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माननीय उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव जी की विक्रम विश्वविद्यालय में 28 अगस्त 2021 को पत्रकार वार्ता

उज्जैन : विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलानुशासक प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि, मध्यप्रदेश के माननीय उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव जी दिनांक 28 अगस्त 2021 को संध्या 4:00 बजे विक्रम विश्वविद्यालय के मुख्य प्रशासनिक भवन स्थित शलाका दीर्घा सभागार में प्रेस वार्ता में प्रेस एवं मीडिया से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन, विक्रम विश्वविद्यालय में नवीन पाठ्यक्रम प्रारंभ करने और शैक्षणिक विकास के सम्बंध में चर्चा करेंगे। इस महत्त्वपूर्ण प्रेस वार्ता में विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय एवं कुलसचिव डॉ प्रशांत पुराणिक सम्मिलित रहेंगे।

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चौऋषिया दिवस (नागपंचमी) पर चौऋषिया समाज विशेष, नाग पंचमी और चौऋषिया दिवस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं

चौऋषिया शब्द की उत्पत्ति और अर्थ: श्रावण मास में आने वा ली नागपंचमी को चौऋषिया दिवस के रूप में पुरे भारतवर्ष में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता हैं। चौऋषिया शब्द की उत्पत्ति संस्कृत शब्द "चतुरशीतिः" से हुई हैं जिसका शाब्दिक अर्थ "चौरासी" होता हैं अर्थात चौऋषिया समाज चौरासी गोत्र से मिलकर बना एक जातीय समूह है। वास्तविकता में चौऋषिया, तम्बोली समाज की एक उपजाति हैं। तम्बोली शब्द की उत्पति संस्कृत शब्द "ताम्बुल" से हुई हैं जिसका अर्थ "पान" होता हैं। चौऋषिया समाज के लोगो द्वारा नागदेव को अपना कुलदेव माना जाता हैं तथा चौऋषिया समाज के लोगो को नागवंशी भी कहा जाता हैं। नागपंचमी के दिन चौऋषिया समाज द्वारा ही नागदेव की पूजा करना प्रारम्भ किया गया था तत्पश्चात सम्पूर्ण भारत में नागपंचमी पर नागदेव की पूजा की जाने लगी। नागदेव द्वारा चूहों से नागबेल (जिस पर पान उगता हैं) कि रक्षा की जाती हैं।चूहे नागबेल को खाकर नष्ट करते हैं। इस नागबेल (पान)से ही समाज के लोगो का रोजगार मिलता हैं।पान का व्यवसाय चौरसिया समाज के लोगो का मुख्य व्यवसाय हैं।इस हेतू समाज के लोगो ने अपने