Skip to main content

उज्जैन में मेडिकल कॉलेज खोलने की मेरी वर्षों से चली आ रही मांग को पूरा करने पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी को बहुत बहुत धन्यवाद, आभार : पारस चन्द्र जैन, विधायक

 🔴 उज्जैन में मेडिकल कॉलेज खोलने की मेरी वर्षों से चली आ रही मांग को पूरा करने पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी को बहुत बहुत धन्यवाद, आभार : पारस चन्द्र जैन, विधायक



https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=3981125908671243&id=100003216196317

उज्जैन । भारत स्काउट एवं गाइड मध्यप्रदेश के राज्य मीडिया प्रभारी श्री राधेश्याम चौऋषिया ने जानकारी देते हुए बताया कि, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी ने आज उज्जैन में, उज्जैन संभाग की कोरोना समीक्षा की बैठक ली । इस बैठक के दौरान जनहित के कई मुद्दों पर आज गहन विचार-मंथन हुआ और कई निर्णय लिये गए ।


मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री, उज्जैन-मध्यप्रदेश के लोकप्रिय विधायक श्री पारस चन्द्र जैन ने कहा कि,  हमारा उज्जैन, संभाग होने के कारण यहाँ मेडिकल कॉलेज की जरूरत  वर्षों से थी । उज्जैन में मेडिकल कॉलेज की जरूरत को पूरा करने के लिए वर्ष 2015 से पहले से ही मैं निरंतर प्रयास करता आ रहा हूँ । मैं, जब भी मुख्यमंत्री जी से मिलता था तो उनसे हर बार एक आग्रह जरूर करता था कि, उज्जैन में एक मेडिकल कॉलेज की सौगात दे दीजिए । मध्यप्रदेश विधानसभा में भी समय समय पर आहूत विधानसभा सत्रों में मैंने उज्जैन में मेडिकल कॉलेज खोलने  का मुद्दा उठाया था, उज्जैन में मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग की थी ।


विधायक श्री जैन ने कहा कि, मध्यप्रदेश सरकार से कई वर्षों से मेरी मांग थी व मेरे विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में भी उल्लेखित रहा है कि, मैं उज्जैन में मेडिकल कॉलेज खुलवाऊंगा और मेरी भी व्यक्तिगत तमन्ना थी की उज्जैन में मेडिकल कॉलेज की घोषणा मेरे विधायक कार्यकाल में हो। आज मध्यप्रदेश के सहृदय मुख्यमंत्री जी श्री शिवराज सिंह चौहान ने मेरी वर्षों से चली आ रही उज्जैन में मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग को स्वीकार करते हुए, उज्जैन में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की है। मैं अपनी ओर से उन्हें बहुत-बहुत धन्यवाद देते हुए आभार प्रकट करता हूँ और उज्जैन की जनता को एक बहुत बड़ी उपलब्धि मेडिकल कॉलेज के रूप में मिलने के लिए अग्रिम बधाई देता हूँ । 

विधायक श्री पारसचन्द्र जैन ने आगे बताया कि, आज हुई बैठक में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, जिस प्रकार ब्लैक फंगस बीमारी चल रही है उसके इंजेक्शन की जो कमी है, पूरे संभागों की जो बैठकें हुई हैं उसमें ब्लैक फंगस के लिए जहां भी मेडिकल कॉलेज है उसमें अलग से बेड बुक किए जाएंगे एवं मरीज की सुविधा के लिए जो इंजेक्शन की  आवश्यकता होगी उसकी पूर्ति मध्यप्रदेश सरकार द्वारा की जाएगी ।बैठक के दौरान मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि, 31 मई, 2021 तक जो कोरोना कर्फ्यू है उसका सख्ती से पालन करें और सभी जनप्रतिनिधियों से आपने आव्हान किया है कि, जहाँ जहाँ अभी कोरोना कर्फ्यू लागू है उन सभी जिलों/नगरों/ग्रामीण क्षेत्रों में सभी जनप्रतिनिधि, समाजसेवी लोगों व सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर 31मई के बीच में जीरो कोरोना केसेस लाना है और इसके लिए हर समाजसेवी और हर व्यक्ति को प्रयास करना है ।


विधायक श्री जैन ने कहा है कि, 45 वर्ष से ऊपर के लोग भी वैक्सीनेशन अवश्य कराए । वैक्सीन लगवाने में देरी ना करें तथा 18 वर्ष से अधिक आयु के लोग भी रजिस्ट्रेशन करवा कर वैक्सीन जरूर लगवाए ।


विधायक श्री जैन ने कहा कि, मुझे पूरी उम्मीद है वैक्सीन लगाने के बाद कोरोना भाग जाएगा और हमारे प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की मंशा पूरी होगी । उन्होंने यह भी बताया कि, ऑक्सीजन की व्यवस्थित व्यवस्था है, रेमडेसीविर इंजेक्शन भी पर्याप्त मात्रा में मिल रहे हैं यह सब कुछ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री जी के कुशल नेतृत्व और सही प्रयासों से ही संभव  हो पाया है । 


आज उज्जैन में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी ने मेरा सपना पूरा कर दिया है, मेरी वर्षों से चली आ रही मांग को पूरा कर दिया है, उज्जैन में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की है उसके लिए मैं उनको बारंबार, बहुत-बहुत बधाई देता हूं बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं धन्यवाद।


🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩


"बेख़बरों की खबर" फेसबुक पेज...👇

Bekhabaron Ki Khabar - बेख़बरों की खबर 


"बेख़बरों की खबर" न्यूज़ पोर्टल/वेबसाइट...👇


https://www.bkknews.page


"बेख़बरों की खबर" ई-मैगजीन पढ़ने के लिए नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करें...👇

https://www.readwhere.com/publication/6480/Bekhabaron-Ki-Khabar


🚩🚩🚩🚩आभार, धन्यवाद, सादर प्रणाम ।🚩🚩🚩🚩

Comments

मध्यप्रदेश खबर

नेशनल न्यूज़

Popular posts from this blog

आधे अधूरे - मोहन राकेश : पाठ और समीक्षाएँ | मोहन राकेश और उनका आधे अधूरे : मध्यवर्गीय जीवन के बीच स्त्री पुरुष सम्बन्धों का रूपायन

  आधे अधूरे - मोहन राकेश : पीडीएफ और समीक्षाएँ |  Adhe Adhure - Mohan Rakesh : pdf & Reviews मोहन राकेश और उनका आधे अधूरे - प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा हिन्दी के बहुमुखी प्रतिभा संपन्न नाट्य लेखक और कथाकार मोहन राकेश का जन्म  8 जनवरी 1925 को अमृतसर, पंजाब में  हुआ। उन्होंने  पंजाब विश्वविद्यालय से हिन्दी और अंग्रेज़ी में एम ए उपाधि अर्जित की थी। उनकी नाट्य त्रयी -  आषाढ़ का एक दिन, लहरों के राजहंस और आधे-अधूरे भारतीय नाट्य साहित्य की उपलब्धि के रूप में मान्य हैं।   उनके उपन्यास और  कहानियों में एक निरंतर विकास मिलता है, जिससे वे आधुनिक मनुष्य की नियति के निकट से निकटतर आते गए हैं।  उनकी खूबी यह थी कि वे कथा-शिल्प के महारथी थे और उनकी भाषा में गज़ब का सधाव ही नहीं, एक शास्त्रीय अनुशासन भी है। कहानी से लेकर उपन्यास तक उनकी कथा-भूमि शहरी मध्य वर्ग है। कुछ कहानियों में भारत-विभाजन की पीड़ा बहुत सशक्त रूप में अभिव्यक्त हुई है।  मोहन राकेश की कहानियां नई कहानी को एक अपूर्व देन के रूप में स्वीकार की जाती हैं। उनकी कहानियों में आधुनिक जीवन का कोई-न-कोई विशिष्ट पहलू उजागर

हिंदी कथा साहित्य / संपादक प्रो. शैलेंद्र कुमार शर्मा

हिंदी कथा साहित्य की भूमिका और संपादकीय के अंश : किस्से - कहानियों, कथा - गाथाओं के प्रति मनुष्य की रुचि सहस्राब्दियों पूर्व से रही है, लेकिन उपन्यास या नॉवेल और कहानी या शार्ट स्टोरी के रूप में इनका विकास पिछली दो सदियों की महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है। हिंदी में नए रूप में कहानी एवं उपन्यास  विधा का आविर्भाव बीसवीं शताब्दी में हुआ है। वैसे संस्कृत का कथा - साहित्य अखिल विश्व के कथा - साहित्य का जन्मदाता माना जाता है। लोक एवं जनजातीय साहित्य में कथा – वार्ता की सुदीर्घ परम्परा रही है। इधर आधुनिक हिन्दी कथा साहित्य का विकास संस्कृत - कथा - साहित्य अथवा लोक एवं जनजातीय कथाओं की समृद्ध परम्परा से न होकर, पाश्चात्य कथा साहित्य, विशेषतया अंग्रेजी साहित्य के प्रभाव रूप में हुआ है।  कहानी कथा - साहित्य का एक अन्यतम भेद और उपन्यास से अधिक लोकप्रिय साहित्य रूप है। मनुष्य के जन्म के साथ ही साथ कहानी का भी जन्म हुआ और कहानी कहना - सुनना मानव का स्वभाव बन गया। सभी प्रकार के समुदायों में कहानियाँ पाई जाती हैं। हमारे देश में तो कहानियों की सुदीर्घ और समृद्ध परंपरा रही है। वेद - उपनिषदों में वर्णित यम-य

कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षा नीति का उत्कृष्ट पुरस्कार

  उज्जैन : मध्यप्रदेश में नई शिक्षा नीति का सर्वप्रथम क्रियान्वयन करने पर जबलपुर में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षा नीति में उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। एनवायरनमेंट एवं सोशल वेलफेयर सोसाइटी, खजुराहो एवं प्राणीशास्त्र एवं जैवप्रौद्योगिकी विभाग, शासकीय विज्ञान स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जबलपुर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजन दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन जबलपुर में किया गया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश में नई शिक्षा नीति के सर्वप्रथम क्रियान्वयन के लिए विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षानीति में उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय की प्रशासनिक कार्यकुशलता से आज विश्वविद्यालय नई शिक्षा का क्रियान्वयन करने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है। इस उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ प्रशांत पुराणिक एवं कुलानुशासक प्रो शैलेन्द्र कुमार शर्मा ने कुलपति प्रो पांडेय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक