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भाषा किसी भी देश की पहचान होती है

डॉ. शशि निगम एवं नाज़मा खान हिन्दी सेवी सम्मान से सम्मानित इंदौर। भाषा किसी भी देश की पहचान होती है। राजभाषा देश की शासकीय कार्यों के लिए होती है। लेकिन इसका पालन निजी क्षेत्रों में भी किया जाना चाहिए। इसके लिए हिन्दी क्षेत्र में रह रहे साहित्यकारों हिन्दी सेवियों को सार्थक प्रयास करना चाहिए, उक्त उद्गार डॉ. जवाहर कर्नावट (से.नि. महाप्रबंधक राजभाषा बैंक ऑफ बड़ौदा) ने व्यक्त किये। उन्हांंने कहा कि रस्तोगी परिवार अपने परिवार के हिन्दी सेवी को जीवंत बनाये रखने का अनुकरणीय प्रयास कर रहा है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. सोनाली नरगुन्दे (पत्रकारिता विभाग प्रमुख, दे.अ.वि.वि.) ने कहा कि पत्रकारिता में भाषा का विशिष्ट महत्व होता है विशेषकर हिन्दी का। हिन्दी परिवार इस सन्दर्भ में सराहनीय कार्य कर रहा है। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन ने श्री अरविन्द जवलेकर ने कहा कि हिन्दी परिवार, हिन्दी भाषा और साहित्य के संवर्धन के लिए सराहनीय कार्य करता है और सम्मानित कर प्रोत्साहन भी देता है।  हिन्दी परिवार के सम्मान समारोह में आज इंदौर विमानपत्तन की राजभाषा विभाग की अधीक्षक नाज़मा खान को डॉ. आलोक कुमार रस्तोगी स्...

मातृशक्ति के रक्त में सेवा और संस्कार, वही राष्ट्र निर्माण की मूल शक्ति – भैयाजी जोशी, अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य, आरएसएस

मातृ संस्कार समागम का भव्य आयोजन: मातृशक्ति को बताया राष्ट्र निर्माण की आधारशिला युगानुकूल मातृत्व, पंचपरिवर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ दो दिवसीय अधिवेशन संपन्न विश्व मांगल्यसभा के मातृ संस्कार समागम में मातृत्व, संस्कृति और संगठन शक्ति का व्यापक विमर्श उज्जैन। मातृशक्ति को प्रकृति की अनुपम देन बताते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य माननीय श्री भैयाजी जोशी ने कहा कि सेवा और संस्कार मातृशक्ति के रक्त में निहित हैं। वे विश्व मांगल्यसभा द्वारा आयोजित  मातृ संस्कार समागम  के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में विकास फाउंडेशन ट्रस्ट की चेयरपर्सन डॉ. मृदुला धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि मां शक्ति है, ममता है, विद्याप्रदायिनी है और वही समाज में संवेदनशीलता ला सकती है। कार्यक्रम में एम थ्रीएम फाउंडेशन ग्रुप की चेयरपर्सन एवं विश्व मांगल्य स्वनाथ परिषद की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पायल कनोड़िया जी की उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने 6 भ—भाषा, भूषा, भजन, भोजन, भ्रमण—पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। गणेश वंदना बालिकाओं द्वार...

सनातन मूल्य व मानव अधिकारों के संरक्षण में समाजसेवी संगठनों की भूमिका महत्वपूर्ण - डॉ. अवधेश प्रताप सिंह, अध्यक्ष, मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग

जेसीआई अलुम्नाई मंडल सम्मेलन ग्वालियर   🙏 द्वारा, राधेश्याम चौऋषिया  🙏  ग्वालियर। ग्वालियर में युवा व्यक्तित्व विकास समाज सेवी संगठन जूनियर चैम्बर ऑफ़ इंडिया जे ए सी के मंडल सम्मेलन में डॉ अवधेश प्रताप सिंह, मा. अध्यक्ष, मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधन देते हुए कहा कि, जेसीज एवं जे ए सी जैसे संगठनों का  युवाओं के सशक्तिकरण द्वारा देश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है। परंतु वर्तमान प्रदूषित वातावरण में समाज में निरंतर गिर रहे सनातन मूल्यों और मानव अधिकारों के संरक्षण की महती आवश्यकता है जिसके लिए समाजसेवी संगठनों को युवा पीढ़ी को संस्कार, मानवीय मूल्य आत्मसात कराने में प्रभावी भूमिका निभाना चाहिए। डॉ अवधेश प्रताप सिंह जी जो स्वयं जेसीज के सदस्य रहे द्वारा प्रभावी ढंग से जेसी क्रीड के बिंदुओं की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए उल्लेख किया कि, इसमें हमारी संस्कृति व जीवन मूल्य समाहित हैं, ईश्वर में आस्था, बंधुत्व भाव, मानव व्यक्तित्व के महत्व, विधि का शासन से लेकर मानवता की सेवा जीवन का सर्वोत्तम कार्य जैसे सूत्र इसमें हैं जो आज बहुत प्रा...

मध्य निषेध दिवस पर ब्रह्माकुमारी के उज्जैन सेवाकेंद्र में नशा मुक्ति कार्यक्रम आयोजित

उज्जैन। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के उज्जैन सेवाकेंद्र पर मध्य निषेध दिवस के अवसर पर 30 जनवरी 2026 को नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जनजागरण फैलाना तथा स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित डॉक्टर कौस्तुभ ने मध्यपान से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि परिवार और समाज की संरचना को भी कमजोर करता है। उनके व्याख्यान ने उपस्थित जनसमूह को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने स्वयं नशा मुक्त रहने एवं दूसरों को भी नशा मुक्त करने का संकल्प लिया। जनजागरूकता को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कार्यक्रम के अंतर्गत रैली का भी आयोजन किया गया, जिसमें नशा मुक्ति के संदेशों के माध्यम से समाज को जागरूक किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी , ब्रह्माकुमारी मीना दीदी , डॉक्टर कौस्तुभ , ...

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