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" कर चले हम फिदा जानो तन साथियों "


उज्जैन शासकीय धन्वन्तरि आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय उज्जैन के प्रधानाचार्य डॉ. जे. पी. चौरसिया ने जानकारी देते हुए बताया कि 34 वर्ष शासकीय सेवा पूर्ण कर सेवाभावी सरल कुशल कर्मचारी श्री कैलाश डागर की सेवानिवृत्ति हुई। विदाई एवं सम्मान समारोह में अध्यक्षता प्रधानाचार्य डॉ. जे.पी. चौरसिया ने की, मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व शिक्षक डॉ. रजनीकांत सक्सेना रहे, कार्यक्रम में अन्य उपस्थित अधिकारी प्रोफेसर डॉ. ओ.पी. व्यास, डॉ. वेद प्रकाश व्यास, डॉ. अजय कीर्ति जैन थे। 

कार्यकम का संचालन डॉ. रामतीर्थ शर्मा ने किया इस अवसर पर मुख्य लिपिक श्रीमती अंजना शेख ने अपने विचार व्यक्त किये, उन्होने बताया की श्री कैलाश डागर अत्यन्त अनुशासन प्रिय एवं कर्मठ कर्मचारी रहे है। श्री राजेन्द्र कुम्भकर ने श्री कैलाश डागर के जीवन परिचय पर प्रकाश डाला साथ ही डॉ. प्रकाश जोशी ने भी संबोधित किया। 

इस विदाई समारोह में उनके साथी श्री सुन्दरलाल ने अपने गायन के द्वारा प्रस्तुति दी - कर चले हम फिदा जानो तन साथियों गाना प्रस्तुत किया। कार्यकम में श्री राजीव अग्रवाल, श्री अमित शर्मा, श्री मोहनलाल वर्मा, श्री संजय शर्मा, श्री राजकुमार बडोदिया, श्री राजेश रिछारिया, श्री आशीष चौधरी, श्री बृजेश धाकड, श्री रविन्द्र गिरी, श्री दिलीप झांझोट, श्री राधेश्याम परिहार आदि कर्मचारियों ने अपने विचार व्यक्त किये, कार्यकम का आभार डॉ. योगेश वाणे ने किया।

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