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मिलेटस को अपने आहार में शामिल करके हम सशक्त भारत का निर्माण कर सकते है: डॉ. राज भंडारी ; भारतीय ज्ञान परंपरा को तथ्यों के साथ सामने लाकर नई पीढ़ी को जागरूक करना होगा: प्रो. सी. सी. त्रिपाठी

मिलेटस को अपने आहार में शामिल करके हम सशक्त भारत का निर्माण कर सकते है: डॉ. राज भंडारी भोपाल। एनआईटीटीटीआर भोपाल के निदेशक प्रो. सी. सी. त्रिपाठी द्वारा "आज़ादी का अमृत महोत्सव" के अवसर पर व्याख्यान माला की शुरुआत की गयी है । इसी श्रृंखला में तृतीय व्याख्यान माला में वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ और राष्ट्रीय मिलेटस टास्क फोर्स के सदस्य डॉ. राज भंडारी ने "न्यूट्रिशन सिक्योरिटी विथ मिलेटस" पर एक व्याख्यान दिया। इस व्याख्यान में डॉ. भंडारी ने मिलेट्स के न्यूट्रिशन से संबंधित विभिन्न तथ्यों को वैज्ञानिक शोध के आधार पर प्रस्तुत किया।  उन्होंने कहा कि मोटे अनाज को अपने आहार में शामिल करके हम सशक्त भारत का निर्माण कर सकते है। भारतीय किसान यदि मोटे अनाज को खेती में शामिल करें तो पर्यावरण भी सुरक्षित और संरक्षित रहेगा। भारतीय ज्ञान परंपरा को तथ्यों के साथ सामने लाकर नई पीढ़ी को जागरूक करना होगा: प्रो. सी. सी. त्रिपाठी निटर के निदेशक प्रो. सी. सी. त्रिपाठी ने रोचक उदाहरणों के माध्यम से बताया की हमारे पूर्वज किस तरह अपने खानपान एवं रहन सहन से स्वस्थ रहा करते थे। भारतीय परंपरा

फार्मेसी संस्थान में अरावली रिजन की प्राकृतिक एव स्वदेशी औषधियों के विषय पर महत्वपूर्ण व्याख्यान का आयोजन

उज्जैन । विक्रम विश्वविद्यालय के फार्मेसी संस्थान में दिनांक 08.08.2022 को भूपाल नोबल विश्वविद्यालय, उदयपूर राजस्थान से पधारे प्रो. यूवराज सिंह सारंगदेवत सर के द्वारा अरावली की पहाड़ियों में पाये जाने वाली विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक जड़ीबूटीयों एवं औषधियां एवं उनका महत्व तथा इन ओषधियों का दूसरी पैथियों में उपयोग में लाये जाने वाली औषधियों के साथ तुलनात्मक अध्ययन विषय पर महत्वपूर्ण व्याख्यान आयोजित हुआ। जिसमें स्वदेशी औषधियों पर हो रहे शोध के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारीयां छात्रों एवं शोधार्थियों के साथ में साझा की गई है। प्रो. सारंगदेवत सर पाँच वर्षों तक यूनिवर्सिटी ऑफ मिसराता लिबिया में कार्यरत रहे आपके द्वारा इंडिजिनस ड्रग्स (स्वदेशी औषधियां ) के विषय में राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में विभिन्न शोध पत्र प्रकाशित किये गये। आपके निर्देशन में दस से अधिक शोधार्थियों ने पीएचडी की है। वर्तमान में आप बी. एन. यूनिवर्सिटी, उदयपूर में फार्मेसी विषय के संकाय अध्यक्ष है व्याख्यान का संयोजन डा. दर्शन दुबे के द्वारा किया गया।  इस कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के विभाग अध्यक्ष ड

फार्मेसी संस्थान में यूनिवर्सिटी ऑफ टोलेडो अमेरिका से आये प्रोफेसर का व्याख्यान एवं छात्रों से संवाद

उज्जैन । विक्रम विश्वविद्यालय के फार्मेसी संस्थान में अमेरिका से पधारे डॉ. अमित तिवारी सर के द्वारा भारत और अमेरिका में फार्मेसी विषय के क्षेत्र में हो रहे विभिन्न शोध नवाचार एवं औषधियों के गुणवत्ता उन्नयन विषय पर छात्रों से महत्वपूर्ण संवाद आयोजित किया गया। डॉ. अमित तिवारी सर ने सेंट जोन्स यूनिवर्सिटी न्यूयार्क से एम.एस., पीएचडी किया है एवं विगत कई वर्षो से यूनिवर्सिटी आफ टोलेडो में फार्माकोलोजी एवं क्लीनिकल थैराप्यूटिक्स विषय के प्रोफेसर एवं रिर्सचर के रूप में कार्यरत है। आपके द्वारा कैंसर की बीमारी एवं उसके ईलाज में उपयोग में आने वाली नई तकनीकों के विषय पर विभीन्न शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय जनरल में प्रकाशित किये गये हैं फार्मेसी संस्थान के विभागाध्यक्ष डॉ. कमलेश दशोरा सर के द्वारा स्वागत भाषण दिया गया एवं इस कार्यक्रम के अतिथी एवं विशेष अतिथी के विभीन्न शोध कार्यों से अवगत कराया। इस संवाद कार्यक्रम में मुख्य अतिथी के रूप में राजीव गाँधी प्रोधोगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल के पूर्व कुलपति प्रो. पियूष त्रिवेदी सर के द्वारा भी छात्रों से संवाद किया गया। प्रो. त्रिवेदी सर आठ वर्षों तक राजी

विक्रम विश्वविद्यालय एवं वन विभाग उज्जैन के संयुक्त प्रयास से मियावाकी तकनीक द्वारा शहरी वनरोपण की संकल्पना

पौधरोपण तथा शहरी वनीकरण के लिए वन विभाग और विक्रम विश्वविद्यालय द्वारा किया जाएगा एम. ओ. यू. उज्जैन । कम समय में हरियाली एवं नगरीय वनीकरण हेतु जापानी मियावाकी तकनीक महत्वपूर्ण है। उज्जैन वन मण्डल द्वारा शहर के कई स्थानों में इस विधि द्वारा पौधरोपण किया गया है। विक्रम विश्वविद्यालय एवं वनमण्डल, उज्जैन के संयुक्त प्रयास से विश्वविद्यालय परिसर एवं शहर के अन्य स्थानों पर इस तकनीक का उपयोग करते हुए वनरोपण की संकल्पना को पूर्ण किया जाएगा। विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों व शोधार्थियों के लिए यह तकनीक जैव विविधता, पौधरोपण, अपशिष्ट जैवोपचारण, समस्याग्रस्त मिट्टी एवं जलभराव के उपचार तथा प्रबन्धन के क्षेत्र में अध्ययन एवं अनुसंधान के लिए उपयोगी है। भविष्य में वन विभाग, उज्जैन एवं विक्रम विश्वविद्यालय द्वारा पौधरोपण तथा शहरी वनीकरण के लिए द्विपक्षीय सहमति (एम. ओ. यू) की जाएगी। जैव विविधता का मानव जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है, जिसके बिना पृथ्वी पर मानव जीवन असंभव है। औद्योगिकीकरण, शहरीकरण, अनियंत्रित विकास, प्राकृतिक संसाधनों का मनुष्य द्वारा अति दोहन, पर्यावरण प्रदूषण व वैश्विक

नशे से आज़ादी : युवा संवाद कार्यक्रम हुआ विक्रम विश्वविद्यालय में

उज्जैन । नशे से आज़ादी : युवा संवाद कार्यक्रम में विक्रम विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र एवं समाज कार्य अध्ययनशाला एवं सामजिक न्याय एवं निशक्तजन कल्याण विभाग उज्जैन के सयुंक्त तत्वावधान 5 अगस्त 2022 को केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता की। केंद्रीय मंत्री श्री वीरेंद्र खटीक ने कहा पूरा देश नशे के विरोध में आंदोलन कर रहा है। युवाओं को नशे से बचाने के लिए विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। समाजशास्त्र अध्ययनशाला तथा सामाजिक न्याय विभाग के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार की सुबह विक्रम विश्वविद्यालय की शलाका दीर्घा सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित विद्यार्थियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री खटीक ने कहा मध्यप्रदेश अच्छा काम कर रहा है और विश्वविद्यालय की इसमें सकारात्मक भूमिका रही है । अध्यक्ष कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पाण्डेय ने कहा विक्रम विश्वविद्यालय ने पूरे राज्य में नशा मुक्ति पर सर्वाधिक कार्य किया है। आगे भी भारत सरकार के अभियान को

शिक्षा को उद्योगों के साथ जोड़ने के लिए विशेष प्रयास करेगा विक्रम विश्वविद्यालय - कुलपति प्रो पांडेय

विक्रम विश्वविद्यालय ने किया उज्जैन के उद्योग जगत् के साथ विशेष बैठक और परिसंवाद का आयोजन उज्जैन । विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा कार्यपरिषद कक्ष में उज्जैन के उद्योग जगत् के साथ विशेष बैठक एवं परिसंवाद का आयोजन किया गया। अध्यक्षता कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय ने की। आयोजन में कार्यपरिषद सदस्य श्री राजेशसिंह कुशवाह, लघु उद्योग भारती के प्रदेश पदाधिकारी श्री उल्लास वैद्य, अध्यक्ष श्री चरणजीतसिंह कालरा, वरिष्ठ समाजसेवी श्री संजय अग्रवाल, कुलानुशासक प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा आदि सहित अनेक उद्योगपतियों और समाजसेवियों ने भाग लिया। बैठक में उद्योगों के साथ विश्वविद्यालय के आपसी तालमेल पर गहन मंथन किया गया। उद्योग जगत के प्रतिनिधि सर्वश्री ब्रजेश शिवहरे, अनिल लिग्गा, सुमीना लिग्गा, सुनील भावसार, आनंद दशोरा, उमेशसिंह सेंगर, सुनील पिठवे, वीरेंद्रसिंह राजपूत, गिरीश जायसवाल, राजेश गर्ग, अनुभव आर. जैन, राजेंद्र सिरोलिया आदि ने अपने महत्त्वपूर्ण सुझाव रखे। परिसंवाद की संकल्पना प्रस्तुत करते हुए कुलपति प्रोफेसर अखिलेश कुमार पांडेय ने कहा कि विक्रम विश्वविद्यालय ढाई सौ से अधिक पाठ्यक्रमो

विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन एवं राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत निकाली गई रैली

उज्जैन । आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से हर घर तिरंगा अभियान का आह्वान किया है। इसके अंतर्गत प्रधानमंत्री जी द्वारा 13 से 15 अगस्त 2022 तक सभी देश वासियों से अपने अपने घरों में तिरंगा फहराने की अपील की गई हैं। अभियान की शृंखला में राष्ट्रीय सेवा योजना, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा जिले की समस्त रासेयो इकाइयों एवं एनसीसी के सहयोग से तिरंगा यात्रा का शुभारंभ हुआ। रैली विक्रम कीर्ति मंदिर से कुलपति निवास, देवास रोड, माधव साइन्स कॉलेज, विक्रम विश्वविद्यालय परिसर में प्रचार प्रसार करती हुई माधव भवन पहुंची। विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पाण्डेय ने आजादी और तिरंगा यात्रा का महत्व बतलाया । कुलसचिव एवं कार्यक्रम समन्वयक (रासेयों) डा. प्रशांत पुराणिक ने छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि यात्रा का उद्देश्य तिरंगे के प्रति सम्मान बढ़ाना एवं राष्ट्र भक्ति का भाव जगाना है। कार्यक्रम में शासकीय माधव विज्ञान महाविद्यालय, पोलिटेक्निक कॉलेज, एडवांस कॉलेज, दशहरा मैदान कन्या हायर सेकण्डर

विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा एम.सी.ए. सहित 22 परीक्षाओं के परिणाम घोषित

उज्जैन : विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलानुशासक प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा ने बताया कि, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा  एम.सी.ए. सहित 22 परीक्षाओं  के परिणाम घोषित हुए हैं, जिसे विद्यार्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जाकर देख सक ते हैं...  

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