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विज्ञान में रचनात्मक सोच का मिश्रण आने वाली पीढ़ी के लिए अच्छा संकेत – कुलपति प्रो पांडेय

विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार पांडेय भोपाल में आयोजित इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे

उज्जैन विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अखिलेश कुमार पांडेय मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद्, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, मध्य प्रदेश शासन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार, अंतरिक्ष विभाग भारत सरकार एवं पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल भोपाल में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपथित रहे।

विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलपति प्रोफेसर अखिलेश कुमार पांडेय मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद्, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, मध्य प्रदेश शासन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार, अंतरिक्ष विभाग भारत सरकार एवं पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान से आयोजित इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल भोपाल में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपथित रहे।


इस कार्यक्रम में सम्पूर्ण भारत से 40 से अधिक वैज्ञानिकों ने भाग लेते हुए अपने रचनात्मक और सृजनात्मक अनुसन्धान को सबके समक्ष प्रस्तुत किया। भाग लेने वाली संस्थानों ने यहाँ पर अपने अनुसन्धान कार्यों को प्रस्तुत किया। यह आयोजन दिनांक 21-24 जनवरी 2023 तक मैनिट, भोपाल में चला, जिसके पुरस्कार वितरण समारोह में विक्रम विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रोफेसर अखिलेश कुमार पांडेय विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। अपने व्याख्यान में कुलपति प्रो पांडेय ने कहा कि विज्ञान में रचनात्मक सोच का मिश्रण आने वाली पीढ़ी के लिए एक अच्छा संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि समय-समय पर विज्ञान में हो रहे नवाचार को स्वीकार करना इसलिए आवश्यक है, क्योंकि यही भविष्य में शोध एवं अनुसधान का आधार बनेगा। अपनी बात को बढ़ाते हुए कहा कि विक्रम विश्वविद्यालय भी विज्ञान में शोध एवं अनुसन्धान को बढ़ावा देने के पथ पर अग्रसर है और विज्ञान एवं उसमे शोध एवं अनुसन्धान से भारत के माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को साकार करने में भी सहयोग मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि नई शिक्षा नीति के आने के बाद से विक्रम विश्वविद्यालय समेद कई विश्वविद्यालयो ने विज्ञान से उपजे स्टार्ट- अप एवं उत्पादों के निर्माण पर ध्यान दिया है, जिससे विद्यार्थियों को रोजगार याचक नहीं अपितु रोजगार सृजक बनाया जा सकता है।

विक्रम विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर प्रशांत पुराणिक एवं कुलानुशासक प्रोफेसर शैलेन्द्र कुमार शर्मा ने कहा कि देश कि उन्नति में विज्ञान का महत्वपूर्ण योगदान है, जो तभी संभव है, जब विष्वविद्यालयों में विज्ञान में शोध एवं अनुसन्धान को विशेष महत्त्व दिया जाये। इस अवसर पर कुलपति जी के साथ गणित अध्ययनशाला के विभागाध्ययक्ष डॉ संदीप तिवारी उपस्थित थे।

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