Skip to main content

प्रो लता भट्टाचार्य विभागाध्यक्ष प्राणिकी एवं जैवप्रौद्योगिकी अध्ययनशाला के सेवानिवृत्ति के अवसर पर सम्मान समारोह आयोजित

उज्जैन : प्राणिकी एवं जैवप्रौद्योगिकी अध्ययनशाला की विभागाध्यक्ष प्रो लता भट्टाचार्य के सेवानिवृति अवसर पर सम्मान एवं विदाई समारोह का आयोजन कार्यपरिषद कक्ष, विक्रम विश्वविद्यालय एवं प्राणिकी एवं जैवप्रौद्योगिकी अध्ययनशाला में किया गया। प्रो लता भट्टाचार्य के विदाई समारोह का आयोजन विक्रम यूनिवर्सिटी के कार्यपरिषद कक्ष में प्रभारी कुलपति प्रोफेसर एच. पी. सिंह की अध्यक्षता में किया गया।


इस अवसर पर प्रो पी. के. वर्मा प्रभारी डीन जीव विज्ञान संकाय, प्रोफेसर शुभा जैन विभागाध्यक्ष रसायन शास्त्र विभाग, कुलानुशासक प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा, डॉ डी के बग्गा, प्रो के एन सिंह, प्रो डी. एम. कुमावत, डीएसडब्ल्यू डॉ सत्येंद्र किशोर मिश्रा, डॉ कानिया मेड़ा, अध्यक्ष विक्रम विश्वविद्यालय शिक्षक संघ, डॉ सोनल सिंह, प्रो एस एन शर्मा आदि द्वारा प्रो लता भट्टाचार्य की शैक्षिणिक उपलब्धियों एवं विश्वविद्यालयों के लिए किये गए कार्यों का उल्लेख किया गया। प्राणिकी एवं जैवप्रौद्योगिकी अध्ययनशाला की विभागाध्यक्ष प्रो लता भट्टाचार्य दिनांक 31 अक्टूबर 2021 को सेवानिवृत्त हो रही हैं। इस अवसर पर उनके विदाई समारोह का आयोजन प्राणिकी एवं जैवप्रौद्योगिकी अध्ययनशाला में किया गया।


कार्यक्रम में डॉ सलिल सिंह ने प्रो लता भट्टाचार्य के एकेडिमिक एवं अनुसन्धान सम्बंधित उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में विभाग के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के द्वारा शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिह्न द्वारा प्रोफेसर लता भट्टाचार्य को सम्मानित किया गया। विदाई समारोह कार्यक्रम का संचालन डॉ स्मिता सोलंकी द्वारा किया गया तथा आभार डॉ संतोष ठाकुर द्वारा व्यक्त किया गया। इस अवसर पर डॉ अरविन्द शुक्ल, डॉ शिवि भसीन, डॉ गरिमा शर्मा, विभागीय कर्मचारीगण, छात्र एवं छात्राएँ उपस्थित थे।

विश्वविद्यालय में आयोजित सम्मान समारोह का संचालन प्रो शैलेन्द्र कुमार शर्मा कुलानुशासक, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ सलिल सिंह ने किया। उनके सम्मान के अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं विक्रम विश्वविद्यालय के कर्मचारीगण उपस्थित थे।

Comments

मध्यप्रदेश खबर

नेशनल न्यूज़

Popular posts from this blog

आधे अधूरे - मोहन राकेश : पाठ और समीक्षाएँ | मोहन राकेश और उनका आधे अधूरे : मध्यवर्गीय जीवन के बीच स्त्री पुरुष सम्बन्धों का रूपायन

  आधे अधूरे - मोहन राकेश : पीडीएफ और समीक्षाएँ |  Adhe Adhure - Mohan Rakesh : pdf & Reviews मोहन राकेश और उनका आधे अधूरे हिन्दी के बहुमुखी प्रतिभा संपन्न नाट्य लेखक और कथाकार मोहन राकेश का जन्म  8 जनवरी 1925 को अमृतसर, पंजाब में  हुआ। उन्होंने  पंजाब विश्वविद्यालय से हिन्दी और अंग्रेज़ी में एम ए उपाधि अर्जित की थी। उनकी नाट्य त्रयी -  आषाढ़ का एक दिन, लहरों के राजहंस और आधे-अधूरे भारतीय नाट्य साहित्य की उपलब्धि के रूप में मान्य हैं।   उनके उपन्यास और  कहानियों में एक निरंतर विकास मिलता है, जिससे वे आधुनिक मनुष्य की नियति के निकट से निकटतर आते गए हैं।  उनकी खूबी यह थी कि वे कथा-शिल्प के महारथी थे और उनकी भाषा में गज़ब का सधाव ही नहीं, एक शास्त्रीय अनुशासन भी है। कहानी से लेकर उपन्यास तक उनकी कथा-भूमि शहरी मध्य वर्ग है। कुछ कहानियों में भारत-विभाजन की पीड़ा बहुत सशक्त रूप में अभिव्यक्त हुई है।  मोहन राकेश की कहानियां नई कहानी को एक अपूर्व देन के रूप में स्वीकार की जाती हैं। उनकी कहानियों में आधुनिक जीवन का कोई-न-कोई विशिष्ट पहलू उजागर हुआ है। राकेश मुख्यतः आधुन

कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षा नीति का उत्कृष्ट पुरस्कार

  उज्जैन : मध्यप्रदेश में नई शिक्षा नीति का सर्वप्रथम क्रियान्वयन करने पर जबलपुर में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षा नीति में उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। एनवायरनमेंट एवं सोशल वेलफेयर सोसाइटी, खजुराहो एवं प्राणीशास्त्र एवं जैवप्रौद्योगिकी विभाग, शासकीय विज्ञान स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जबलपुर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजन दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन जबलपुर में किया गया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश में नई शिक्षा नीति के सर्वप्रथम क्रियान्वयन के लिए विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षानीति में उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय की प्रशासनिक कार्यकुशलता से आज विश्वविद्यालय नई शिक्षा का क्रियान्वयन करने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है। इस उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ प्रशांत पुराणिक एवं कुलानुशासक प्रो शैलेन्द्र कुमार शर्मा ने कुलपति प्रो पांडेय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक

नरेश जिनिंग की जमीन पर मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए विधायक श्री पारस चन्द्र जैन ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

 ■ नरेश जिनिंग की जमीन पर मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए विधायक श्री पारस चन्द्र जैन ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र ● विधायक ने उज्जैन जिला कलेक्टर को आवश्यक कार्यवाही करने के लिए लिखा पत्र   उज्जैन । भारत स्काउट एवं गाइड मध्यप्रदेश के राज्य मीडिया प्रभारी राधेश्याम चौऋषिया ने जानकारी देते हुए बताया कि, आज विधायक श्री पारस चन्द्र जैन जी ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री जी श्री शिवराज सिंह चौहान को एक पत्र लिखकर उनके द्वारा उज्जैन में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा किए जाने पर उज्जैन की जनता की ओर से बहुत बहुत धन्यवाद देकर आभार प्रकट किया गया । मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में विधायक श्री जैन ने लिखा कि, उज्जैन शहर के मध्य आगर रोड़ स्थित नरेश जिनिंग की जमीन को उज्जैन जिला प्रशासन द्वारा हाल ही में  अतिक्रमण से मुक्त करवाया गया है । इस जमीन का उपयोग मेडिकल कॉलेज हेतु किया जा सकता है क्योंकि यह शहर के मध्य स्थित है तथा इसी जमीन के पास अनेक छोटे-बड़े अस्पताल आते हैं । इसी प्रकार विनोद मिल की जमीन भी उक्त मेडिकल कॉलेज हेतु उपयोग की जा सकती हैं क्योंकि इसी जमीन के आसपास उज्जैन का शासकीय जिला चिकित्सालय, प्रसूतिग