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बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के बाद विक्रम विश्वविद्यालय में प्रारंभ हुआ भारतीय ज्ञान परम्परा से संबंधित पाठ्यक्रम

उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन में नई शिक्षा नीति एवं नवाचारों के साथ भारतीय ज्ञान को समझने एवं प्राचीन ज्ञान और पद्धति को समझने के लिए नया केंद्र खोला गया जिसमें ऋषियों, मुनियों, प्राचीन वैज्ञानिकों एवं इनसे संबंधित ज्ञान को विद्यार्थी तक पहुँचाया जाएगा जिसे वे आसानी से समझ सके। इसके अध्ययन से उनके ज्ञान में वृद्धि होगी और यह पाठ्यक्रम उन्हें अपने उज्ज्वल भविष्य बनाने में मददगार साबित होगा। इसमें प्राचीन हिंदुत्व परंपराओं के बारे में विद्यार्थियों को पढ़ने और समझने का अवसर मिलेगा।

सेन्टर फ़ॉर इंडिक स्टडीज के निदेशक डॉ. सचिन राय ने जानकारी देते हुए बताया कि, इसके अध्ययन से भारत एवं प्राचीन भारत के बारे के जानकर विद्यार्थी अपने देश और प्राचीन परंपराओं के लिए अपने आप में गर्व की अनुभूति करेगा। इस पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को संस्कृति से परिचय, वेद परंपरा, तत्व विमर्श, धर्म एवं कर्म विमर्श, रामायण, महाभारत, भारतीय प्राचीन कला, पुराणों से परिचय आदि संबंधित विषय पढ़ाये जाएंगे। इसके अंतर्गत भारतीय अध्ययन केंद्र (सेंटर फॉर इंडिक स्टडीज), विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन से एम. ए. हिंदू अध्ययन पाठ्यक्रम प्रारंभ किया गया है एवं भविष्य में एम.ए. बौद्ध एवं एम.ए. जैन पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की योजना है।

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