उज्जैन | विश्व सतत परिवहन दिवस एवं संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों (UNSDGs) के परस्पर समन्वयन पर पंडित जवाहरलाल नेहरू व्यवसाय प्रबंध संस्थान, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन तथा आईएमआई नोएडा के संयुक्त तत्वावधान में एक प्रेरणादायी परिसंवाद संगोष्ठी का आयोजन किया गया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण-अनुकूल, सुरक्षित और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना तथा युवाओं को हरित भविष्य की दिशा में प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. डॉ. अर्पण भारद्वाज, कुलगुरु, सविवि उज्जैन उपस्थित रहे। अध्यक्षता प्रो. डॉ. धर्मेन्द्र मेहता, निदेशक, जेएनआईबीएम, उज्जैन ने की। आभासी संस्करण के विशेष अतिथि श्री संजय कुमार शुक्ला, रजिस्ट्रार, इंटरनेशनल मैरीटाइम इंस्टिट्यूट, ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश) ने सतत परिवहन को वर्तमान समय की अनिवार्यता बताते हुए कहा—“सतत परिवहन आज केवल एक विकल्प नहीं बल्कि वैश्विक आवश्यकता बन चुका है। यदि समुद्री, स्थलीय और हवाई परिवहन में हरित तकनीकों का समावेश किया जाए, तो कार्बन उत्सर्जन में महत्वपूर्ण कमी लाई जा सकती है। युवाओं को नवाचार के माध्यम से इस परिवर्तन का नेतृत्व करना चाहिए।”
अन्य प्रमुख वक्ताओं में डॉ. मेघना वर्मा, प्रमुख संपोषणीय विकास लक्ष्य केंद्र, रमैया प्रबंध संस्थान, बेंगलुरु; प्रो. डॉ. तरुण कुशवाह, देअविवि–एक्रोपोलिस प्रबंधन संस्थान, इंदौर; प्रो. डॉ. आर.एन. मालवीय, मुख्य कुलानुशासक, ऋषिहुड विश्वविद्यालय, सोनीपत; प्रो. डॉ. अनीता शर्मा, कैरियर प्वाइंट विश्वविद्यालय, कोटा; डॉ. आस्था नागर, अमलतास विश्वविद्यालय, देवास; तथा श्री दीपक यादव, सीनियर मैनेजर, आईडीबीआई बैंक, हैदराबाद शामिल रहे।
परिसंवाद में वक्ताओं ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ग्रीन फ्यूल, स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाए जाने पर बल दिया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. नयनतारा डामोर ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को वैश्विक सोच और जिम्मेदार नागरिकता के लिए तैयार करते हैं।


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