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वाग्देवी भवन में चायना डोर से मुक्ति के लिए जागरूकता अभियान सम्पन्न

मकर संक्रांति आस्था का पर्व है, घातक चायना डोर से इसे मुक्त करने का संकल्प लिया


उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के वाग्देवी भवन में चायना डोर से मुक्ति के लिए विद्यार्थियों के मध्य जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। हिंदी अध्ययनशाला एवं पत्रकारिता एवं जनसंचार अध्ययनशाला द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कार्यपरिषद सदस्य एवं वरिष्ठ अधिवक्ता श्री संजय नाहर, विभागाध्यक्ष प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा और डॉ जगदीश चंद्र शर्मा ने युवाओं को प्राणघातक सिद्ध हो रही चायना डोर से मुक्ति का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि मकर संक्रांति आस्था का पर्व है, इसे घातक चायना डोर से मुक्त रखने की आवश्यकता है।

इस अवसर पर श्री संजय नाहर ने कहा कि हमारे पारंपरिक पर्वों को सकारात्मक ऊर्जा और उल्लास के साथ मनाएँ। लेकिन इस तरह के साधनों से मुक्त रहें, जिनसे किसी के जीवन के साथ खिलवाड़ होता है। उन्होंने बड़ी संख्या में उपस्थित शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को चायना डोर का उपयोग न करने और अन्य लोगों को भी इससे मुक्त रखने और जागरूकता की शपथ दिलाई।

इस अवसर पर डॉ सुशील कुमार शर्मा, डॉ अजय शर्मा, श्रीमती हीना तिवारी, श्री कमल जोशी आदि उपस्थित थे।

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