Skip to main content

मध्यप्रदेश में भारतीय प्रशासनिक सेवा और राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के तबादले

भारतीय प्रशासनिक सेवा के 29 अधिकारियों की नवीन पदस्थापना
सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किये आदेश
भोपाल : सोमवार, जुलाई 12, 2021

राज्य शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के 29 अधिकारियों की नवीन पदस्थापना की है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में श्री अक्षत जैन सहायक कलेक्टर, जिला सिवनी को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) महू जिला इंदौर, श्री श्रेयान्स कूमट सहायक कलेक्टर जिला खण्डवा को अनुविभागीय अधिकारी(राजस्व) सौंसर, जिला छिन्दवाड़ा, सुश्री सृष्टि जयंत देशमुख सहायक कलेक्टर जिला डिण्डोरी को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) गाडरवाड़ा जिला नरसिंहपुर, श्री तन्मय वशिष्ट शर्मा सहायक कलेक्टर जिला बैतूल को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बैहर जिला बालाघाट, सुश्री काजल जावला सहायक कलेक्टर जिला शिवपुरी को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) विजयपुर, जिला श्योपुर श्री दलीप कुमार सहायक कलेक्टर जिला बालाघाट को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को हरसूद जिला खण्डवा, श्री हिमांशु प्रजापति सहायक कलेक्टर जिला टीकमगढ़ को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जावरा जिला रतलाम, श्री आकाश सिंह सहायक कलेक्टर जिला झाबुआ को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) देवसर जिला सिंगरौली, सुश्री निधि सिंह सहायक कलेक्टर जिला राजगढ़ को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बड़नगर जिला उज्जैन तथा श्री पवार नवजीवन विजय सहायक कलेक्टर जिला श्योपुर को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कुक्षी जिला धार पदस्थ किया गया है।

सुश्री शीतला पटले मुख्य कार्यपालन अधिकारी स्मार्ट सिटी, इंदौर को उप सचिव मध्यप्रदेश शासन, श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डिण्डौरी को अपर कलेक्टर जिला डिण्डौरी, श्री ऋषव गुप्ता मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मंदसौर को मुख्य कार्यपालन अधिकारी स्मार्ट सिटी इंदौर, सुश्री भव्या मित्तल मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नीमच को अपर आयुक्त नगर पालिक निगम इंदौर, श्री गौरव बैनल मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत खरगौन को अपर आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास, श्री हरेन्द्र नारायण मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सतना को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत छिन्दवाड़ा, श्री अभिलाष मिश्रा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) महू जिला इंदौर को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बैतूल, श्री रोहित सिसोनिया अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बहोरीबंद जिला कटनी को अपर कलेक्टर जिला बुरहानपुर, श्री राहुल नामदेव धोटे अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जावरा जिला रतलाम को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सीधी, सुश्री अंकिता धाकरे अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सबलगढ़ जिला मुरैना को अपर कलेक्टर जिला उज्जैन, डॉ. योगेश तुकाराम भरसठ अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बढ़नगर जिला उज्जैन को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सागर, श्री विवेक कुमार अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कुक्षी जिला धार को अपर कलेक्टर जिला बालाघाट, डॉ. परिक्षित संजयराव झाड़े अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) हरसूद जिला खण्डवा को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सतना, डॉ. सौरभ संजय सोनवड़े अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जतारा जिला टीकमगढ़ को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नरसिंहपुर, श्री गुरू प्रसाद अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बैहर जिला बालाघाट को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नीमच, श्री कुमार सत्यम अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सौसर जिला छिन्दवाड़ा को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मंदसौर, श्री दिव्यांक सिंह अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) नागौद जिला सतना को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत खरगौन, श्री शेर सिंह मीना अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सोहागपुर जिला शहडोल को अपर कलेक्टर जिला जबलपुर तथा श्रीमती अंजु अरूण कुमार अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शहपुरा जिला डिण्डौरी को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डिण्डौरी पदस्थ किया गया है।

 




Comments

मध्यप्रदेश खबर

नेशनल न्यूज़

Popular posts from this blog

आधे अधूरे - मोहन राकेश : पाठ और समीक्षाएँ | मोहन राकेश और उनका आधे अधूरे : मध्यवर्गीय जीवन के बीच स्त्री पुरुष सम्बन्धों का रूपायन

  आधे अधूरे - मोहन राकेश : पीडीएफ और समीक्षाएँ |  Adhe Adhure - Mohan Rakesh : pdf & Reviews मोहन राकेश और उनका आधे अधूरे - प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा हिन्दी के बहुमुखी प्रतिभा संपन्न नाट्य लेखक और कथाकार मोहन राकेश का जन्म  8 जनवरी 1925 को अमृतसर, पंजाब में  हुआ। उन्होंने  पंजाब विश्वविद्यालय से हिन्दी और अंग्रेज़ी में एम ए उपाधि अर्जित की थी। उनकी नाट्य त्रयी -  आषाढ़ का एक दिन, लहरों के राजहंस और आधे-अधूरे भारतीय नाट्य साहित्य की उपलब्धि के रूप में मान्य हैं।   उनके उपन्यास और  कहानियों में एक निरंतर विकास मिलता है, जिससे वे आधुनिक मनुष्य की नियति के निकट से निकटतर आते गए हैं।  उनकी खूबी यह थी कि वे कथा-शिल्प के महारथी थे और उनकी भाषा में गज़ब का सधाव ही नहीं, एक शास्त्रीय अनुशासन भी है। कहानी से लेकर उपन्यास तक उनकी कथा-भूमि शहरी मध्य वर्ग है। कुछ कहानियों में भारत-विभाजन की पीड़ा बहुत सशक्त रूप में अभिव्यक्त हुई है।  मोहन राकेश की कहानियां नई कहानी को एक अपूर्व देन के रूप में स्वीकार की जाती हैं। उनकी कहानियों में आधुनिक जीवन का कोई-न-कोई विशिष्ट पहलू उजागर

हिंदी कथा साहित्य / संपादक प्रो. शैलेंद्र कुमार शर्मा

हिंदी कथा साहित्य की भूमिका और संपादकीय के अंश : किस्से - कहानियों, कथा - गाथाओं के प्रति मनुष्य की रुचि सहस्राब्दियों पूर्व से रही है, लेकिन उपन्यास या नॉवेल और कहानी या शार्ट स्टोरी के रूप में इनका विकास पिछली दो सदियों की महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है। हिंदी में नए रूप में कहानी एवं उपन्यास  विधा का आविर्भाव बीसवीं शताब्दी में हुआ है। वैसे संस्कृत का कथा - साहित्य अखिल विश्व के कथा - साहित्य का जन्मदाता माना जाता है। लोक एवं जनजातीय साहित्य में कथा – वार्ता की सुदीर्घ परम्परा रही है। इधर आधुनिक हिन्दी कथा साहित्य का विकास संस्कृत - कथा - साहित्य अथवा लोक एवं जनजातीय कथाओं की समृद्ध परम्परा से न होकर, पाश्चात्य कथा साहित्य, विशेषतया अंग्रेजी साहित्य के प्रभाव रूप में हुआ है।  कहानी कथा - साहित्य का एक अन्यतम भेद और उपन्यास से अधिक लोकप्रिय साहित्य रूप है। मनुष्य के जन्म के साथ ही साथ कहानी का भी जन्म हुआ और कहानी कहना - सुनना मानव का स्वभाव बन गया। सभी प्रकार के समुदायों में कहानियाँ पाई जाती हैं। हमारे देश में तो कहानियों की सुदीर्घ और समृद्ध परंपरा रही है। वेद - उपनिषदों में वर्णित यम-य

कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षा नीति का उत्कृष्ट पुरस्कार

  उज्जैन : मध्यप्रदेश में नई शिक्षा नीति का सर्वप्रथम क्रियान्वयन करने पर जबलपुर में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षा नीति में उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। एनवायरनमेंट एवं सोशल वेलफेयर सोसाइटी, खजुराहो एवं प्राणीशास्त्र एवं जैवप्रौद्योगिकी विभाग, शासकीय विज्ञान स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जबलपुर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजन दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन जबलपुर में किया गया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश में नई शिक्षा नीति के सर्वप्रथम क्रियान्वयन के लिए विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षानीति में उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय की प्रशासनिक कार्यकुशलता से आज विश्वविद्यालय नई शिक्षा का क्रियान्वयन करने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है। इस उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ प्रशांत पुराणिक एवं कुलानुशासक प्रो शैलेन्द्र कुमार शर्मा ने कुलपति प्रो पांडेय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक