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शैक्षणिक गुणवत्ता वृद्धि, सामुदायिक सेवा और नवाचारों के लिए आगे आएँ शिक्षकगण – कुलपति प्रो पांडेय

विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्षों और शिक्षकों के साथ कुलपति प्रो पांडेय द्वारा शैक्षणिक गुणवत्ता और नवाचारों को लेकर व्यापक संवाद सम्पन्न


उज्जैन : विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के शलाका दीर्घा सभागार में कुलपति प्रोफेसर अखिलेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में विभिन्न अध्यनशालाओं के विभागाध्यक्ष और शिक्षकों के साथ संवाद बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शैक्षणिक गुणवत्ता वृद्धि, सामुदायिक सेवा और नवाचारों पर व्यापक मंथन हुआ। कार्यक्रम के उद्देश्यों में विश्वविद्यालय परिसर में अकादमिक नवाचार, स्वच्छता, पौधरोपण, सामाजिक सरोकार से सम्बंधित कार्य को बढ़ावा देना तथा शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा करना था। बैठक में कुलसचिव डॉ प्रशांत पुराणिक, कुलानुशासक प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा, विभागों के विभागाध्यक्षगण एवं शिक्षकों ने सहभागिता की।


संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रोफ़ेसर अखिलेश कुमार पांडेय ने कहा कि विगत एक वर्ष के दौरान विश्वविद्यालय द्वारा शैक्षणिक गुणवत्ता वृद्धि, सामुदायिक सेवा और नवाचारों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। इन्हें आगामी वर्ष में आगे बढ़ाने के साथ कई नई दिशाओं में पहल की जाएगी। विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों और उद्यमियों से विद्यार्थियों के संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कम्यूनिटी सर्विस और पूर्व छात्रों के एसोसिएशन की गतिविधियों को विस्तारित किया जाएगा। नैक द्वारा मूल्यांकन के लिए सभी की सक्रिय सहभागिता के साथ एक्शन प्लान बनाया जाए। लर्न एंड अर्न योजना को प्रोत्साहित करें।

विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के प्रशासनिक परिसर स्थित शलाका दीर्घा सभागार में कुलपति प्रोफेसर अखिलेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में समस्त अध्ययनशालाओं के विभागाध्यक्ष एवं शिक्षकों के साथ संवाद बैठक का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम में कुलपति जी द्वारा विभिन्न अध्यनशालाओं में संचालित पाठ्यक्रमों के शैक्षणिक कार्यों की समीक्षा की गई। कुलपति जी के द्वारा अगले शैक्षणिक सत्र में संचालित होने वाले पाठ्यक्रमों की संभावनाओं पर चर्चा की गयी। कुलपति प्रोफेसर पाण्डेय ने विश्वविद्यालय परिसर की साफ-सफाई, पौधारोपण, छात्रों के साथ शिक्षकों के निरन्तर संवाद, कोविड से सम्बंधित सावधानियों पर विशेष ध्यान रखने पर बल दिया। इस के साथ ही सामाजिक सरोकार के कार्य जैसे कोविड टीकाकरण, कोरोना हेल्प डेस्क, व्यसन मुक्ति, फ़ूड सेफ्टी, साइंस कल्चर एंड हैरिटेज क्लब, किसानों को फसल उत्पादन में वृद्धि हेतु वैज्ञानिक विधियों से खेती, जैविक खेती तथा विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए हुए गावों में भ्रमण कर सेवा और शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए शिक्षकों को निर्देशित किया।

इस अवसर पर कुलसचिव डॉ प्रशांत पुराणिक ने विश्वविद्यालय में रेड क्रॉस प्रारम्भ करने की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विश्वविद्यालय शैक्षणिक एवं अनुसन्धान कार्यों की गुणवत्ता हेतु ढृढ़ संकल्पित है। कोविड-19 कर से उत्पन्न स्थितियों के बीच विद्यार्थियों तक ई कंटेंट उपलब्ध हों, इसके लिए विशेष प्रयास करने होंगे। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए विश्वविद्यालय का मोबाइल एप्लीकेशन बनवाया जा रहा है। खेल परिसर के विकास के लिए विशेष कार्य योजना बनाई गई है।

संवाद कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन कुलानुशासक प्रोफेसर शैलेन्द्र कुमार शर्मा ने किया।

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