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विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करना भी एक शिक्षक का दायित्व है - श्री अवनीश भटनागर

भोपाल। नआईटीटीटीआर भोपाल में आज़ादी के अमृत महोत्सव एवं जी -20 व्याख्यान माला की श्रंखला में श्री अवनीश भटनागर पूर्व संयुक्त निदेशक स्टाफ ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट मिनिस्ट्री ऑफ़ कंस्यूमर अफ़ैयर्स एवं अखिल भारतीय महासचिव विद्या भारती का "रिफ्लेक्टिव टीचिंग" विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। 

श्री अवनीश भटनागर ने अपने सम्बोधन में कहा कि एक अच्छा शिक्षक बह होता है जो अपने विद्यार्थियों  को उस टेक्नोलॉजी के बारे में बताये जो अभी ईजाद भी नहीं हुयी है। एक अच्छा एवं प्रभावी शिक्षक भविष्य की चुनौतियों का पूर्वानुमान लगाकर विद्यार्थियों को उसके हिसाब से तैयार कर  अपने आपको समय के साथ अपडेट रखता है नहीं तो वह अप्रासंगिक हो जाता है। उन्होंने दुनिया के महान शिक्षाविदों के सिद्धांतो को रोचक तरीके से समझया। आज के बाजार में जो जॉब हैं ही नहीं विद्यार्थियों को उसके हिसाब से तैयार करना है। एक  शिक्षक  में  विद्यार्थियों की तरह  सीखने की भी ललक होना  चाहिए। रिफ्लेक्टिव टीचिंग एक  ऐसी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से शिक्षक अपनी शिक्षण पद्धतियों में विचारशील रहता है।

निटर निदेशक प्रो. सी.सी. त्रिपाठी ने श्री अवनीश भटनागर  का सम्मान करते हए कहा कि किसी भी शिक्षक की टीचिंग की प्रभावशीलता विद्यार्थी के चेहरे  के हावभाव से समझ आ जाती है। इस व्याख्यान में निटर के संकाय सदस्य, अधिकारी, कर्मचारीगण, प्रशिक्षणार्थी थे। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ एम ए रिज़वी थे।

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