाग से एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन स्वर्ण जयंती सभागार में प्रातः11:30 बजे से होगा। यह संगोष्ठी भारतीय गणतंत्र की उद्घोषक उज्जयिनी पर केंद्रित होगी, जिसमें विशेषज्ञ विद्वान प्राचीन भारत में गणतंत्र की अवधारणा और परम्परा पर गहन मंथन करेंगे।   यह जानकारी देते हुए मुख्य समन्वयक कुलानुशासक प्रो शैलेन्द्र कुमार शर्मा एवं संगोष्ठी संयोजक पुरातत्वविद् डॉक्टर रमण सोलंकी बताया कि पुरातन काल से भारतीय गणतंत्र का उद्घोषक उज्जैन रहा है। यह परंपरा निरंतर चली आ रही है। इस विषय लेकर गहन मंथन करते हुए देश दुनिया के समक्ष इससे जुड़े तथ्यों को पहुंचना चाहिए। इस तारतम्य में महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन स्वर्ण जयंती सभागार में पद्मश्री डॉ भगवतीलाल राजपुरोहित और महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान के सदस्य सचिव प्रो विरुपाक्ष जड्डीपाल के मुख्य आतिथ्य, पूर्व कुलगुरु प्र...

शांति हेतु आत्मा व मन का सशक्तिकरण आवश्यक - डॉ. अवधेश प्रताप सिंह यादव, अध्यक्ष, मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग

विश्व शांति दिवस पर सम्मेलन आयोजित 🙏 द्वारा, राधेश्याम चौऋषिया 🙏  भोपाल। आध्यात्मिक संस्थान ब्रह्माकुमारीज के साकार संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा की पुण्य स्मृति में रविवार, 18 जनवरी 2026 को विश्व शांति दिवस पर आयोजित सर्व धर्म सम्मेलन में डॉ. अवधेश प्रताप सिंह यादव, अध्यक्ष, मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि, आज व्यक्ति के जीवन एवं विश्व में शांति की महती आवश्यकता है। ब्रकु ईश्वरीय विश्व विद्यालय संस्कार परिवर्तन द्वारा इसी दिशा में कार्यरत है, गायत्री पीठ व अन्य आध्यात्मिक संस्थाओं का उद्देश्य भी विश्व में शांति लाना है।   डॉ. सिंह ने कहा कि, मनुष्य आत्माओं के जीवन में प्रेम और शांति से ही विश्व के लिए शांति का मार्ग प्रशस्त हो सकता है, परंतु आज भौतिक साधनों की अंधी दौड़ के कारण व्यक्ति अपने प्रेम-शांति के मूल स्वरूप से दूर होता जा रहा है। आध्यात्मिकता और प्रजापिता ब्रह्मा द्वारा ईश्वरीय विश्व विद्यालय की स्थापना कर संस्कारों के परिवर्तन एवं मनुष्यों के जीवन में दिव्यता लाने के लिए दिए गए ज्ञान को सामूहिक रूप से अपनाकर समाज में जीवन मूल्य और शांत...

नई कविता आंदोलन और शमशेरबहादुर सिंह पर केंद्रित राष्ट्रीय संगोष्ठी सम्पन्न

शब्दों का संयम सिखाती है शमशेर जी की कविता – प्रो जितेंद्र श्रीवास्तव प्रणय, प्रकृति सौंदर्य और जीवन राग के कवि हैं शमशेर जी - प्रो शर्मा Ujjain | सम्राट् विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन की हिंदी अध्ययनशाला द्वारा प्रेमचंद सृजन पीठ एवं शमशेर साहित्य संस्थान उज्जैन के संयुक्त तत्वावधान में नई कविता आंदोलन और शमशेरबहादुर सिंह पर केंद्रित राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। आयोजन के मुख्य अतिथि इग्नू नई दिल्ली के कुलसचिव एवं वरिष्ठ कवि - आलोचक प्रो जितेंद्र श्रीवास्तव थे। अध्यक्षता वरिष्ठ विद्वान प्रो आनंदप्रकाश त्रिपाठी, सागर ने की। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता कुलानुशासक प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा, गुजरात विद्यापीठ के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो जसवंतभाई डी. पंड्या, अहमदाबाद, छत्रसाल विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष प्रो बहादुरसिंह परमार, छतरपुर, पूर्व प्राचार्य डॉ जय श्रीवास्तव, पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो हरिमोहन बुधौलिया, ललित कला विभागाध्यक्ष प्रो जगदीश चंद्र शर्मा, प्रेमचंद सृजन पीठ के निदेशक श्री मुकेश जोशी ने विचार व्यक्त किए।  मुख्य अतिथि कवि - समालोचक प्रो. जितेंद्र श्रीवास्तव, नई दिल...

मानव अधिकार उल्लंघन के 03 मामलों में मप्र मानव अधिकार आयोग ने लिया संज्ञान

🙏 द्वारा, राधेश्याम चौऋषिया 🙏  भोपाल। मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष डॉ. श्री अवधेश प्रताप सिंह ने शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को विगत दिवसों के विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित प्रथम दृष्टया मानव अधिकार उल्लंघन के  '’तीन मामलों में''  संज्ञान लेकर संबंधितों से जवाब मांगा है।   अवैध कब्जों की आड़ में हो रहे असामाजिक काम , स्‍कूल और शासकीय डिस्पेंसरी के आसपास भी कब्जे....   भोपाल शहर के लिंक रोड नंबर 3 स्थित पंचशील नगर में  अतिक्रमण के चलते आम लोगों का जनजीवन अस्‍त व्‍यस्‍त होने का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार   पंचशील नगर क्षेत्र में कब्जा धारियों द्वारा शासकीय सरदार पटेल हाई स्कूल , शासकीय नूतन सुभाष स्कूल की जमीन और कॉलोनी में स्थित नाले और नालियों पर अतिक्रमण कर रखा है। इस कारण इलाके में आम लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। अवैध कब्‍जे करने वाले लोगों को रोककर पैसों की मांग करते है। जिसकी वजह से रात के समय लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। मामले में संज्ञान लेकर मध्‍यप्रदेश मानव...

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