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भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने वाले भारतयात्री देवपुरुष है - भूमिपुत्र पवनघुवारा

भारत जोडो यात्रा के सारथी सघर्षशील योद्धा राहुल गांधी जी है। वही कन्याकुमारी से 3500 किलोमीटर कश्मीरी तक 150 दिनों की भारत जोड़ों यात्रा में शामिल एक सैकड़ा से भी अधिक लोग भारतयात्री बनकर लगातार साथ चल रहे है

भारतयात्री श्रीमती नंदिता हुड्डा, श्री ल्हिंगकिम हाओकिप, एस प्यारी जान कर्नाटक, श्री संतोष कोकुंटा, श्री एम ए सलाम केरल, श्री के के शास्त्री, मंयक जी मुम्बई, नंदा महात्रे, श्री मति ज्योति खन्ना हिमाचल प्रदेश, रेखा कश्यप हरियाणा, बृजेंद्र उईके, अशोक गुप्ता, श्री किरनक्षेत्रीजी दार्जिलिंग, श्री देवेंद्र शर्मा मध्य प्रदेश, विवेक भटनागर राजस्थान, आरिफ खान उत्तर प्रदेश, आर वेक्टेश कर्नाटक लक्ष्मन जी झारखंड , सहित करीब 50 से अधिक भारतयात्रियों से म.प्र.मे यात्रा के दौरान भूमिपुत्र पवनघुवारा ने केम्प के अन्दर जाकर मुलाकात कि, और विभिन्न विषयों पर बात हुई।


जहाँ प्रमुखता में र्चचा शामिल भारतयात्रियों ने बताया कि, हमारा मुख्य लक्ष्य कहे या उद्देश्य जो सरकार द्वारा लोगों की आकांक्षाओं की उपेक्षा, अन्याय के खिलाफ भारत के लोगों की आवाज को एकजुट करने का आंदोलन है। विभाजनकारी ताकतों ने भारत के सामाजिक-सांस्कृतिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न कर दिया है। हमारी अर्थव्यवस्था चरमरा रही है। महंगाई और बेरोजगारी ने लोगों की उम्मीदों को निराशा में बदल दिया है। सत्ता के राजनीतिक केंद्रीकरण ने हमारे लोकतंत्र को खत्म कर दिया है। नफरत और कट्टरता की राजनीति के खिलाफ इस लड़ाई में देश भर के लोग, राजनीतिक दल, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी, लेखक, कलाकार और अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तित्व जहां कदम ताल के साथ त्याग के परिचायक श्री राहुल गांधी हर रोज यात्रा में 22 से 25 किलोमीटर तक प्रतिदिन चल रहे वही रात्रि विश्राम कंटेनर में करना, गोरतलब है जोअभी तक 2300 किलोमीटर पैदल यात्रा कर चुके है , राष्ट्र के प्रति सर्मपण, मातृभूमि से लगाव अलोकिक अविस्मरणीय मानवीय जीवन की सही सार्थकता साबित हो रही है।


बुन्देलखण्ड विषेश पैकेज पर सघर्षरत भूमिपुत्र की संज्ञा से सम्मानित पवनघुवारा ने विज्ञप्ति में बताया कि, आज के इस दौर में घर परिवार के बीच तरह-तरह की कठिनाईयों से समय निकालकर इस राष्ट्रीय सघर्ष यात्रा में शामिल होना, वास्तविकता में वह सभी भारतयात्री देवपुरुष ही है। सड़कें खामोश हो जायें तो संसद आवारा हो जायेगी , आवारागर्दी की सीमाएं लांघी जा चुकी है ऐसे में सड़कों पर भारत जोड़ों यात्रा होना सुकून भरा अहसास दिलाता है। लोकतंत्र की रक्षा का जो संकल्प हम ले कर निकले हैं, यह साथ चलता जनसैलाब उसकी जरूरत और सफलता, दोनों का साक्ष्य है। राहुल गांधी जी ने इस यात्रा को दुनिया की पहली मानवता से जोड़ने वाली यात्रा बना दिया है। कन्याकुमारी से शुरू और कश्मीर में समाप्त होगी। जहां से तिरंगे को श्रीनगर में लहराकर ऐतिहासिक सफ़र तय करेगी।


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