Skip to main content

उज्जैन में जनता कर्फ्यू 17 मई की सुबह 6 बजे तक प्रभावी रहेगा, कलेक्टर द्वारा आदेश जारी

उज्जैन 07 मई। जिला क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक में लिए गए निर्णय के  परिप्रेक्ष में कलेक्टर श्री  आशीष सिंह ने दण्ड प्रक्रिया संहिता-1973 की धारा 144 के तहत जनता कर्फ्यू लगाने सम्बन्धी प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर नवीन व्यवस्था लागू करने के आदेश जारी किये हैं। जारी आदेश अनुसार- 


1. जनता कर्फ़्यू  आदेश 17 मई की  सुबह 6 बजे तक लागू रहेगा।

2. जनता  कर्फ्यू के दौरान किसी भी व्यक्ति को अपने घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी। सार्वजनिक स्थानों जैसे पार्क, गार्डन, मैदान, सामाजिक परिसर, मॉर्निंग वॉक, इवनिंग वॉक, शॉपिंग मॉल, शैक्षणिक संस्थान, क्रीड़ा स्थल, जिम, धरना प्रदर्शन, ज्ञापन, जुलूस  आदि प्रतिबंधित कर दिए गए हैं।

3. उज्जैन जिले के समस्त धार्मिक स्थल आमजन के लिए बंद कर दिए गए हैं। सांकेतिक रूप से दैनिक धार्मिक गतिविधियों के संपादन हेतु केवल पंडित, पुजारी, इमाम, पादरी, ज्ञानी को उपासना स्थल  में आवागमन की अनुमति रहेगी।

4. उज्जैन जिले के  सभी व्यावसायिक  प्रतिष्ठान एवं शराब की दुकानें पूर्णत: बन्द रहेंगी।

5. जिले के समस्त शासकीय/अर्द्धशासकीय/निजी एवं जिन कार्यालयों में कोरोना संक्रमण रोकथाम से सम्बन्धित कार्य नहीं किया जाता है, वह समस्त कार्यालय (आवश्यक सेवाओं जैसे- स्वास्थ्य सेवाएं, नगरीय निकाय, पुलिस, स्थानीय प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, संचार सेवाएं, बैंक आदि को छोड़कर) पूर्णत: बन्द रहेंगे।

6. सभी प्रकार के दो पहिया, तीन पहिया एवं चार पहिया वाहन का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। वैवाहिक कार्यक्रमों को भी आगामी आदेश तक प्रतिबंधित किया गया है तथा पूर्व में वैवाहिक कार्यक्रमों हेतु जारी समस्त प्रकार की अनुमतियों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। चूंकि वैवाहिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाया गया है अतः सभी होटल धर्मशालाओं मैरिज गार्डन तथा अन्य विवाह स्थलों के संचालकों, स्वामियों व प्रबंधकको को निर्देशित किया गया है कि वे आयोजन के संबंध में दिए गए शुल्क संबंधित वैवाहिक आयोजनकर्ताओं को लौटाएंगे।


प्रतिबंध में प्रदान की गई शिथिलताएं

1. उक्त प्रतिबंध  से इमरजेंसी ड्यूटी जैसे स्वास्थ्य सेवाएं, नगरीय निकाय, पुलिस, स्थानीय प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, संचार सेवाएं, बैंक, एटीएम पोस्ट ऑफिस, मीडिया कर्मी तथा पेपर हॉकर्स से सम्बन्धित सेवाएं तथा कोरोना संक्रमण रोकथाम अन्तर्गत कार्याधीन कार्यालय खुले रहेंगे। संबंधित विभाग के नियंत्रण करता अधिकारी आवश्यकता अनुसार कार्यालय में कर्मचारियों की उपस्थिति की संख्या कम करने पर आवश्यक निर्णय ले सकेंगे। उक्त सेवाओं से संबंधित व्यक्तियों को आवागमन हेतु अपने विभागीय पहचान पत्र अपने पास रखना अनिवार्य होगा।

2. शासन द्वारा संचालित कोविड-19 टीकाकरण अभियान पूर्ववत निरंतर जारी रहेगा। अत: टीकाकरण हेतु आवागमन कर रहे नागरिक/कर्मियों को आवश्यक छूट प्राप्त होगी।

3. शासन द्वारा संचालित गेहूं उपार्जन कार्यक्रम निरंतर जारी रहेगा। इस कार्यवाही में संलग्न  कर्मचारी, अधिकारी, हम्माल, तुलावटी एवं विक्रयकर्ता कृषक तथा वाहन आदि उपरोक्त प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे।

4. लोकल स्थानीय फुटकर सब्जी फल मंडी एवं हाट बाजार प्रतिबंधित रहेंगे।

5. सभी विनिर्माण उद्योग प्रारंभ रहेंगे एवं उद्योगों में तैयार माल एवं कच्चे माल का परिवहन चालू रहेगा। आवागमन में सुविधा हेतु विनिर्माण उद्योग में संलग्न मजदूरों कर्मचारियों एवं अधिकारियों को अपने संस्थान द्वारा जारी परिचय पत्र धारण करना आवश्यक होगा।

6. सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानें, पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी आदि प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे।

7. जिले में मालवाहक वाहनों को आने-जाने की अनुमति रहेगी।

8. पशु आहार की दुकानें, आटा चक्कियां प्रातः 8 बजे से प्रात: 11 बजे तक खुली रहेगी।

9. दूध की दुकानें,  दूध हाकर्स, दूध डेयरी (केवल दूध) प्रात: 6 बजे से प्रात: 9 बजे तक एवं शाम 6 बजे से रात्रि 8 बजे तक खुली रहेगी ।

10. किराना ग्रोसरी ब्रेड फल सब्जी एवं रसोई गैस एजेंसी द्वारा प्रतिदिन केवल प्रात: 8 बजे से प्रात: 11 बजे तक होम डिलेवरी की जा सकेगी।

11. स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाओं, केमिस्ट ,अस्पताल से संबंधित समस्त प्रतिष्ठान दुकाने निरंतर संचालित रह सकेगी ।दवाई दुकानों में न्यूनतम आवश्यक कर्मचारी उपस्थित रहेंगे। कर्मचारियों को उनके घर से केवल एक बार आवागमन की अनुमति होगी। दवा बाजार, दवाई की दुकानें (एलोपैथिक आयुर्वेदिक होम्योपैथिक एवं वेटरनरी) निरन्तर 24 घंटे खुली रहेंगी  एवं  नर्सिंग होम, प्राइवेट हॉस्पिटल परिसर में संचालित मेडिकल स्टोर्स निरंतर 24 घंटे खुले रह सकेंगे । चिकित्सक के पर्चे के  अनुसार दवाइयां पैदल जाकर निकटतम मेडिकल स्टोर से की जा सकेगी। वाहन से आवागमन प्रतिबंधित रहेगा।

12. शवयात्रा  में अधिकतम 10 व्यक्ति सम्मिलित हो सकेंगे।

13. परीक्षा केंद्र आने एवं जाने वाले परीक्षार्थी तथा परीक्षा केंद्र एवं परीक्षा आयोजन से जुड़े कर्मी, अधिकारीगण आदि प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे।

14. बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट पर आने जाने वाले नागरिकों को टिकट दिखाए जाने पर प्रतिबंध से छूट रहेगी।

15. स्थानीय निकायों के माध्यम से जरूरतमंद बेघर, बेसहारा लोगों को भोजन के पैकेट वितरण दोपहर का भोजन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक तथा शाम का भोजन शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक वितरित किया जा सकेगा ।

       उक्त आदेश का उल्लंघन भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता-1860 की धारा-188 तथा डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट-2005 के प्रावधानों के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा। आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।


Comments

मध्यप्रदेश खबर

नेशनल न्यूज़

Popular posts from this blog

आधे अधूरे - मोहन राकेश : पाठ और समीक्षाएँ | मोहन राकेश और उनका आधे अधूरे : मध्यवर्गीय जीवन के बीच स्त्री पुरुष सम्बन्धों का रूपायन

  आधे अधूरे - मोहन राकेश : पीडीएफ और समीक्षाएँ |  Adhe Adhure - Mohan Rakesh : pdf & Reviews मोहन राकेश और उनका आधे अधूरे - प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा हिन्दी के बहुमुखी प्रतिभा संपन्न नाट्य लेखक और कथाकार मोहन राकेश का जन्म  8 जनवरी 1925 को अमृतसर, पंजाब में  हुआ। उन्होंने  पंजाब विश्वविद्यालय से हिन्दी और अंग्रेज़ी में एम ए उपाधि अर्जित की थी। उनकी नाट्य त्रयी -  आषाढ़ का एक दिन, लहरों के राजहंस और आधे-अधूरे भारतीय नाट्य साहित्य की उपलब्धि के रूप में मान्य हैं।   उनके उपन्यास और  कहानियों में एक निरंतर विकास मिलता है, जिससे वे आधुनिक मनुष्य की नियति के निकट से निकटतर आते गए हैं।  उनकी खूबी यह थी कि वे कथा-शिल्प के महारथी थे और उनकी भाषा में गज़ब का सधाव ही नहीं, एक शास्त्रीय अनुशासन भी है। कहानी से लेकर उपन्यास तक उनकी कथा-भूमि शहरी मध्य वर्ग है। कुछ कहानियों में भारत-विभाजन की पीड़ा बहुत सशक्त रूप में अभिव्यक्त हुई है।  मोहन राकेश की कहानियां नई कहानी को एक अपूर्व देन के रूप में स्वीकार की जाती हैं। उनकी कहानियों में आधुनिक जीवन का कोई-न-कोई विशिष्ट पहलू उजागर

कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षा नीति का उत्कृष्ट पुरस्कार

  उज्जैन : मध्यप्रदेश में नई शिक्षा नीति का सर्वप्रथम क्रियान्वयन करने पर जबलपुर में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षा नीति में उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। एनवायरनमेंट एवं सोशल वेलफेयर सोसाइटी, खजुराहो एवं प्राणीशास्त्र एवं जैवप्रौद्योगिकी विभाग, शासकीय विज्ञान स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जबलपुर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजन दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन जबलपुर में किया गया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश में नई शिक्षा नीति के सर्वप्रथम क्रियान्वयन के लिए विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षानीति में उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय की प्रशासनिक कार्यकुशलता से आज विश्वविद्यालय नई शिक्षा का क्रियान्वयन करने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है। इस उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ प्रशांत पुराणिक एवं कुलानुशासक प्रो शैलेन्द्र कुमार शर्मा ने कुलपति प्रो पांडेय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक

केबिनेट मंत्री का मिला दर्जा निगम, मंडल, बोर्ड तथा प्राधिकरण के अध्यक्षों को, उपाध्यक्षों को मिला राज्य मंत्री का दर्जा

भोपाल : बुधवार, दिसम्बर 29, 2021 - मध्यप्रदेश शासन ने निगम, मण्डल, बोर्ड और प्राधिकरण के नव-नियुक्त अध्यक्षों को केबिनेट मंत्री का दर्जा प्रदान करने के आदेश जारी कर दिये हैं। केबिनेट मंत्री का दर्जा उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्राप्त होगा। इसी प्रकार निगम, मण्डल, बोर्ड और प्राधिकरण के नव-नियुक्त उपाध्यक्षों को राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान करने के आदेश भी जारी हो गये हैं। यह भी संबंधित नव-नियुक्त उपाध्यक्षों को उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्राप्त होगा। मध्यप्रदेश राज्य शासन ने बुधवार, 29 दिसम्बर 2021 को श्री शैलेन्द्र बरूआ मध्यप्रदेश पाठ्य-पुस्तक निगम, श्री शैलेन्द्र शर्मा मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड, श्री जितेन्द्र लिटौरिया मध्यप्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, श्रीमती इमरती देवी मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड, श्री एंदल सिंह कंषाना मध्यप्रदेश स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड, श्री गिर्राज दण्डोतिया मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम, श्री रणवीर जाटव संत रविदास मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम लिमिटेड, श्री जसवंत