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Showing posts from February, 2026

महाभारत के काल निर्णय और कूटनीति पर हुआ मंथन राष्ट्रीय व्याख्यान संगोष्ठी में

घटनाओं, साक्ष्यों और ग्रहीय स्थिति के आधार पर सम्भव है महाभारत की काल गणना - पूर्व संभागायुक्त डॉ मोहन गुप्त सार्वभौमिक और सार्वकालिक है महाभारत का सन्देश – प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा राष्ट्रीय स्तर पर महाभारत पर आधारित राष्ट्रीय व्याख्यान संगोष्ठी का आयोजन सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन की हिंदी अध्ययनशाला, ललित कला अध्ययनशाला द्वारा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय चरखारी, महोबा तथा चातुर्वेद संस्कृत प्रचार संस्थानम्, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। संगोष्ठी के मुख्य अतिथि पूर्व संभागायुक्त एवं कुलपति डॉ मोहन गुप्त ने महाभारत  काल विमर्श पर व्याख्यान दिया।  अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलानुशासक प्रो. शैलेंद्रकुमार शर्मा ने की। आयोजन में प्राचार्य डॉ॰ धर्मेन्द्र कुमार गुप्त, श्रावस्ती ने कणिक कूटनीति  विमर्श विषय पर व्याख्यान दिया।   पूर्व संभागायुक्त एवं कुलपति डॉ. मोहन गुप्त ने अपने व्याख्यान में महाभारत काल विमर्श करते हुए कहा कि अनेक घटनाएं, ग्रहीय स्थिति और साक्ष्य हैं जिनके आधार पर महाभारत की काल गणना की जा सकती है। रामायण और महाभारत ...

भाषा किसी भी देश की पहचान होती है

डॉ. शशि निगम एवं नाज़मा खान हिन्दी सेवी सम्मान से सम्मानित इंदौर। भाषा किसी भी देश की पहचान होती है। राजभाषा देश की शासकीय कार्यों के लिए होती है। लेकिन इसका पालन निजी क्षेत्रों में भी किया जाना चाहिए। इसके लिए हिन्दी क्षेत्र में रह रहे साहित्यकारों हिन्दी सेवियों को सार्थक प्रयास करना चाहिए, उक्त उद्गार डॉ. जवाहर कर्नावट (से.नि. महाप्रबंधक राजभाषा बैंक ऑफ बड़ौदा) ने व्यक्त किये। उन्हांंने कहा कि रस्तोगी परिवार अपने परिवार के हिन्दी सेवी को जीवंत बनाये रखने का अनुकरणीय प्रयास कर रहा है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. सोनाली नरगुन्दे (पत्रकारिता विभाग प्रमुख, दे.अ.वि.वि.) ने कहा कि पत्रकारिता में भाषा का विशिष्ट महत्व होता है विशेषकर हिन्दी का। हिन्दी परिवार इस सन्दर्भ में सराहनीय कार्य कर रहा है। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन ने श्री अरविन्द जवलेकर ने कहा कि हिन्दी परिवार, हिन्दी भाषा और साहित्य के संवर्धन के लिए सराहनीय कार्य करता है और सम्मानित कर प्रोत्साहन भी देता है।  हिन्दी परिवार के सम्मान समारोह में आज इंदौर विमानपत्तन की राजभाषा विभाग की अधीक्षक नाज़मा खान को डॉ. आलोक कुमार रस्तोग...

मातृशक्ति के रक्त में सेवा और संस्कार, वही राष्ट्र निर्माण की मूल शक्ति – भैयाजी जोशी, अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य, आरएसएस

मातृ संस्कार समागम का भव्य आयोजन: मातृशक्ति को बताया राष्ट्र निर्माण की आधारशिला युगानुकूल मातृत्व, पंचपरिवर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ दो दिवसीय अधिवेशन संपन्न विश्व मांगल्यसभा के मातृ संस्कार समागम में मातृत्व, संस्कृति और संगठन शक्ति का व्यापक विमर्श उज्जैन। मातृशक्ति को प्रकृति की अनुपम देन बताते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य माननीय श्री भैयाजी जोशी ने कहा कि सेवा और संस्कार मातृशक्ति के रक्त में निहित हैं। वे विश्व मांगल्यसभा द्वारा आयोजित  मातृ संस्कार समागम  के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में विकास फाउंडेशन ट्रस्ट की चेयरपर्सन डॉ. मृदुला धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि मां शक्ति है, ममता है, विद्याप्रदायिनी है और वही समाज में संवेदनशीलता ला सकती है। कार्यक्रम में एम थ्रीएम फाउंडेशन ग्रुप की चेयरपर्सन एवं विश्व मांगल्य स्वनाथ परिषद की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पायल कनोड़िया जी की उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने 6 भ—भाषा, भूषा, भजन, भोजन, भ्रमण—पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। गणेश वंदना बालिकाओं द्वार...

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