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मिलेट्स के न्यूट्रिशन से भरपूर खजाने को अपने भोजन में अपनाकर हम गंभीर बिमारियों से बच सकते हैं - श्रीमती देबबंद्या महापात्र

भोपाल। एनआईटीटीटीआर भोपाल के निदेशक प्रो. सी. सी. त्रिपाठी द्वारा 'आज़ादी का अमृत महोत्सव' के अवसर पर व्याख्यान माला की शुरुआत की गयी है, इसी तारतम्य के द्वितीय व्याख्यान माला में सीआईऐई भोपाल की साइंटिस्ट श्रीमती देबबंद्या महापात्र ने “मिलेट्स- हेल्थ बेनेफिट्स एंड यूजेस " पर अपना महत्वपूर्ण व्याख्यान दिया। 

श्रीमती बबंद्या ने अपने व्याख्यान के अंतर्गत कहा कि मिलेट्स कभी हमारे ही खान-पान का हिस्सा हुआ करते थे, लेकिन समय के साथ ये हमारी थालियों से गायब होते चले गए, लेकिन अब एक बार फिर से मिलेट्स को बढ़ावा देने के लिए पीएम मोदी की पहल पर यूएन ने 2023 को 'इंटरनेशनल ईयर ऑफ़ मिलेट्स' घोषित किया है। उन्होंने बताया कि दुनिया ने कोविड के दौरान सेहत के लिहाज से मोटे अनाजों के महत्व को समझा है, इसलिए किसानों के लिए इसे उगाना अधिक फायदेमंद समझा जा रहा है। यह अनाज कम पानी और कम उपजाऊ भूमि में भी उग जाता है और दाम भी गेहूं से अधिक प्राप्त होता है। यानि अब समय आ गया है कि मिलेट्स के इस खजाने को फिर से भरा जाए। ताकि जिस भोजन को हमने छोड़ दिया था या भुला दिया था उसे हमें फिर से अपनाना होगा। मिलेट्स में जौ, ज्वार, बाजरा, रागी, मक्का, कोदों, कुटकी, कंगनी जैसे अनेक अनाजों को हमें फिर से अपनी जिंदगी में खान-पान का हिस्सा बनाना होगा। 

व्याख्यान के शुरुआत में प्रो. सी.सी. त्रिपाठी ने अमृत महोत्सव में भाग लेने के लिए सभी को शपथ भी दिलवाई। इस व्याख्यान में संस्थान के निदेशक प्रो. सी. सी. त्रिपाठी, तथा निटर के संकाय सदस्य, अधिकारी, कर्मचारीगण उपस्थित थे ।

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