Skip to main content

हमें अपने महान सेनानियों को याद करना चाहिए – श्री नागर

हमें अपने महान सेनानियों को याद करना चाहिए – श्री नागर 

विश्वविद्यालय में आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत हुआ वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी श्री नागर का सम्मान एवं पुस्तक हिंदुस्तान का सफर का लोकार्पण


उज्जैन : विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत माधवराव सप्रे स्मृति समाचार पत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान, भोपाल के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री प्रेमनारायण नागर का सम्मान एवं राज्यसभा टीवी के पूर्व कार्यकारी निदेशक श्री राजेश बादल की पुस्तक हिंदुस्तान का सफर का विमोचन सम्पन्न हुआ। 9 अक्टूबर को हिंदी अध्ययनशाला, वाग्देवी भवन में हुए इस महत्वपूर्ण आयोजन के मुख्य अतिथि वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी एवं कलमकार श्री प्रेमनारायण नागर, उज्जैन थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय ने की। विशिष्ट अतिथि माधवराव सप्रे समाचार पत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान, भोपाल के संस्थापक पद्मश्री श्री विजयदत्त श्रीधर एवं  विक्रम विश्वविद्यालय और रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर के पूर्व कुलपति प्रो रामराजेश मिश्र थे। विषय प्रवर्तन कुलानुशासक एवं कला संकायाध्यक्ष प्रो शैलेंद्र कुमार शर्मा ने किया। 

संबोधित करते हुए वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी श्री प्रेमनारायण नागर ने कहा कि आज़ादी का अमृत महोत्सव को मनाते हुए हमें अपने महान सेनानियों को याद करना चाहिए। आज के दौर में भारतीयता और नैतिकता का प्रसार आवश्यक है। श्री राजेश बादल ने अपनी पुस्तक के माध्यम से देश की प्रगति और विभिन्न स्थितियों को दर्शाया है। हमारा देश कहाँ था और अब वह कितनी प्रगति कर चुका है, इसका गौरव सभी को होना चाहिए। नई पीढ़ी के लिए यह पुस्तक महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध होगी।

कुलपति प्रो अखिलेशकुमार पांडेय ने कहा कि हमें अपने देश के इतिहास को जानना बहुत आवश्यक है। आजादी हमें कड़े संघर्ष के बाद मिली है। यदि हम अपने इतिहास को नहीं जानेंगे तो भविष्य की दिशा तय नहीं कर पाएंगे। युवाओं के बीच नई चेतना का संचार आवश्यक है। नई शिक्षा नीति में इस बात पर बल दिया गया है कि हम अपने इतिहास पुरुषों के संबंध में जानें। महात्मा गांधी तकनीकी के विरोधी नहीं थे। वे कहते थे कि लोगों का व्यवसाय छिन जाए, इस प्रकार का यंत्रीकरण उचित नहीं है। देश को निर्धनता से मुक्त करने के लिए समाज के सभी पक्ष मिलकर आगे आएँ। पत्रकारिता के सरोकार आज विराट होते चले जा रहे हैं।

पद्मश्री श्री विजयदत्त श्रीधर, भोपाल ने कहा कि सामाजिक सरोकारों के बिना पत्रकारिता संभव नहीं है। सकारात्मक पत्रकारिता से समाज और राष्ट्र का उद्धार होता है। आजादी का सफरनामा आसान नहीं रहा है। महात्मा गांधी ने किसान, मजदूर और महिलाओं की पीड़ा को अपने अंदर आत्मसात किया था। नई पीढ़ी को प्रेरणा देने के लिए स्वतंत्रता संघर्ष के अज्ञात महानायकों का स्मरण किया जाना चाहिए। महान पत्रकार और साहित्यकार माधवराव सप्रे हिंदी नवजागरण के पुरोधा थे। आजादी के आंदोलन के कई आयाम रहे हैं। देश की आत्मा को जगाने का काम माधवराव सप्रे ने किया। सप्रे जी ने हिंदी के समालोचना शास्त्र, निबंध और कहानी विधा के विकास में अविस्मरणीय योगदान दिया। वे अर्थशास्त्र के कोशकार तथा अनेक ग्रंथों के अनुवादक थे। 

पूर्व कुलपति प्रो रामराजेश मिश्र ने कहा कि समाचार पत्र समाज की धड़कन को मूर्त करते हैं। रिपोर्ताज जैसी विधा वर्तमान में हाशिए पर जा रही है। अखबारों में इस प्रकार का लेखन धीरे धीरे कम हो रहा है। कलमकार श्री राजेश बादल ने रिपोर्ताज विधा को जीवित रखा है। 

पुस्तक के लेखक श्री राजेश बादल, नई दिल्ली ने कहा कि देश की आजादी की सूरत का हमें पता होना चाहिए। देश की आलोचना करना आसान है, लेकिन पहले के शासकों ने हमें किस तरह गुलाम बना रखा था, उसे याद करना चाहिए। देश की तरक्की और रफ्तार का ब्यौरा देने की कोशिश इस पुस्तक में की गई है।

हिंदी विभागाध्यक्ष एवं कुलानुशासक प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा ने कहा की राष्ट्र को जगाने और आजादी के आंदोलन में अग्निधर्मा पत्रकारों और साहित्यकारों ने अविस्मरणीय योगदान दिया। उनमें माधवराव सप्रे, माखनलाल चतुर्वेदी, गणेशशंकर विद्यार्थी और बालकृष्ण शर्मा नवीन प्रमुख हैं। माधवराव सप्रे समाचार पत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान भारत का गौरव ज्ञान तीर्थ है। इसका लाभ शोधकर्ता और विद्यार्थी प्राप्त करें। 

श्री राजेश बादल की पुस्तक हिंदुस्तान का सफर का विमोचन वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी श्री प्रेमनारायण नागर, कुलपति प्रोफेसर अखिलेश कुमार पांडेय, पद्मश्री श्री विजयदत्त श्रीधर, पूर्व कुलपति प्रो रामराजेश मिश्र एवं कुलानुशासक डॉ शैलेंद्र कुमार शर्मा ने किया। वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी श्री प्रेम नारायण नागर को शॉल, सूत की माला और साहित्य अर्पित कर उनका सम्मान कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय, कुलानुशासक प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा आदि ने किया। गौरव मेमोरियल फाउंडेशन, भोपाल की ओर से नेहरू युवा केंद्र संगठन के वरिष्ठ अधिकारी श्री अरविंद श्रीधर ने स्वतंत्रता सेनानी श्री नागर को शॉल, श्रीफल एवं सूत की माला अर्पित कर उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर माधवराव सप्रे संग्रहालय एवं शोध संस्थान, भोपाल की निदेशक डॉ मंगला अनुज ने अतिथियों को माधवराव सप्रे सार्द्धशती स्मारक ग्रंथ एवं महात्मा गांधी की पुस्तक हिंद स्वराज की प्रति भेंट की।

अतिथियों का स्वागत कुलानुशासक प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा, डीएसडब्ल्यू डॉ एस के मिश्रा, डॉ जगदीश चंद्र शर्मा, डॉ गणपत अहिरवार, डॉ विश्वजीतसिंह परमार, डॉ डी. डी. बेदिया, डॉ संग्राम भूषण, श्रीमती हीना तिवारी आदि ने किया। 

आयोजन में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ शिव चौरसिया, श्रीराम दवे, श्री ब्रजकिशोर शर्मा, श्री महेंद्र ज्ञानी, श्री अरविंद श्रीधर, श्री निरुक्त भार्गव, श्री सुशील शर्मा, डॉ विवेक चौरसिया, डॉ अजय शर्मा, श्री कमल जोशी, श्री राजू यादव, श्री जसवंत सिंह आंजना आदि सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजनों, साहित्यकारों, गणमान्य नागरिकों एवं अध्येताओं ने भाग लिया। 

संचालन डॉ जगदीश चंद्र शर्मा ने किया और आभार प्रदर्शन डीएसडब्ल्यू डॉ सत्येंद्र किशोर मिश्रा ने किया।

Comments

मध्यप्रदेश खबर

नेशनल न्यूज़

Popular posts from this blog

आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर द्वारा आयोजित बी. ए. एम. एस. प्रथम वर्ष एवं तृतीय वर्ष में छात्राओं ने बाजी मारी

आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर द्वारा आयोजित बी ए एम एस प्रथम वर्ष एवं तृतीय वर्ष में छात्राओं ने बाजी मारी शासकीय धन्वंतरी आयुर्वेद उज्जैन में महाविद्यालय बी ए एम एस प्रथम वर्ष नेहा गोयल प्रथम, प्रगति चौहान द्वितीय स्थान, दीपाली गुज़र तृतीय स्थान. इसी प्रकार बी ए एम एस तृतीय वर्ष गरिमा सिसोदिया प्रथम स्थान, द्वितीय स्थान पर आकांक्षा सूर्यवंशी एवं तृतीय स्थान पर स्नेहा अलवानी ने बाजी मारी. इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त अध्यापक एवं प्रधानाचार्य द्वारा छात्राओं को बधाई दी और महाविद्यालय में हर्ष व्याप्त है उक्त जानकारी महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ प्रकाश जोशी, डा आशीष शर्मा छात्र कक्ष प्रभारी द्वारा दी गई. 

श्री खाटू श्याम जी के दर्शन 11 नवम्बर, 2020 से पुनः प्रारम्भ, दर्शन करने के लिए लेना होगी ऑनलाइन अनुमति

■ श्री खाटू श्याम जी के दर्शन 11 नवम्बर, 2020 से पुनः प्रारम्भ ■ दर्शन करने के लिए लेना होगी ऑनलाइन अनुमति श्री श्याम मन्दिर कमेटी (रजि.),  खाटू श्यामजी, जिला--सीकर (राजस्थान) 332602   फोन नम्बर : 01576-231182                    01576-231482 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 #जय_श्री_श्याम  #आम #सूचना   दर्शनार्थियों की भावना एवं कोविड-19 के संक्रमण के प्रसार को दृष्टिगत रखते हुए सर्वेश्वर श्याम प्रभु के दर्शन बुधवार दिनांक 11-11-2020 से पुनः खोले जा रहे है । कोविड 19 के संक्रमण के प्रसार को दृष्टिगत रखते हुए गृहमंत्रालय द्वारा निर्धारित गाइड लाइन के अधीन मंदिर के पट खोले जाएंगे । ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 11-11-2020 से चालू होंगी । दर्शनार्थी भीड़ एवं असुविधा से बचने के लिए   https://shrishyamdarshan.in/darshan-booking/ पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते है ।  नियमानुसार सूचित हो और व्यवस्था बनाने में सहयोग करे। श्री खाटू श्याम जी के दर्शन करने के लिए, ऑनलाइन आवेदन करें.. 👇  https://shrishyamdarshan.in/darshan-booking/ 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 साद

कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षा नीति का उत्कृष्ट पुरस्कार

  उज्जैन : मध्यप्रदेश में नई शिक्षा नीति का सर्वप्रथम क्रियान्वयन करने पर जबलपुर में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षा नीति में उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। एनवायरनमेंट एवं सोशल वेलफेयर सोसाइटी, खजुराहो एवं प्राणीशास्त्र एवं जैवप्रौद्योगिकी विभाग, शासकीय विज्ञान स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जबलपुर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजन दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन जबलपुर में किया गया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश में नई शिक्षा नीति के सर्वप्रथम क्रियान्वयन के लिए विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षानीति में उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय की प्रशासनिक कार्यकुशलता से आज विश्वविद्यालय नई शिक्षा का क्रियान्वयन करने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है। इस उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ प्रशांत पुराणिक एवं कुलानुशासक प्रो शैलेन्द्र कुमार शर्मा ने कुलपति प्रो पांडेय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक