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विक्रम विश्वविद्यालय में यूजी, पीजी, डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया जारी ; विक्रम विश्वविद्यालय में 170 पाठ्यक्रमों में 31 अगस्त तक एमपी ऑनलाइन के माध्यम से आवेदन कर प्रवेश ले सकते हैं विद्यार्थी

विक्रम विश्वविद्यालय में यूजी, पीजी, डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया जारी

विक्रम विश्वविद्यालय में 170 पाठ्यक्रमों में 31 अगस्त तक एमपी ऑनलाइन के माध्यम से आवेदन कर प्रवेश ले सकते हैं विद्यार्थी

उज्जैन : विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन में नवीन शिक्षा सत्र 2021 - 22 में विभिन्न अध्ययनशाला एवं संस्थानों में संचालित स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा एवं प्रमाण पत्र पाठ्यक्रमों में मेरिट के आधार पर प्रवेश की प्रक्रिया निरन्तर जारी है। विद्यार्थीगण यहाँ संचालित 170 पाठ्यक्रमों में से अपनी रुचि एवं अध्ययन क्षेत्र के अनुसार किसी पाठ्यक्रम में प्रवेश ले सकते हैं। प्रवेश हेतु एमपी ऑनलाइन के माध्यम से 31 अगस्त 2021 तक आवेदन किए जा सकते हैं। इस वर्ष विश्वविद्यालय में रोजगारपरक एवं कौशल संवर्धन से जुड़े लगभग सौ पाठ्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं। इच्छुक विद्यार्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट से जानकारी प्राप्त करने के साथ संबंधित अध्ययनशाला / संस्थान में संपर्क कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।



विश्वविद्यालय के संस्थानों में एमबीए, एमसीए एवं बी टेक – सिविल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश डीटीई, भोपाल के माध्यम से होगा। इस वर्ष एसओईटी में प्रारंभ किए गए एम टेक पाठ्यक्रमों में मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलानुशासक प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि, विक्रम विश्वविद्यालय की अध्ययनशालाओं एवं संस्थानों में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों में विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सीबीसीएस (च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम) हाल के वर्षों में लागू किया गया है। सीबीसीएस पद्धति में विद्यार्थियों को अपने विषय क्षेत्र के अध्ययन के साथ ही अपनी रुचि और व्यावसायिक दक्षता अर्जित करने की दृष्टि से अन्य विषयों के चयन का विकल्प प्राप्त हो रहा है। इस पद्धति में मुख्य विषय के साथ स्किल बेस्ड एवं वोकेशनल कोर्स भी समाहित किए गए गए हैं। यूजीसी के नवीन मानदंडों के अनुरूप प्रत्येक कोर्स के पाठ्यक्रम को अलग-अलग क्रेडिट्स में तैयार किया गया है। सीबीसीएस के तहत विद्यार्थियों को विभिन्न सेमेस्टरों में अपनी रुचि के अनुरूप प्रश्नपत्र पढ़ने की छूट मिल रही है। पाठ्यक्रम में नई विषय सामग्री भी शामिल की गई हैं, जिससे विद्यार्थीगण परम्परागत पाठ्यक्रमों में हाल के वर्षों में वैश्विक स्तर पर हुए बदलावों से भी जुड़ रहे हैं। इस पद्धति में विद्यार्थियों के सतत परीक्षण, विकल्प आधारित पाठ्यक्रम, कॉमन ग्रेडिंग सिस्टम, व्यावसायिक क्षमता एवं कौशल आधारित पाठ्यक्रम जैसी अनेक विशेषताएँ हैं। नए सत्र से विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, कैरियर गाइडेंस और प्लेसमेंट के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। विभिन्न पाठ्यक्रमों से संबन्धित विस्तृत विवरण विक्रम विश्वविद्यालय की वेबसाइट http://vikramuniv.ac.in/ से प्राप्त किया जा सकता है।

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