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उज्जैन में 31 जनवरी–1 फरवरी को विश्वमांगल्य सभा का भव्य मालवा प्रांत अधिवेशन, 1000 महिलाएँ होंगी सहभागी


मालवा प्रांत अधिवेशन में मातृत्व सशक्तिकरण का संगम, शोभायात्रा व ‘सप्तमातृका सम्मान’ होंगे आकर्षण
विश्वमांगल्य सभा द्वारा मातृ संस्कार समागम का आयोजन

Ujjain | दिनांक 31 जनवरी एवं 1 फरवरी 2026 को झालरिया मठ, नरसिंह घाट पर राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत विश्वमांगल्य सभा द्वारा दो दिवसीय मालवा प्रांत अधिवेशन का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस अधिवेशन में मालवा प्रांत के 10 जिलों से लगभग 1000 महिलाएँ सहभागिता करेंगी।

अधिवेशन का उ‌द्घाटन 31 जनवरी 2026 को प्रातः 11 बजे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य माननीय भैय्याजी जोशी एवं विकास फाउंडेशन ट्रस्ट की चेयरपर्सन डॉ. मृदुला धर्मेंद्र प्रधान के करकमलों द्वारा संपन्न होगा। उ‌द्घाटन सत्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती रेखादेवी खंडेलवाल, राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. वृषाली जोशी, स्वनाथ परिषद की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं M3M फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. पायल कनोड़िया, तथा केंद्रीय परामर्शदाता श्री प्रशांत जी हरतालकर विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

31 जनवरी को सायंकालीन सत्र में ज्ञान, धर्म, सेवा, मातृत्व, शौर्य, उद्यम एवं कला के क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली मालवा प्रांत की विशिष्ट महिलाओं को "सप्तमातृका सम्मान" से सम्मानित किया जाएगा।

1 फरवरी 2026 को अधिवेशन का समापन सभा के संस्थापक सभाचार्य परम पूज्य श्री जितेंद्रनाथ जी महाराज की प्रमुख उपस्थिति में होगा। समापन अवसर का मुख्य आकर्षण झालरिया मठ से महाकाल मंदिर तक भव्य शोभायात्रा होगी, जिसमें मालवा प्रांत के सभी जिलों से सांस्कृतिक झांकियाँ, ढोल, लेझिम दल तथा भारत की गौरवशाली परंपरा की प्रतीक महिला संत, क्रांतिकारी एवं विदुषियों की झलक प्रस्तुत की जाएगी।

अधिवेशन में युगानुकूल मातृत्व, मातृ संगठन की आवश्यकता एवं प्रभाव, पंच परिवर्तन तथा समग्र भारतीय जीवनचर्या जैसे विषयों पर विद्वान वक्ताओं द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।

माघी पूर्णिमा (1 फरवरी) के पावन अवसर पर महाकाल मंदिर में भगवान शिव के पंचस्रोत का सामूहिक पठन किया जाएगा। साथ ही मालवा प्रांत के अब तक के कार्यों परआधारितस्मारिका "मातृ प्रेरणा के स्वर" का विमोचन भी होगा। सम्पूर्ण अधिवेशन को आकर्षक एवं प्रांत की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाने हेतु विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा।

विश्वमांगल्य सभा का परिचय

विश्व मांगल्य सभा की स्थापना 10 जनवरी 2010 में नागपुर महाराष्ट्र में हुई और गत 16 वर्षों से पूरे भारत में यह कार्य 30 प्रांतों में चल रहा है। क विश्व मांगल्य सभा का उ‌द्देश्य मातृत्व सक्षमीकरण है। हर घर में एक तेजस्वी माता का निर्माण हो यही हमारा ध्येय है और इस हेतु अनेक कार्य विभाग कार्य कर रहे हैं। जैसे कि छात्र सभा, बालसभा, जनजाति कल्याण विभाग, मेडिकल मिशन पूरे मध्य प्रदेश में 2019 विश्वमंगल सभा के कार्य सतत निरंतर चल रहे हैं।

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