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नई कविता आंदोलन और शमशेरबहादुर सिंह पर केंद्रित राष्ट्रीय संगोष्ठी सम्पन्न

शब्दों का संयम सिखाती है शमशेर जी की कविता – प्रो जितेंद्र श्रीवास्तव प्रणय, प्रकृति सौंदर्य और जीवन राग के कवि हैं शमशेर जी - प्रो शर्मा Ujjain | सम्राट् विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन की हिंदी अध्ययनशाला द्वारा प्रेमचंद सृजन पीठ एवं शमशेर साहित्य संस्थान उज्जैन के संयुक्त तत्वावधान में नई कविता आंदोलन और शमशेरबहादुर सिंह पर केंद्रित राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। आयोजन के मुख्य अतिथि इग्नू नई दिल्ली के कुलसचिव एवं वरिष्ठ कवि - आलोचक प्रो जितेंद्र श्रीवास्तव थे। अध्यक्षता वरिष्ठ विद्वान प्रो आनंदप्रकाश त्रिपाठी, सागर ने की। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता कुलानुशासक प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा, गुजरात विद्यापीठ के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो जसवंतभाई डी. पंड्या, अहमदाबाद, छत्रसाल विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष प्रो बहादुरसिंह परमार, छतरपुर, पूर्व प्राचार्य डॉ जय श्रीवास्तव, पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो हरिमोहन बुधौलिया, ललित कला विभागाध्यक्ष प्रो जगदीश चंद्र शर्मा, प्रेमचंद सृजन पीठ के निदेशक श्री मुकेश जोशी ने विचार व्यक्त किए।  मुख्य अतिथि कवि - समालोचक प्रो. जितेंद्र श्रीवास्तव, नई दिल...

मानव अधिकार उल्लंघन के 03 मामलों में मप्र मानव अधिकार आयोग ने लिया संज्ञान

🙏 द्वारा, राधेश्याम चौऋषिया 🙏  भोपाल। मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष डॉ. श्री अवधेश प्रताप सिंह ने शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को विगत दिवसों के विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित प्रथम दृष्टया मानव अधिकार उल्लंघन के  '’तीन मामलों में''  संज्ञान लेकर संबंधितों से जवाब मांगा है।   अवैध कब्जों की आड़ में हो रहे असामाजिक काम , स्‍कूल और शासकीय डिस्पेंसरी के आसपास भी कब्जे....   भोपाल शहर के लिंक रोड नंबर 3 स्थित पंचशील नगर में  अतिक्रमण के चलते आम लोगों का जनजीवन अस्‍त व्‍यस्‍त होने का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार   पंचशील नगर क्षेत्र में कब्जा धारियों द्वारा शासकीय सरदार पटेल हाई स्कूल , शासकीय नूतन सुभाष स्कूल की जमीन और कॉलोनी में स्थित नाले और नालियों पर अतिक्रमण कर रखा है। इस कारण इलाके में आम लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। अवैध कब्‍जे करने वाले लोगों को रोककर पैसों की मांग करते है। जिसकी वजह से रात के समय लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। मामले में संज्ञान लेकर मध्‍यप्रदेश मानव...

धन्वन्तरि आयुर्वेद चिकित्सालय में अस्थिक्षय (Osteoporosis) पर विशेष शिविर आयोजित होगा

उज्जैन। शासकीय धन्वन्तरि आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के प्रभारी प्रधानाचार्य एवं अधीक्षक प्रोफेसर विभागाध्यक्ष डॉ. ओ.पी. व्यास द्वारा बताया गया कि शासकीय धन्वन्तरि आयुर्वेद चिकित्सालय में कायचिकित्सा विभाग के डॉ. नरेश जैन के निर्देशन में डॉ. जान्हवी मेश्राम, एम.डी. अध्येता कायचिकित्सा द्वारा अस्थिक्षय (Osteoporosis) विषय पर विशेष शोध कार्य किया जा रहा है। इस रोग में शरीर में केल्शियम एवं विटामिन डी की कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती है जिसके कारण, कमर दर्द, जोड़ों का दर्द, हड्डियों में जकड़न होने से फ्रेक्चर होने का खतरा बढ़ जाता है। गौरतलब है कि हड्डी रोगों से संबंधित जांच जो कि बाजार में अधिक मूल्य पर की जाती है, आमजन हेतु समस्त जाचें चिकित्सालय में निःशुल्क की जावेगी। आम जनता से अपील है कि अस्थिक्षय जैसे गंभीर रोग से पीड़ित रोगियों हेतु दिनांक 19. 01.2026 सोमवार को शासकीय धन्वन्तरि आयुर्वेद चिकित्सालय, चिमनगंज, उज्जैन के कक्ष कमांक 27 (कायचिकित्सा विभाग) में विशेष शिविर का आयोजन किया गया है। उक्त शिविर में रोगियों से संबंधित समस्त जांचें निःशुल्क की जावेगी जिसके उ...

संकल्प से समाधान की गूंज: ग्रामोदय से अभ्युदय अभियान के अंतर्गत जेएनआईबीएम में समूह परिचर्चा संवाद श्रृंखला आयोजित

युवाओं की सक्रिय सहभागिता से ग्राम स्तर पर परिवर्तन का आह्वान, शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर उज्जैन। प्रदेश के साथ-साथ जिले में  ग्रामोदय से अभ्युदय अभियान  को ग्राम विकास पखवाड़े के रूप में 12 जनवरी से 26 जनवरी तक संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत मप्र जनअभियान परिषद के तत्वावधान में पंडित जवाहरलाल नेहरू व्यवसाय प्रबंध संस्थान (जेएनआईबीएम), सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन के प्रबंध संकाय परिसर में  रोचक समूह मंथन: समूह परिचर्चा संवाद श्रृंखला  का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. डॉ. अर्पण भारद्वाज, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन ने शुभकामना संदेश प्रेषित करते हुए कहा कि सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वावलंबन, स्वदेशी भावना, नागरिक सेवा, शिक्षा एवं संस्कार, नशामुक्त समाज तथा गौ-संरक्षण जैसे संदेशों के साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाकर उन्हें लाभ लेने हेतु प्रेरित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से शहरों से भी युवा पीढ़ी की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करने पर...

विश्व मांगल्य सभा की मालवा प्रांत के प्रांत अधिवेशन की कार्य-नियोजन बैठक संपन्न

उज्जैन। विश्व मांगल्य सभा द्वारा ‘मातृ समागम’ प्रथम प्रांत अधिवेशन 31 जनवरी 2026 एवं 1 फरवरी 2026 को उज्जैन में आयोजित किया जाना है। इस अधिवेशन के कार्य-नियोजन हेतु आज मध्यप्रदेश अध्यक्ष श्रीमती सूरज जी डामोर की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई। जिसमें मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ प्रांत की संगठक मंत्री श्रीमती पूजा पाठक तथा मालवा प्रांत संयोजक श्रीमती सुनीता पाटिल ने विश्व मांगल्य सभा के सभी प्रमुख कार्यकर्ताओं को कार्यों का विभाजन किया और अधिवेशन के प्रबंधन संबंधी आवश्यक जानकारी दी। इस अधिवेशन में पूरे मालवा प्रांत के सोलह जिलों से लगभग पंद्रह सौ महिलाओं का आना निश्चित है। आयोजन को सुव्यवस्थित एवं सफल बनाने हेतु आज सभी कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर उज्जैन महानगर सचिव श्रीमती कल्पना शर्मा ने अब तक की अधिवेशन से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर मालवा प्रांत सदाचार सभा संयोजिका श्रीमती स्वाति भाटिया, मालवा प्रांत धर्म शिक्षा संयोजिका श्रीमती अनीता आप्टे, मालवा प्रांत बाल सभा संयोजिका श्रीमती अनुराधा कुलकर्णी, उज्जैन महानगर कार्यकारिणी संयोजिका डॉ. रुचिका खंडेलवाल, उ...

देवनागरी लिपि विश्व में अपनी वैज्ञानिकता एवं सामर्थ्य से आगे बढ़ रही है - डॉ. चौधरी

भारतवर्ष में प्रचलित अन्य लिपियों की श्रेणी में नागरी लिपि का स्थान सर्वोपरि माना जाता है। भारतीय लिपियों में सबसे अधिक प्रचलित है। यह लगभग 80 करोड़ से अधिक लोगो की लिपि है इसीलिए नागरी लिपि भारत की  राष्ट्रीय लिपि है। नागरी लिपि को समझने-पढ़ने वालो की संख्या विदेशो में अपनी सामर्थ्य से बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है। नागरी लिपि की शक्ति तथा वैज्ञानिकता के सुदृढ़ आधार है। विनोबाजी ने कहा नागरी ही नहीं नागरी भी इसका प्रयोग करना चाहिये।  उपर्युक्त विचार राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना के संगठन महामंत्री डॉ. प्रभु चौधरी ने विश्व हिन्दी दिवस की राष्ट्रीय संगोष्ठीः विश्व में नागरी लिपि का बढ़ता प्रभाव विषय पर च्वाईस कालेज पुणे के समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में व्यक्त किये। संगोष्ठी की मुख्य अतिथि डॉ. ममता जैन अप्रवासी साहित्यकार पुणे ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि देवनागरी लिपि के माध्यम से बंगला, मराठी, गुजराती अन्य हिन्दीतर भाषा के साहित्य को निकट लाया है। विदेशों में नागरी लिपि का प्रचार तेजी से बढ़ रहा है।  अध्यक्षीय भाषण में डॉ. अलका पोद्दार ने कहा कि देवनागरी लिपि सहज, सरल,...

प्रकृति के समस्त तत्व हैं शिवमय, शिव ही समस्त ज्ञान के उद्गम और ज्ञाता – राजदूत श्री अखिलेश मिश्रा

श्रीमहाकाल महोत्सव के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में हुआ शिव तत्व, श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग और शिवोपासना पर वैश्विक मंथन, देश दुनिया के तीस से अधिक विद्वानों ने व्याख्यान दिए Ujjain | वीर भारत न्यास एवं श्रीमहाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा 14 से 18 जनवरी 2026 तक महाकाल महालोक में श्रीमहाकाल महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। इस महोत्सव के अंतर्गत 15 जनवरी, गुरुवार को प्रातः सन्ध्या  तक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। शिव तत्त्व और श्रीमहाकाल: पुरातिहास, साहित्य और संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में पर केंद्रित इस संगोष्ठी में दुनिया के दस से अधिक देशों और भारत के बारह से अधिक राज्यों के विद्वानों ने विषय के विविध पक्षों पर प्रकाश डाला। संगोष्ठी का शुभारंभ आयरलैंड में भारत के महामहिम राजदूत श्री अखिलेश मिश्रा के मुख्य आतिथ्य में हुआ। अध्यक्षता पूर्व कुलपति प्रो बालकृष्ण शर्मा ने की। शुभारम्भ सत्र में पद्मश्री डॉ भगवतीलाल राजपुरोहित, कला मनीषी श्री नर्मदाप्रसाद उपाध्याय, इंदौर, वीर भारत न्यास के सदस्य श्री नरेश शर्मा, पुरातत्वविद डॉ नारायण व्यास, भोपाल, डॉ पूरन सहगल, मन...

प्रो. संजय द्विवेदी की किताब '11 महानायक' पुस्तक मेले में लोकार्पित

प्रो. संजय द्विवेदी की किताब '11 महानायक' पुस्तक मेले में लोकार्पित संस्मय प्रकाशन ने किया वर्ष 2026 में प्रकाशित 🙏 शुभम राधेश्याम चौऋषिया 🙏 नई दिल्ली। भारत मंडप, नई दिल्ली में आयोजित 53वें विश्व पुस्तक मेले में इस वर्ष भी भारी संख्या में पाठक और साहित्य प्रेमी पहुंच रहे हैं। हॉल दो में स्टॉल R-36 में संस्मय प्रकाशन पर भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के पूर्व महानिदेशक व माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. संजय द्विवेदी की पुस्तक '11 महानायक' का लोकार्पण केन्द्रीय हिंदी शिक्षण मण्डल के पूर्व उपाध्यक्ष अनिल जोशी ने किया। पुस्तक को संस्मय प्रकाशन ने प्रकाशित किया है। संस्मय प्रकाशन की निदेशक भावना शर्मा ने बताया कि, 'यह पुस्तक भारतीय ज्ञान परम्परा के उद्दात चरित्रों से आधुनिक भारत के नायकों तक की यात्रा को दर्शाती है। जो जनमानस के लिए प्रेरक है।'  इस अवसर पर मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन 'अविचल', लंदन की सुप्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार दिव्या माथुर, सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार राजेश कुम...

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