Skip to main content

Posts

डाटा संरक्षण एवं डेटा गवर्नेंस परिसंवाद में नागरिक-केंद्रित डेटा प्रवाह पर जोर

डीपीडीपी अधिनियम 2023 और डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण नियम 2025 पर हुआ व्यापक विमर्श डेटा प्रवाह अत्यंत आवश्यक - प्रो. भारद्वाज, कुलगुरू उज्जैन।  डाटा संरक्षण एवं डेटा गवर्नेंस परिसंवाद  के अंतर्गत आयोजित नवाचार सामुदायिक जागरूकता के कैंपस आउटरीच कार्यक्रम में डाटा प्रवाह के महत्व और व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा पर विस्तृत चर्चा की गई। आरबीएस शैक्षणिक समूह, नीमच द्वारा आयोजित इस परिसंवाद में अपने आशीर्वचन शुभकामना संदेश में प्रो. डॉ. अर्पण भारद्वाज, कुलगुरु, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन ने कहा कि डाटा प्रवाह के विभिन्न अवयव मिलकर एक स्पष्ट, नागरिक-केंद्रित व्यवस्था स्थापित करते हैं, जो नवाचार और जिम्मेदार उपयोग को सक्षम बनाते हुए व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। उन्होंने प्रो. डॉ. धर्मेंद्र मेहता द्वारा संयोजित सात सूत्रीय डाटा संरक्षण शपथ ग्रहण आयोजन को अभिनव नवाचार प्रयास बताते हुए इस पर हर्ष व्यक्त किया। परिसंवाद में उद्बोधन देते हुए प्रो. डॉ. धर्मेंद्र मेहता, निदेशक एवं संकायाध्यक्ष, प्रबंध अध्ययन तथा पंडित जवाहरलाल नेहरू व्यवसाय प्रबंध संस्थान, ...

मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी द्वारा जश्ने उर्दू - 2026 का आयोजन 30 जनवरी से 2 फ़रवरी 2026 तक गोलघर भोपाल में

1 फरवरी को महावीर सिंह भी शिरकत करेंगे 🙏 द्वारा, राधेश्याम चौऋषिया 🙏  भोपाल। मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद संस्कृति विभाग द्वारा जश्ने उर्दू - 2026 का आयोजन 30 जनवरी से 2 फ़रवरी 2026 तक गोलघर भोपाल में किया जा रहा है। यह आयोजन केवल एक साहित्यिक उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय बहुलतावादी संस्कृति की उस जीवंत परंपरा का उत्सव है, जिसमें भाषा, साहित्य और कला राष्ट्रीय चेतना के सशक्त माध्यम के रूप में सामने आते हैं। इस वर्ष जश्ने उर्दू की केंद्रीय अवधारणा “आत्मबोध से विश्वबोध” निर्धारित की गई है, जो वर्तमान समय की वैचारिक आवश्यकता को रेखांकित करती है। आत्मबोध के माध्यम से सांस्कृतिक जड़ों की पहचान और विश्वबोध के माध्यम से वैश्विक संवाद में सहभागिता उर्दू साहित्य की इसी संतुलित परंपरा को इस आयोजन में केंद्र में रखा गया है। जश्ने उर्दू–2026 के अंतर्गत उर्दू साहित्य के विविध पक्षों-शिक्षा, संस्कृति, स्त्री विमर्श, सामाजिक समरसता, सह-अस्तित्व, सांस्कृतिक चेतना तथा राष्ट्रबोध, पर गंभीर और सार्थक विमर्श किया जाएगा। यह आयोजन इस तथ्य को रेखांकित करता है कि उर्दू साहित्य किसी ...

77वें गणतंत्र दिवस पर मानव अधिकार आयोग एवं ब्रह्माकुमारी संस्थान में प्रेरक संदेश

मानव अधिकारों से समृद्ध, समावेशी और जीवंत है हमारा संविधान : डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ध्वजारोहण कार्यक्रम के उपरांत डॉ.अवधेश प्रताप सिंह ब्रह्माकुमारी संस्थान, ईश्वरीय विश्वविद्यालय, राजयोग भवन, अरेरा कॉलोनी, भोपाल पहुँचे 🙏 द्वारा, राधेश्याम चौऋषिया 🙏  भोपाल। 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह द्वारा पर्यावास भवन परिसर, भोपाल में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। ध्वजारोहण के पश्चात राष्ट्रगान हुआ। इस अवसर पर आयोग के अधिकारी, कर्मचारी तथा विधि संकाय के विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान अंगीकृत हुआ, जिससे देश संसदीय लोकतांत्रिक व्यवस्था के अंतर्गत पूर्ण गणतंत्र बना। यह दिन स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान निर्माताओं के प्रति नमन करने का अवसर है। डॉ. सिंह ने कहा कि भारतीय संविधान में मूल अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों को भी समान महत्व दिया गया है। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 10 दिसंबर 1948 को घोषित मानव अ...

मध्यप्रदेश समाचार

देश समाचार