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शा. धन्वन्तरि आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय के स्नातकोत्तर अध्येताओं ने इथिकल कमेटी के समक्ष प्रस्तु की शोध कार्यों की कार्ययोजना

उज्जैन। शासकीय धन्वन्तरि आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय उज्जैन के कॉन्फ्रेंस हॉल में 9 सितम्बर को इथिकल कमेटी के समक्ष प्रथम वर्ष के शोध अध्येताओं ने अपने शोध कार्य की कार्ययोजना प्रस्तुत की।

संस्था प्रमुख डॉ. जे.पी. चौरसिया ने बताया कि शोध कार्य प्रारंभ करने के पहले गाइड लाइन के अनुसार शोध कार्य की कार्ययोजना (सिनाप्सिस) इथिकल कमेटी के समक्ष अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किए जाते हैं। इसी क्रम में 9 सितम्बर को इथिकल कमेटी के चेयरमैन भूतपूर्व प्रधानाचार्य डॉ. आर.एस. चौहान की अध्यक्षता में कमेटी के समक्ष 11 शोधार्थियों ने अपने शोधकार्यों की कार्य योजना प्रस्तुत की।


समिति के सचिव डॉ. वेदप्रकाश व्यास एवं को ऑर्डिनेटर डॉ. योगेश वाणे ने बताया कि इथिकल कमेटी में सेवानिवृत्त न्यायाधीश आर.जी. घाटिया एम.पी. एम.एस.यू. प्रतिनिधि डॉ. एम.के. नायक, डॉ. रुचि बघेल, असि. प्रोफेसर आर.डी. गार्डी मेडिकल कॉलेज, डॉ. मनु गौतम, अति. प्रोफेसर सामाजिक शोध संस्थान, भेरूलाल माहेश्वरी कमेटी के सदस्य के रूप में उपस्थित रहे।

शोधार्थियों ने संधिवात, थायराइड, चर्म रोग, उच्च रक्तचाप, पाण्डु रोग, त्वकविकार आदि के उपचार हेतु आयुर्वेदिक औषधियों के प्रभाव पर शोध कार्य करने की कार्ययोजना प्रस्तुत की। कार्यक्रम में डॉ. ओ.पी. व्यास, डॉ. सुनीता डी राम, डॉ. नरेश जैन, डॉ. वंदना सराफ, डॉ. नृपेन्द्र मिश्रा, डॉ. मुकेश गुप्ता, डॉ. योगेश वाणे, डॉ. प्रकाश जोशी, डॉ. मुकेश गुप्ता, योगेश नायक, डॉ. शिवकुमार मिश्रा, डॉ. अजयकीर्ति जैन, स्नातकोत्तर शोध अध्येता उपस्थित रहे।

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