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पुस्तकालय विश्वविद्यालय के मंदिर समान, उसे और बेहतर बनाने के लिए उच्चतम तकनीक का उपयोग करें और अधिक से अधिक विद्यार्थियों को लाभान्वित करें – प्रोफेसर अखिलेश कुमार पाण्डेय

नवीन सत्र के आरंभ के अवसर पर विक्रम विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रोफेसर अखिलेश कुमार पाण्डेय ने सेंट्रल लाइब्रेरी का निरीक्षण  किया

उज्जैन। नवीन शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के साथ ही विक्रम विश्वविद्यालय के परिसर में नव प्रवेशित विद्यार्थियों का आगमन शुरू हो गया है। इसी क्रम विक्रम के कुलगुरु प्रोफेसर अखिलेश कुमार पाण्डेय ने विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान माननीय कुलगुरु जी ने कहा कि पुस्तकालय किसी विश्वविद्यालय में मंदिर के समकक्ष का स्थान रखता है, इसी लिए इसमें आज के समय की सबसे अच्छी सुविधाएं होनी चाहिए। पुस्तकालय प्रबंधन से जुड़े शिक्षकों को निर्देशित करते हुए माननीय कुलगुरु जी ने कहा कि विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में ई ग्रन्थालय जैसे सॉफ्टवेयर लगाए गए हैं, जिनका प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों की मदद करना और उनका कार्य आसान करने का होता है। इन सॉफ्टवेयर के माध्यम से सारी जानकारी ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध होंगी। यह विद्यार्थियों के लिए हितकारी होगी। 

उन्होंने विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अनिल जैन एवं शिक्षक डॉ राज बोरिया को निर्देशित करते हुए कहा कि तकनीक का प्रयोग कर विद्यार्थियों के लिए पुस्तकालय के उपयोग को आसान बनाए तक अधिक से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो सके। 

विक्रम विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ अनिल शर्मा एवं कुलानुशासक प्रोफेसर शैलेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि विक्रम विश्वविद्यालय का पुस्तकालय एक प्राचीन पुस्तकालय है, जहां सदैव अच्छी से अच्छी सुविधाएं देने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि आगे भी विश्वविद्यालय इन सुविधाओं को बेहतर करने का प्रयास करता रहेगा।

इस अवसर पर माननीय कुलगुरु को के साथ कंप्यूटर विज्ञान संस्थान के शिक्षक डॉक्टर क्षमाशील मिश्रा उपस्थित थे।

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