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नवाचार और शैक्षणिक गुणवत्ता के लिए अनुसन्धानपरक शिक्षा को महत्त्व देना जरूरी – कुलपति प्रो पांडेय

कुलपति प्रो पांडेय ने किया जैवप्रौद्योगिकी के विद्यार्थियों का विशेष मार्गदर्शन

उज्जैन : विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन की प्राणिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी अध्ययनशाला में औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अखिलेश कुमार पाण्डेय ने विद्यार्थियों से शैक्षणिक गुणवत्ता हेतु अनुसन्धानपरक शिक्षा पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बदलते हुए वैश्विक परिदृश्य में शैक्षणिक गुणवत्ता और नवाचार के साथ अनुसंधानपरक शिक्षा को महत्व मिलना चाहिए। प्राणिकी एवं जैवप्रौद्योगिकी अध्ययनशाला विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन में शनिवार को निरीक्षण पर कुलपति प्रोफेसर अखिलेश कुमार पाण्डेय का आगमन हुआ। इस दौरान कुलपति जी ने बी. एससी. (आनर्स) जैवप्रौद्योगिकी के विद्यार्थियों से शिक्षा में नवाचार तथा शैक्षणिक गुणवत्ता हेतु अनुसन्धानपरक शिक्षा के महत्त्व पर चर्चा की। विद्यार्थियों को अनुसन्धान हेतु नई-नई संभावनाओं को तलाशने एवं अपने शैक्षणिक कार्यों के साथ प्रोजेक्ट रूप में उन सम्भावनाओं पर कार्य करने हेतु प्रेरित किया। इन्हीं विद्यार्थियों द्वारा पूर्व में महत्वपूर्ण उत्पाद जैसे हर्बल चॉकलेट, टोनर, क्रीम, जेली आदि का उत्पादन किया गया था, जिसकी प्रशंसा विगत दिनों भोपाल में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश शासन श्री शिवराज सिंह चौहान जी द्वारा की गयी थी। अध्ययनशाला के विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर कुलपति जी ने उन्हें बधाई दी तथा भविष्य में नए-नए अनुसन्धान हेतु मार्गदर्शन एवं प्रेरणा प्रदान की।

विभागाध्यक्ष डॉ सलिल सिंह ने बताया कि विभाग के छात्र भविष्य में नए अनुसंधान के कार्यों की रूपरेखा बनाकर प्रस्तुत की। इस अवसर पर डॉ अरविन्द शुक्ल एवं डॉ शिवि भसीन ने विद्यार्थियों को अनुसंधान सम्बंधित मार्गदर्शन देने हेतु आश्वासन दिया। इस के साथ ही उन्हें और अधिक उत्पाद विकसित करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विभाग के शिक्षकगण डॉ संतोष कुमार ठाकुर, डॉ स्मिता सोलंकी एवं डॉ गरिमा शर्मा उपस्थित थे। इस अवसर पर विक्रम विश्वविद्यालय, के कुलसचिव डॉ. प्रशांत पुराणिक ने विद्यार्थियों को कर्तव्यनिष्ठपूर्वक कार्य करने हेतु प्रेरित किया तथा भविष्य में विश्वविद्यालय द्वारा यथासंभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।

जैवप्रौद्योगिकी के विद्यार्थियों की लगनशीलता एवं कार्यकुशलता से प्रभावित होकर कुलानुशासक विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन प्रो. शैलेन्द्रकुमार शर्मा ने सभी विद्यार्थियों को शोध हेतु बड़ा सपना देखने एवं उनके क्रियान्वयन हेतु प्रेरित किया।

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