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नई शिक्षा नीति एवं भविष्य की आवश्यकताओं को केंद्र में रखते हुए कार्य कार्ययोजना बनायीं जाये

एनआईटीटीटीआर भोपाल एकेडेमिक कौंसिल की बैठक में हुए महत्वपूर्ण निर्णय

भोपाल । एनआईटीटीटीआर भोपाल में एकेडेमिक कौंसिल (अकादमिक परिषद् ) की महत्वपूर्ण बैठक २३ सितम्बर को संपन्न हुयी। निदेशक प्रो. सी. सी. त्रिपाठी ने बताया कि, इस बैठक में निटर की भावी अकादमिक कार्ययोजना से सम्बंधित  महवपूर्ण निर्णय लिए गए। जिनमे देश के जाने माने शिक्षाविदों के सुझाव एवं निटर फैकल्टी मेंबर्स के सुझाव शामिल है। इस बैठक में सभी ने एक मत से इस विषय पर सहमति प्रकट की की हमारे समृद्ध एवं स्वर्णिम अतीत एवं भविष्य की आवश्यकताओं के बीच संतुलन हो एवं नई शिक्षा नीति को केंद्र में रखते हुए हुए कार्य कार्ययोजना बनायीं  जाये। 

इस बैठक में संसथान  के नए प्रशिक्षण कार्यक्रम जिनमे प्राइवेट संस्थानों के शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण, सेंटर ऑफ़ एक्सपीरिएंशल लर्निंग की स्थापना, निटर उत्कृष्तता केंद्र द्वारा आयोजित किये जाने बाले डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट प्रोग्राम, निटर के फैकल्टी के लिए बिभिन्न एरिया में अवार्ड्स प्रारम्भ करना, इनोवेशन एवं स्टार्टअप पालिसी, निटर के कार्यक्रमों के लिए डिजिटल प्लेटफार्म का निर्माण , प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम,  नई फैकल्टी की नियुक्तियों, आईपीआर नीति, स्टूडेंट्स के लिए इंटर्नशिप, आज़ादी का अमृत महोत्सव" के अवसर पर व्याख्यान माला में देश के प्रख्यात बिशेषज्ञों को आमंत्रित करना, आदि विषयों से सम्बंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। 

अकादमिक परिषद् के सचिव प्रो संजय अग्रवाल ने बताया कि, इस बैठक में प्रो के. एन. सिंह कुलपति  सेंट्रल यूनिवर्सिटी गया, प्रो विनोद कुमार कनौजिआ, प्रो. आशुतोष  कुमार सिंह एन आई टी कुरुक्षेत्र , श्री के के अरोरा, प्रो सुधीर भदोरिआ, प्रो अनिल कोठारी, प्रो धर्मेंद्र सिंह आई आई टी रुड़की, प्रो. शशि रंजन अकेला, प्रो. सथंस सुहाग, डॉ अविनाश श्रीवास्तव डायरेक्टर एम्प्री भोपाल, प्रो  रमेश चंद रमोला, प्रो सीमा सिंह कुलपति राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय , प्रो घनश्याम पंडया कमिश्नर टेक्निकल एजुकेशन, गुजरात , प्रो शिशिर सिंहम  एवं अन्य आमंत्रित सदस्य एवं एक्सपर्ट्स उपस्थित उपस्थित थे । आज  निटर एवं सिपेट भोपाल के बीच एक मत्वपूर्ण समझौते पर भी हस्ताक्षर किये गये। भविष्य में निटर भोपाल देश के बिभिन्न संस्थानों के साथ कई अन्य समझौते पर भी हस्ताक्षर करेगा।

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