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आज हिंदी को विश्व की नहीं बल्कि विश्व को हिंदी की जरुरत है - प्रो खेमसिंह डहेरिया

भोपाल । एनआईटीटीटीआर भोपाल में आज हिंदी पखवाड़े का समापन हुआ। कार्यक्रम के मुख्यअतिथि प्रो खेमसिंह डहेरिया कुलपति ,अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय ने इस अवसर पर कहा की आज हिंदी को विश्व की नहीं बल्कि विश्व को हिंदी की जरुरत है। आज उदारीकरण के इस युग में हिंदी विश्व पटल पर अपना सिक्का जमा चुकी है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी हिंदी को संपर्क भाषा के रूप में मान्यता दे दी है एवं नए सर्वे के अनुसार हिंदी विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा बन गयी हे। इसके पूर्व चीन की भाषा मैंडरिन सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा थी।


निटर भोपाल के निदेशक प्रो सी सी त्रिपाठी ने कहा की मातृभाषा का कोई विकल्प हो ही नहीं सकता। हिन्दी हमारे देश का गौरव है | आइये हम सभी हिन्दी के प्रति प्रेम, प्रचार, प्रसार, प्रयोग, प्रभाव, प्रेरणा को और अधिक व्यापक करने का संकल्प लें ।

हिंदी पखवाड़ा में निटर भोपाल में कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गयी इनके विजेताओं को भी पुरस्कार दिया गया। विभिन्न प्रतियोगताओं के निर्णायक मंडल से सदस्य श्रीमती वंदना त्रिपाठी , प्रो अशोक शर्मा ,प्रो सरोज रांगरेकर उपस्थित थी। संस्थान में हिंदी में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए अनुप्रयक्त विज्ञान विभाग को चल शील्ड प्रदान की गयी जिसे विभाग के अध्यक्ष डॉ पी के पुरोहित एवं अन्य सदस्यों ने ग्रहण किया। कार्यक्रम की समन्वयक डॉ वंदना सोमकुंवर थी एवं संचालन श्रीमती शोभा लेखवानी ने किया।

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