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आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत स्वाधीनता दिवस की पूर्व संध्या पर विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन में सांस्कृतिक संध्या आयोजित ; शस्त्र कला, नृत्य, संगीत और नाट्य की प्रस्तुतियों ने मंत्रमुग्ध किया

आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत स्वाधीनता दिवस की पूर्व संध्या पर विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन में सांस्कृतिक संध्या आयोजित

शस्त्र कला, नृत्य, संगीत और नाट्य की प्रस्तुतियों ने मंत्रमुग्ध किया


उज्जैन : विक्रम विश्वविद्यालय द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में दिनांक 14 अगस्त 2021 को स्वर्ण जयंती सभागार में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। संध्या का शुभारंभ आयोजन के अध्यक्ष कुलपति विक्रम विश्वविद्यालय प्रो अखिलेश कुमार पांडेय, मुख्य अतिथि भारतीय मार्ग संगठन की कार्यकारी सदस्य इ शोभा खन्ना, विशिष्ट अतिथि कुलसचिव डॉ प्रशांत पौराणिक, कुलानुशासक डॉ शैलेंद्र कुमार शर्मा एवं डीएसडब्ल्यू डॉ सत्येंद्र किशोर मिश्रा द्वारा सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।


आयोजन में कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्र की आजादी को बनाए रखने के लिए शौर्य और पराक्रम की आवश्यकता है। देश को आजादी दिलाने में अगस्त के माह का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। विक्रम विश्वविद्यालय की अनेक प्रतिभाओं ने इसे गौरव दिलाया है। खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए विक्रम विश्वविद्यालय में शारीरिक शिक्षा में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं। विश्वविद्यालय में मलखंभ का विशेष केंद्र स्थापित किया जाएगा। यह विश्वविद्यालय दुनिया के श्रेष्ठ विश्वविद्यालय के रूप में आगे बढ़ रहा है।

विशिष्ट अतिथि इं. शोभा खन्ना ने कहा कि युवा शक्ति से देश को बड़ी उम्मीदें हैं। टोक्यो ओलंपिक के माध्यम से अनेक प्रतिभाओं ने देश का गौरव बढ़ाया। खेलों को लेकर विशेष प्रकार का प्रोत्साहन हो, यह जरूरी है। देश की महिलाओं ने अभियांत्रिकी के क्षेत्र में बहुत महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

कुलसचिव डॉ प्रशांत पुराणिक ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इतिहास से प्रेरणा लेकर हम नए भारत की संकल्पना को साकार करें आने वाले भविष्य के निर्माण के लिए इतिहास हमें महत्वपूर्ण साक्ष्य देता है। प्रधानमंत्री जी ने दांडी यात्रा के दिवस से आजादी के अमृत महोत्सव की शुरुआत करते हुए यह संदेश दिया कि हम आजादी दिलाने वाले सेनानियों को याद रखें।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए विश्वविद्यालय और महाविद्यालय की अध्ययनरत बालिकाओं द्वारा शिव स्तुति के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गई, जिसे डॉ पल्लवी किशन ने निर्देशित किया। विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संस्थान में आयोजित की गई महिलाओं के लिए शस्त्र विद्या की कार्यशाला में प्रशिक्षित 25 युवतियों द्वारा शस्त्र विद्या का प्रदर्शन किया गया। शस्त्र प्रदर्शन का निर्देशन खलीफा मुस्कान सिसोदिया, बिंदु पवार, निकेश कटारिया द्वारा किया गया। द्रोणाचार्य पुरस्कार प्राप्त प्रशिक्षक योगेश जी मालवीय के निर्देशन में मलखंभ का प्रदर्शन हुआ। द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित श्री योगेश मालवीय के शिष्य राजवीर सिंह पंवार और खिलाड़ियों द्वारा मलखंब कौशल की रोमांचक प्रस्तुति दी गई। एनसीसी कैडेट्स द्वारा नाट्य मंचन करते हुए सर्व धर्म एकता का सन्देश दिया गया। विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के बैंड द्वारा सरस राष्ट्रीय गीतों की प्रस्तुति दी गई। पीयूष सोनी द्वारा बैंड परफॉरमेंस का संयोजन किया गया। सेवा भारती द्वारा बस्ती में पढ़ाये गए बच्चों द्वारा राष्ट्रीय गीत पर नृत्य की प्रस्तुति दी गई।

कार्यक्रम के समन्वयक डॉ गणपत अहिरवार , निदेशक स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, डॉ जगदीशचंद्र शर्मा एसोसिएट प्रोफेसर हिंदी अध्ययनशाला, डॉ विश्वजीत सिंह परमार रहे।

कार्यक्रम का संचालन डॉ विश्वजीत सिंह परमार एवं इंजीनियरिंग संस्थान की सुश्री कंचन थूल और श्रीमती अंजलि उपाध्याय ने किया। आभार प्रदर्शन विद्यार्थी कल्याण संकायाध्यक्ष डॉ सत्येंद्र किशोर मिश्र ने दिया।आयोजन में विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष, शिक्षक, गेस्ट फेकल्टी, कर्मचारीगण एवं शोधकर्ता उपस्थित रहे।

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