संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों पर एनर्जी मैनेजमेंट पर्सपेक्टिव्स साझा, शिक्षण–उद्योग सहयोग को मिला नया आयाम
स्टार्टअप इंडिया प्रोग्राम एक इंद्रधनुषी विज़न - प्रो डॉ अर्पण भारद्वाज , कुलगुरू
उज्जैन। स्टार्टअप इंडिया प्रोग्राम के अंतर्गत आयोजित ‘इंद्रधनुषी विज़न’ टॉक शो में प्रो. डॉ. अर्पण भारद्वाज और अनमोल जायसवाल (रीजनल मैनेजर) की उपस्थिति में ऊर्जा, नवाचार और सतत विकास के विविध पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। रेज़ ग्लोबल एनर्जी, नोएडा–दिल्ली नॉर्थ ज़ोन में कार्यरत अनमोल जायसवाल, अपनी स्टार्टअप कंपनी पर भी सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। इसी क्रम में वे पंडित जवाहरलाल नेहरू व्यवसाय प्रबंध संस्थान, आईआईसी इंस्टीट्यूट के इंडस्ट्री आरएनडी प्रकोष्ठ में पधारे, जहां उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संपोषणीय विकास लक्ष्यों (SDGs) के संदर्भ में एनर्जी मैनेजमेंट पर्सपेक्टिव्स पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. डॉ. अर्पण भारद्वाज, कुलगुरु, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन ने अपने सारगर्भित संदेश में पंडित जवाहरलाल नेहरू व्यवसाय प्रबंध संस्थान के आईआईसी इंस्टीट्यूट इंडस्ट्री आरएनडी प्रकोष्ठ द्वारा किए जा रहे नवाचार प्रयासों की सराहना की। उन्होंने युवा प्रबंधक के आगमन के लिए डॉ. धर्मेंद्र मेहता, निदेशक को बधाई दी। प्रो. भारद्वाज ने परिसंवाद में ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग से संबंधित संयुक्त राष्ट्र के प्राइमरी सतत विकास लक्ष्य SDG-9 (2 से 9.4): इंडस्ट्री, इनोवेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि इस लक्ष्य का फोकस आर्थिक विकास को गति देने हेतु सस्टेनेबल इंडस्ट्रियलाइज़ेशन को बढ़ावा देना, इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करना और इनोवेशन को प्रोत्साहित करना है।
उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग के मुख्य पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि टारगेट 9.2 के अंतर्गत 2030 तक रोज़गार और GDP में इंडस्ट्री की हिस्सेदारी को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने के लिए समावेशी और सस्टेनेबल इंडस्ट्रियलाइज़ेशन को बढ़ावा देना है। वहीं टारगेट 9.4 से 9.5 तथा एनर्जी सेक्टर के लिए प्राइमरी संयुक्त राष्ट्र संपोषणीय गोल का उद्देश्य 2030 तक सभी के लिए किफायती, भरोसेमंद, सस्टेनेबल और आधुनिक ऊर्जा तक पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया प्रोग्राम अब एक ‘इंद्रधनुषी विज़न’ बन चुका है, जो विभिन्न सेक्टरों को नए अवसरों से जोड़ रहा है, और भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है।
इस अवसर पर प्रोफेसर डॉ. धर्मेंद्र मेहता, डायरेक्टर एवं डीन, पंडित जवाहरलाल नेहरू व्यवसाय प्रबंध संस्थान ने मार्च 2026 में प्रस्तावित एनर्जेटिक स्टार्टअप स्टार्टर के रूप में उनके प्रोजेक्ट और योगदान का स्वागत, अभिनंदन एवं सराहना की। कार्यक्रम में प्रोफेसर डॉ. कामरान सुल्तान और डॉ. सचिन राय ने भी अपने विचारों के माध्यम से योगदान दिया। अंत में डॉ. नयनतारा ने औपचारिक धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

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