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आपके पास जो ज्ञान है उसका उचित तरीके से प्रस्तुतीकरण आवश्यक है - डॉ मिश्रा

वाणिज्य अध्ययनशाला में शोधार्थियों का सेमिनार आयोजित

उज्जैन। आपके पास जो भी ज्ञान है उसके प्रस्तुतीकरण का तरीका कैसा है, आप में जो भी योग्यता है उस पर सबसे पहले स्वयं गर्व करें, क्योंकि जो दिखता है वही बिकता है। यही आज के समय की मार्केटिंग स्ट्रेटजी भी है।

उक्त उद्गार बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल के कॉमर्स फैकल्टी के डीन डॉ. पवन मिश्रा ने वाणिज्य अध्ययनशाला में पीएचडी शोधार्थियों के लिए आयोजित सेमिनार में व्यक्त किये। आपने कहा कि वर्तमान में वाणिज्य के क्षेत्र में नित नए शोध किए जा रहे हैं जिससे इस क्षेत्र में तेजी से बदलाव आना प्रारंभ हो गए हैं।
 
सेमिनार की अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ एस के मिश्रा ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि शोध में कॉपी पेस्ट की मानसिकता से ऊपर उठकर नवीन शोध की ओर ध्यान देना चाहिए, तभी शोध के वास्तविक लक्ष्य को प्राप्त करने में हम सफल होंगे। 


इस अवसर पर बोलते हुए शिक्षाविद डॉ. शैलेंद्र कुमार भारल ने कहा कि किसी भी क्षेत्र का विकास उस क्षेत्र में किए जा रहे शोध पर निर्भर करता है अतः विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को इस दिशा में गंभीरता से सोचना चाहिए।

प्रारंभ में अतिथियों मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अतिथियों का स्वागत डॉ आशीष मेहता, डॉ नागेश पाराशर, डॉ नेहा माथुर, डॉ अनुभा गुप्ता, डॉ. कायनात तंवर एवं प्रवीण शर्मा ने किया।


कार्यक्रम का संचालन डॉ. परिमिता सिंह एवं आभार डॉ. आशीष मेहता ने व्यक्त किया।

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