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अर्पित किए गए अंतरराष्ट्रीय प्रेमचंद सम्मान

कथा, कविता, आलोचना, रंगमंच और पत्रकारिता के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए दिए गए सम्मान

साहित्य, कला, पत्रकारिता और सोश्यल मीडिया के क्षेत्र में विशिष्ट अवदान के लिए देश विदेश के साहित्यकारों, संस्कृतिकर्मियों और पत्रकारों को भारत नॉर्वेजियन सूचना एवं सांस्कृतिक फोरम तथा द्विभाषी पत्रिका स्पाइल दर्पण द्वारा नार्वे से प्रेमचंद अंतरराष्ट्रीय सम्मान अर्पित किए गए। यह सम्मान ब्रिटेन के मेंबर ऑफ पार्लियामेंट श्री वीरेंद्र शर्मा, डॉ भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ के कुलाधिपति डॉ प्रकाश बरतूनिया, डॉ. निर्मला एस मौर्य, कुलपति, वीर बहादुर पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कला संकायाध्यक्ष एवं समालोचक प्रो शैलेंद्र कुमार शर्मा एवं संस्था के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ साहित्यकार सुरेशचन्द्र शुक्ल शरद आलोक द्वारा अर्पित किए गए। 

कार्यक्रम में अतिथियों ने मुंशी प्रेमचंद के व्यापक अवदान पर प्रकाश डाला। प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा ने कहा कि भारत के ग्रामीण और नगरीय जीवन के यथार्थ और चुनौतियों को प्रेमचंद ने आम लोगों की भाषा में व्यक्त किया है। अपने साहित्य में ग्रामीण जीवन की कठिन से कठिन परिस्थितियों को चित्रित करने के बावजूद उन्होंने मानवीयता, संवेदना और सौहार्द के सेतु को निरन्तर बनाए रखा। समय के अंतराल के बावजूद उनकी रचनाएं कालजयी बनी हुई हैं।

प्रेमचंद जयन्ती पर 31 जुलाई 2022 को भारतीय-नार्वेजीय सूचना एवं सांस्कृतिक फोरम, नार्वे एवं द्विभाषी पत्रिका स्पाइल दर्पण द्वारा विविध क्षेत्र में विशिष्ट अवदान के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रेमचंद सम्मान दिये गए। यह सम्मान कथा, कविता, आलोचना, रंगमंच और  पत्रकारिता के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए जिन लोगों को अर्पित किए गये, उनमें कथा साहित्य और कविता के क्षेत्र में वरिष्ठ कथाकार श्रीमती ममता कालिया, एर्लिंग कित्तेल्सेन, नॉर्वे, डॉ. विद्या विन्दु सिंह, लखनऊ, अवधेश प्रीत, डॉ. प्रणव भारती, लक्ष्मण राव, नई दिल्ली, डॉ. विक्रम सिंह सम्मिलित थे। 

आलोचना और शिक्षण के क्षेत्र में प्रो. केशरी लाल वर्मा (कुलपति), रायपुर, प्रो. इन्दु वीरेन्द्रा, प्रो. मोहन, नई दिल्ली, डा. अब्दुल अलीम, अलीगढ़, प्रो. नवीन लोहानी, मेरठ, प्रो. शकुन्तला मिश्रा, प्रो. सुशील कुमार शर्मा, मिजोरम, कला के क्षेत्र में  दाग हूल, नॉर्वे देवीलाल पाटीदार, भोपाल, सिगरीद मारिए रेफ्सुम, ओस्लो, अंतरराष्ट्रीय प्रेमचंद रंग सम्मान  डॉ. कृष्णाजी श्रीवास्तव, संजय त्रिपाठी, लखनऊ को, पत्रकारिता एवं सोशल मीडिया  के क्षेत्र में योगदान के लिए कुमार अतुल, अलीगढ़, संदीप मुरारका, मोहन सपरा, डॉ. आलोक रंजन पाण्डेय, नई दिल्ली, डॉ. राकेश कुमार, जयपुर को प्रेमचंद सम्मान से अलंकृत किया गया।

यह पुरस्कार अलंकरण समारोह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का यू ट्यूब पर लाइव प्रसारण भी हुआ। भारत नार्वेजीय सूचना एवं सांस्कृतिक फोरम, नॉर्वे विगत तीन दशकों से भारत एवं नॉर्वे के मध्य मैत्री और सांस्कृतिक सम्बन्धों को मजबूत करने में महत्त्वपूर्ण योगदान दे रही है। संस्था द्वारा दुनिया की पहली द्विभाषी पत्रिका स्पाइल दर्पण का प्रकाशन किया जाता है, जो हिंदी एवं नॉर्वेजियन भाषा में प्रकाशित होती है। 

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