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विक्रम विश्वविद्यालय ने किया मिशन ‘‘टू किक द कार्बन हेबिट‘‘ का आगाज

उज्जैन : विक्रम विष्वविद्यालय, उज्जैन के आईक्यूएसी विभाग द्वारा राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में ‘‘ रिमोट सेंसिंग टेक्नोलॉजी फ़ॉर क्लाइमेट चेंज स्टडी ‘‘ विषय पर एक वेब लेक्चर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. अजय एमेरिटस वैज्ञानिक, पूर्व समूह निदेशक, स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (इसरो) अहमदाबाद आमंत्रित थे। वेब लेक्चर कार्यक्रम में कुल 384 पंजीयन हुए।
वक्ता ने उपग्रह चित्रों के माध्यम से जलवायु परिवर्तन की अवधारणा एवं निगरानी के तरीकों की विस्तृत व्याख्या की। दूर संवेदी उपग्रह तकनीक के माध्यम से ग्लोबल वार्मिंग एवं जलवायु परिवर्तन के विभिन्न पहलुओं को ध्रुवीय सतहों पर बर्फ जमाव के माध्यम से रोचक ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि ग्लोबल वार्मिंग के खतरनाक प्रभावों में से मुख्य हिमालयीन ग्लेशियर्स का खिसकना, क्लोरोफिल विसंगति, मीथेन उत्सर्जन, कोरल ब्लीचिंग आदि है। इन सबकी रोकथाम के लियें विभिन्न अनुकूलन रणनीतियों के लिये योजना बनानी आवश्यक है।
वेब लेक्चर माननीय कुलपतिजी प्रो. अखिलेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का संयोजन प्रो. पी.के. वर्मा - निदेशक, आईक्यूएसी विभाग एवं कार्यक्रम का समन्वयन प्रो. उमा शर्मा, नोडल अधिकारी, नेक, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन द्वारा किया गया।

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