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मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने किया विभागीय कार्ययोजना और लक्ष्यों पर विमर्श

"ईज ऑफ लिविंग" और "ईज ऑफ डूईंग बिजनेस" से प्रदेश को अग्रणी बनाएं : मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन

विकसित भारत 2047 के दृष्टिगत नई ऊर्जा से कार्य करने की अपेक्षा

भोपाल। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से अपेक्षा की है कि वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार 'विजन 2047 विकसित भारत' में मध्यप्रदेश के योगदान के दृष्टिगत कार्य-योजना बनाकर योजनाओं और कार्यक्रमों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने "ईज आफॅ लिविंग" और "ईज ऑफ डूइंग बिजनेस" के सूत्र को अपनाते हुए आम आदमी के जीवन तथा रोजगार व्यवसाय को आसान, सुगम और सरल बनाने के लिए नियम कानून में आवश्यक सुधार और बदलाव करने के लिए कहा है। मुख्य सचिव श्री जैन वर्ष 2026 के पहले दिन गुरूवार, 01 जनवरी 2026 को मंत्रालय वल्लभ भवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभागीय लक्ष्यों के निर्धारण एवं कार्ययोजना पर हुई बैठक में विचार-विमर्श कर रहे थे। इस अवसर अधिकारियों ने नव-वर्ष पर मुख्य सचिव श्री जैन और पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना को पुष्प-गुच्छ भेंट कर शुभकानाएं दी। मुख्य सचिव ने भी सभी अधिकारियों को नव-वर्ष पर शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए नई ऊर्जा से काम करने के लिए कहा।

मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष के आगामी तीन माह के निर्धारित लक्ष्यों को समय अवधि में पूरा करें और आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मिशन मोड में कार्य योजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि अगले तीन साल यानि 2028 तक के लिए अब रोलिंग बजट होगा और सभी विभाग से अपेक्षा की जाती है कि वे अगले तीन वर्षों के लिए राज्य सरकार के गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी सशक्तिकरण के विजन को ध्यान में रखते हुए कार्य योजना तैयार करेंगे और उस पर अमल करेंगे।


अग्रणी पाँच राज्यों में मध्यप्रदेश शामिल

मुख्य सचिव श्री जैन ने अधिकारियों को इस बात के लिए धन्यवाद दिया कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई मुख्य सचिव कॉन्फ्रेंस में मध्यप्रदेश अग्रणी श्रेष्ठ पाँच राज्यों की श्रेणी में शामिल हुआ है। उन्होंने पिछली सप्ताह हुई कॉन्फ्रेंस की प्रमुख बातों की जानकारी देते हुए मानव संसाधन का विकसित भारत से सरोकार के नेशनल एजेंडा पर मध्यप्रदेश राज्य को भी कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने कॉन्फ्रेंस में निर्धारित किए गए एजेंडा बिंदुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की मंशानुसार आम आदमी का जीवन और रोजगार व्यवसाय को सुगम बनाने के लिए 1947 और 1950 के पूर्व के नियम कानूनों का रिव्यू किया जाये और उन्हें आम आदमी की सुगमता के दृष्टिगत रि-डिजाइन किया जाये।


बडे प्रोजेक्ट की नियमित समीक्षा हो

मुख्य सचिव श्री जैन ने मध्यप्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए चल रहे बड़े प्रोजेक्ट और आगामी परियोजनाओं के लिए समय अवधि को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट समय अवधि में पूरे होने के लिए प्रोजेक्ट टाइम मेनेजमेंट प्लान पर अमल किया जाये। आवश्यकता अनुसार साप्तहिक, मासिक, त्रैमासिक और जरूरत पड़ने पर प्रति-दिन समीक्षा की जाये। कार्यरत एजेंसी के साथ अधिकारियों के लिए लक्ष्य निर्धारित किये जाये। उन्होंने अन्य विभागों के साथ समन्वय आदि में आने वाली कठिनाइयों के निराकरण के लिए उनके संज्ञान में जानकारी लाने के लिए कहा है।


घटनाओं से सीख लेकर स्थायी समाधान खोजें

मुख्य सचिव श्री जैन ने इंदौर में हुई घटना पर दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाये कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस तरह की घटनाओं की जानकारी मिलते ही संबंधित विभाग सक्रिय होकर राहत और बचाव कार्य अभिलंब शुरू करें। आम आदमी को कैसे तुरंत राहत प्रदान की जा सकती है इस पर कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिए है कि इस तरह की घटनाओं का समग्र परीक्षण और अध्ययन करें तथा ऐसी घटनाओं को भविष्य में होने से रोकने के लिए स्थानीय समाधान खोजें।


एम.पी.ई सेवा ऐप को प्रभावी बनाए

मुख्य सचिव श्री जैन ने सभी विभागों से कहा है कि वे प्रदेश में आमजन की बेहतरी के लिए योजनाओं के दृष्टिगत नवम्बर माह में शुरू किये गए एम.पी.ई सेवा ऐप को और भी जनहित कारी बनाने के लिए समन्वय करें। बैठक में बताया गया कि विभिन्न विभागों की अब तक इस ऐप पर 500 से अधिक सेवाएं उपलब्ध है। जनवरी माह तक नागरिकों से जुड़ी 1200 और मार्च अंत तक 1800 सेवाएं इस ऐप के माध्यम से आमजनों को दिये जाने का प्लान है।


अच्छे कार्यों को अपनाएं

मुख्य सचिव श्री जैन ने सभी विभागों को निर्देश दिये कि वे अन्य राज्यों में चल रही अच्छी योजनाओं और कार्यक्रमों का भी अध्ययन करें और उन्हें मध्यप्रदेश में भी लागू करने का प्रयास करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से सतत् संवाद रखें और आवश्यक होने पर उनके संज्ञान में लाने वाले विषय भी सूचित करें। उन्होंने मंत्रीगणों, केंद्र सरकार के अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा अधिकारियों और कर्मचारियों के संगठनों आदि के पदाधिकारियों के पत्रों और बिंदुओं का समय से जबाव दें। उन्होंने सी.एम हेल्पलाइन के प्रकरणों को समय से निराकृत करने के निेर्देश दिये। साथ ही विभागों की सकारात्मक योजनाओं और कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए भी कहा है।

बैठक में बताया गया कि जल संसाधन विभाग द्वारा नदी जोड़ो परियोजनाओं के तीव्र क्रियान्वयन पर फोकस है और 10 लाख हेक्यटेयर कृषि भूमि में अतिरिक्त सिंचाई किये जाने की योजनाओं पर कार्य किया जाना है। राज्यस्तरीय विभागीय भवनों के अलावा जिले के शासकीय भवनों पर सोलर पैनल लगाने के कार्य को अभियान के रूप में लिया गया है। बैठक को डीजीपी श्री मकवाना ने भी संबोधित किया। उन्होंने मध्यप्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा दिये गए सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।

बैठक में विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, और विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।

✍ राधेश्याम चौऋषिया 

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● सम्पादक, बेख़बरों की खबर
● राज्य स्तरीय अधिमान्य पत्रकार, जनसम्पर्क विभाग, मध्यप्रदेश शासन
● राज्य मीडिया प्रभारी, भारत स्काउट एवं गाइड मध्यप्रदेश
● मध्यप्रदेश ब्यूरों प्रमुख, दैनिक निर्णायक
● मध्यप्रदेश ब्यूरों प्रमुख, दैनिक मालव क्रान्ति

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