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एयरोस्पेस तकनीक से कृषि क्षेत्र में नवाचार पर प्रेरक संवाद, विद्यार्थियों को मिला अनुसंधान हेतु मार्गदर्शन

विक्रम संवाद श्रृंखला में 40 अंडर फोर्टी युवा बिजनेस लीडर इंजी. विक्रम राय का सारस्वत अभिनंदन

उज्जैन। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन के पंडित जवाहरलाल नेहरू व्यवसाय प्रबंध संस्थान द्वारा आयोजित विक्रम संवाद श्रृंखला के अंतर्गत 40 अंडर फोर्टी कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर भारत के शीर्ष युवा बिजनेस लीडर एवं सुप्रसिद्ध एयरोस्पेस प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ इंजी. विक्रम राय का सारस्वत अभिनंदन किया गया।

कुलगुरु प्रो. डॉ. अर्पण भारद्वाज ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि इंजी. विक्रम द्वारा रणनीतिक कृषि प्रबंधन पर साझा किए गए विचार निश्चित रूप से प्रबंधन, कृषि एवं एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी की त्रिवेणी के माध्यम से विद्यार्थियों को निरंतर सुलभ ज्ञानार्जन का लाभ देंगे। उन्होंने इस सारगर्भित आयोजन के लिए संस्थान को बधाई देते हुए संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के प्रति जागरूकता संवर्धन के प्रयासों की सराहना की। साथ ही प्रो. डॉ. धर्मेंद्र मेहता के प्रयासों और राष्ट्र के सुप्रसिद्ध युवा एयरोस्पेस प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ की महनीय उपस्थिति को रेखांकित किया।

इस सामुदायिक जागरूकता परिसंवाद में दिल्ली से पधारे इंजी. विक्रम राय, जो दक्षिण एशिया के सिविल एयरोस्पेस विशेषज्ञ, जीई एविएशन में ब्रांडिंग, मार्केटिंग और संचार नेतृत्व, विनिर्माण एवं विमानन विशेषज्ञ रह चुके हैं, ने नागरिक एयरोस्पेस क्षेत्र में अपने लगभग दो दशकों के अनुभव साझा किए। उन्होंने वाणिज्यिक इंजन व्यवसाय का नेतृत्व करते हुए इंडिगो एयरलाइंस से दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल-इंजन ऑर्डर हासिल करने की उपलब्धि का भी उल्लेख किया। इससे पूर्व वे रोल्स-रॉयस में महाप्रबंधक के रूप में दक्षिण एशिया में व्यवसाय विकास का नेतृत्व कर चुके हैं तथा एचबीई-एवियोसेक जैसे हवाई अड्डों और प्रसारण क्षेत्र के प्रतिष्ठित स्टार्टअप से भी जुड़े रहे हैं।

नागपुर विश्वविद्यालय के कवि कुलगुरु प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग स्नातक इंजी. विक्रम राय को वर्ष 2021 में द इकोनॉमिक टाइम्स की “40 अंडर फोर्टी” भारत के सबसे होनहार युवा बिजनेस लीडर्स की सूची में शामिल किया गया था। उनका अतिथि परिचय देते हुए संस्थान निदेशक प्रो. डॉ. धर्मेंद्र मेहता ने उनके बहुआयामी योगदान को विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

कार्यक्रम के दौरान प्रो. डॉ. धर्मेंद्र मेहता ने बताया कि एरोस्पेस प्रौद्योगिकी का उपयोग फसल निगरानी, सटीक सिंचाई, उपज पूर्वानुमान और कीट प्रबंधन में किया जा रहा है। सैटेलाइट इमेजरी, जीपीएस सक्षम ड्रोन और सेंसर के माध्यम से पानी और उर्वरकों का बेहतर उपयोग, सटीक छिड़काव तथा डेटा-संचालित निर्णय संभव हो रहे हैं, जिससे उत्पादकता बढ़ती है और बर्बादी कम होती है।

शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक उद्देश्यों से जुड़े इस आयोजन में विद्यार्थियों के साथ एक सार्थक एवं प्रेरणादायक परिचर्चा हुई। संवाद अवसर पर इंजी. विक्रम राय ने कृषि क्षेत्र में एयरोस्पेस तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए भविष्य में अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में करियर निर्माण हेतु उपयोगी मार्गदर्शन प्रदान किया।

इस अवसर पर पंडित जवाहरलाल नेहरू व्यवसाय प्रबंध संस्थान, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन के संकाय अध्यक्ष एवं निदेशक इंजी. पंकज जारोलिया, बुलबुल मिश्रा, अक्षिता झा, ख्याति मिश्रा तथा कृषि संकाय से विवेक रावल उपस्थित रहे। कृषि दिवस के उपलक्ष्य में विवेक रावल ने एयरोस्पेस तकनीक के कृषि क्षेत्र में नवाचारी एवं व्यावहारिक अनुप्रयोगों के प्रति विशेष रुचि एवं जिज्ञासा व्यक्त की।

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