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भाषा किसी भी देश की पहचान होती है

डॉ. शशि निगम एवं नाज़मा खान हिन्दी सेवी सम्मान से सम्मानित

इंदौर। भाषा किसी भी देश की पहचान होती है। राजभाषा देश की शासकीय कार्यों के लिए होती है। लेकिन इसका पालन निजी क्षेत्रों में भी किया जाना चाहिए। इसके लिए हिन्दी क्षेत्र में रह रहे साहित्यकारों हिन्दी सेवियों को सार्थक प्रयास करना चाहिए, उक्त उद्गार डॉ. जवाहर कर्नावट (से.नि. महाप्रबंधक राजभाषा बैंक ऑफ बड़ौदा) ने व्यक्त किये। उन्हांंने कहा कि रस्तोगी परिवार अपने परिवार के हिन्दी सेवी को जीवंत बनाये रखने का अनुकरणीय प्रयास कर रहा है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. सोनाली नरगुन्दे (पत्रकारिता विभाग प्रमुख, दे.अ.वि.वि.) ने कहा कि पत्रकारिता में भाषा का विशिष्ट महत्व होता है विशेषकर हिन्दी का। हिन्दी परिवार इस सन्दर्भ में सराहनीय कार्य कर रहा है। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन ने श्री अरविन्द जवलेकर ने कहा कि हिन्दी परिवार, हिन्दी भाषा और साहित्य के संवर्धन के लिए सराहनीय कार्य करता है और सम्मानित कर प्रोत्साहन भी देता है। 

हिन्दी परिवार के सम्मान समारोह में आज इंदौर विमानपत्तन की राजभाषा विभाग की अधीक्षक नाज़मा खान को डॉ. आलोक कुमार रस्तोगी स्मृति राजभाषा हिन्दी सेवी सम्मान एवं हिन्दी मालवी की साहित्यकार डॉ. शशि निगम को हिन्दी सेवी सम्मान 2025 प्रदान किया गया। सम्मान पत्रों का वाचन डॉ. दीप्ति गुप्ता एवं दीपक शिरालकर ने किया। 

अतिथि परिचय एवं कार्यक्रम का संचालन संस्था अध्यक्ष हरेराम वाजपेयी ने किया। संस्था परिचय एवं स्वागत उद्बोधन संस्था सचिव श्री संतोष मोहन्ती ने दिया। अतिथियों का स्वागत हिंदी परिवार उज्जैन के संयोजक डॉ प्रभु चौधरी डॉ. अरुणा सराफ, प्रभु त्रिवेदी, सदाशिव कौतुक,डॉ. अंजुल कंसल एवं डॉ. योगेन्द्रनाथ शुक्ल ने किया। इस अवसर पर ‘वीणा’ के सम्पादक श्री राकेश शर्मा, पूर्व राजभाषा अधिकारी हरीश शर्मा, रस्तोगी परिवार के पुत्र दिव्यांश रस्तोगी, देवेन्द्र सिसौदिया, त्रयम्बक चांदोरकर, मुकेश तिवारी आदि काफी संख्या में सुधीजन उपस्थित थे। अंत में आभार श्री प्रदीप नवीन ने व्यक्त किया।

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