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लंबित मांगों के शीघ्र निराकरण के लिए बैंक कर्मियों का प्रभावी प्रदर्शन

 

भोपाल : यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस,जो कि बैंकिंग उद्योग के शत प्रतिशत बैंक कर्मचारी अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करता है,के आह्वान पर देशभर के दस लाख से ज्यादा बैंक कर्मी भारतीय बैंक संघ से अपनी लंबित मांगों के शीघ्र निराकरण को लेकर आंदोलित एवं आक्रोशित हैं। उनकी मांग है कि बैंकों में पांच दिन का सप्ताह किया जाए, पेंशन अपडेशन किया जाए, त्योहार अग्रिम की राशि बढ़ाई जाए, स्टाफ वेलफेयर फंड में सुधार किया जावे, पूर्व सैनिक कर्मियों का उचित फिटमेंट किया जाए, त्यागपत्र देने वाले बैंक कर्मियों को भी पेंशन दी जावे, बीस वर्ष की सेवा के पश्चात फुल पेंशन की पात्रता की जावे, सेटल्ड स्टैग्नेशन इंक्रीमेंट के बारे में बैंकों को स्पष्टीकरण दिया जाए , बैंकों में व्यवसायिक घंटे राज्य स्तरीय बैंकर समिति के दिशा निर्देशों के अनुरूप लागू हों, महंगाई भत्ता की विसंगतियां दूर की जाएं, सेवानिवृत्त बैंक कर्मियों के चिकित्सा बीमा योजना के प्रीमियम का भुगतान बैंक द्वारा किया जाए, सेवानिवृत्ति लाभ आयकर के दायरे से बाहर लाए जाएं, वेतन संशोधन समझौता हस्ताक्षरित होने के दौरान ही पेंशन संशोधन सुनिश्चित किया जाए, सभी सेवा निवृत्त बैंक कर्मियों की पेंशन को 6352 अंको के समान मूल्य सूचकांक पर लाया जाए, पिछले दस महीनों के औसत अथवा पिछले महीने के मूल वेतन के आधार पर- जो भी पेंशनभोगी के लिए फायदेमंद हो- पेंशन की गणना की जाए, आदि। इसी तारतम्य मैं राजधानी भोपाल की विभिन्न बैंकों के सैकड़ों बैंक कर्मचारी एवं अधिकारी आज शाम 6:00 बजे अरेरा हिल्स भोपाल स्थित यूको बैंक के जोनल ऑफिस के सामने एकत्रित हुए। उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी कर प्रभावी प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के पश्चात सभा हुई जैसे फोरम के पदाधिकारियों वी के शर्मा, संजीव सबलोक,अरुण भगोलीवाल,संजय कुदेशिया, जे पी झवर, मदन जैन, नलिन शर्मा,एम एस जयशंकर, वी एस नेगी, सुनील सिंह, विजय चोइथानी, एम जी शिंदे, प्रभात खरे, देवेंद्र खरे, गोपाल कृष्णन,दीपक शुक्ला,संदीप चौबे, दर्शन भाई, गोपाल राठौर ,श्याम रेनवाल आदि ने संबोधित किया। वक्ताओं ने बताया कि भारतीय बैंक संघ के पास काफी समय से बैंक कर्मियों की मांगे लंबित हैं लेकिन यह दुर्भाग्य का विषय है कि जानबूझकर मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने भारतीय बैंक संघ को आगाह किया कि उनकी लंबित मांगों का निराकरण शीघ्र किया जाए अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा जिसमें हड़ताल आदि के कार्यक्रम शामिल होंगे।


विभिन्न बैंकों के अधिकारी - कर्मचारी संगठनों एवं यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के पदाधिकारियों वी के शर्मा, संजीव सबलोक ,अरुण भगोलीवाल, संजय कुदेशिया, दीपक रत्न शर्मा, मदन जैन,नजीर कुरेशी , नलिन शर्मा,आशीष तिवारी, दीपक शुक्ला ,जे पी झंवर, एम जी शिंदे, गुणशेखरण, प्रभात खरे, देवेंद्र खरे, गोपाल राठौर, ए एस तोमर, आर एन भारद्वाज, रवि कांत गुप्ता, एम एस जयशंकर,भगवान स्वरूप कुशवाह, संजय अहिरवार, संदीप चौबे , अनिल मारोती, वी एस नेगी, अनुराग पांडे, योगेश मनुजा, आर के निगम,के के त्रिपाठी, टी एन विन्डैया, विभु जोशी,संतोष जैन, जे पी दुबे,अशोक पंचोली,सत्येंद्र चौरसिया, किशन खैराजानी, जे डी मलिक, कुलदीप स्वर्णकार,सतीश चौबे, दर्शन भाई, जी डी पाराशर, गोपाल राठौर, अनिमेष भाई,पी जे महेश्वरी,ए एस तोमर, सुंदर किसनानी,जी पी चांदवानी, तपन व्यास, सितांशु शेखर, प्रवीण मेघानी,धर्मेंद्र श्रीवास्तव, शोभित वाडेल, अमित शर्मा, सिद्धार्थ सिंह, बासु जेठानी, अतुल बाकोटकर, अंकिता, रश्मि,सनी श्रीवास्तव, तिलक राज सिंह,वैभव गुप्ता, राकेश कटारे, अमोल अचवाल,कैलाश माखीजानी, तिलक परिहार, महेश पहलाजानी, दिनेश झा, पंकज चौबे,जी बी आनेकर, मिलिंद डेकाटे, हरीश अग्रवाल, स्वराज सिंह सिसोदिया, बाबूलाल राठौर,विश्वामित्र दुबे, रितेश शर्मा,सुनील देसाई, पुरुषोत्तम नाथानी, संदीप तिवारी, जगदीश चांदवानी, संतोष मालवीय, राम चौरसिया, विवेक मालवीय, नानक केसवानी, महेंद्र गुप्ता,कृष्णा पांडे, कमलेश बरमैया, सौरभ पाराशर, अभिषेक सिंह,इकबाल बहादुर ,एस पी मालवी,बाबूलाल राठौर, मंगेश दवांदे,विशाल धमेजा, आशीष पगारे, मनीष भार्गव, संजय धान, शैलेंद्र नरवरे, प्रदीप कटारिया, अवध वर्मा, गजेंद्र भाई,बी एल पुष्पद, आर एस हथिया, घाशीराम, वीरेंद्र भारद्वाज ,अविनाश चिंचोरे, मदन लाल विश्वकर्मा, इमरत मुन्ना रायकवार, आदि ने समस्त बैंक कर्मियों से एकजुट रहकर मांगों के निराकरण के लिए संघर्षरत रहने का आह्वान किया

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