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चुनावी सर्वे के अनुसार संभावना... कहा-किसकी सरकार बन सकती हैं, ; किस दल को, किस क्षेत्र में ज्यादा सीटें मिल सकती हैं.... को लेकर एक संभावित आंकलन

 चुनावी सर्वे के अनुसार संभावना...

● कहा-किसकी सरकार बन सकती हैं,

● किस दल को, किस क्षेत्र में ज्यादा सीटें मिल सकती हैं.... 

📢 को लेकर एक संभावित आंकलन ।

🔴 बंगाल में दीदी की हैटट्रिक

🔴 असम में फिर बीजेपी सरकार

🔴 केरल में दोबारा लाल परचम

🔴 तमिलनाडु में स्टालिन का जादू 

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(✍ राधेश्याम चौऋषिया)

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एबीपी न्यूज-सी वोटर सर्वे के मुताबिक असम में फिर बीजेपी को मिल सकती है सत्ता, पुडुचेरी में पहली बार बना सकती है सरकार, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की अगुआई में टीएमसी जीत की हैटट्रिक लगा सकती है, हाल-फिलहाल पश्चिम बंगाल में बीजेपी दूसरे नंबर पर, तमिलनाडु में स्टालिन का जादू चलने का अनुमान, सत्ताधारी एआईएडीएमके को झेलनी पड़ सकती है शिकस्त, केरल में लेफ्ट गठबंधन दोबारा सत्ता में आ सकता है, सूबे में बीजेपी छाप छोड़ने में रह सकती है नाकाम


नई दिल्ली/हावड़ा (पश्चिम बंगाल),  शनिवार, 27 फरवरी, 2021 । पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। इस बीच एबीपी न्यूज-सी-वोटर के ताजा ऑपिनियन पोल में पांचों राज्यों के सियासी मिजाज को भांपने की कोशिश की गई। पश्चिम बंगाल में टीएमसी फिर सरकार बनाती दिख रही है। हालांकि, उसकी सीटें कुछ घटेंगी लेकिन ममता बनर्जी लगातार तीसरी बार सूबे की सीएम बन सकती हैं। असम में एक बार फिर बीजेपी की सरकार बन सकती है। पुडुचेरी से भी बीजेपी के लिए गुड न्यूज है जहां पहली बार पार्टी सत्ता का स्वाद चख सकती है। सर्वे के मुताबिक तमिलनाडु में इस बार सत्ता परिवर्तन के आसार हैं। केरल में एक बार फिर लेफ्ट की सरकार बन सकती है।


● पश्चिम बंगाल में दीदी का जलवा कायम

सर्वे के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी जीत की हैटट्रिक लगा सकती हैं। 294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा में टीएमसी को 148 से 164 सीटें मिल सकती हैं। पिछली बार 3 सीटें जीतने वाली बीजेपी को जबरदस्त फायदा होता दिख रहा है लेकिन सत्ता में आने का उसका ख्वाब पूरा होता नहीं दिख रहा। बीजेपी को 92 से 108 सीटें मिल सकती हैं। वहीं लेफ्ट-कांग्रेस गठबंधन के खाते में 31 से 39 सीटें आ सकती हैं। बात अगर वोटशेयर की करें तो टीएमसी को 43 प्रतिशत, बीजेपी को 38 प्रतिशत और लेफ्ट-कांग्रेस गठबंधन को 13 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं।


● ग्रेटर कोलकाता में टीएमसी का जादू

ग्रेटर कोलकाता में टीएमसी का जादू देखने को मिल सकता है। इस रीजन की कुल 35 सीटों में से टीएमसी के खाते में 26 से 30 सीटें मिल सकती हैं। बीजेपी को 2 से 6 और कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन को 2 से 4 सीटें मिल सकती हैं।


● उत्तर बंगाल में बीजेपी का दबदबा

सर्वे के मुताबिक, उत्तर बंगाल में बीजेपी सत्ताधारी टीएमसी को तगड़ा झटका दे सकती है। रीजन की कुल 56 सीटों में बीजेपी को 21 से 25 सीटें मिल सकती हैं। टीएमसी को 14-18 और कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन को 13 से 15 सीटें मिल सकती हैं।


● दक्षिण-पूर्व बंगाल में टीएमसी की भरेगी झोली

बांग्लादेश से सटे दक्षिण-पूर्व बंगाल रीजन में टीएमसी की झोली भर सकती है। रीजन की कुल 84 सीटों में से टीएमसी को 43 से 47 सीटें मिल सकती हैं। बीजेपी को 24 से 28 और लेफ्ट-कांग्रेस गठबंधन को 12 से 14 सीटें मिल सकती हैं।


● पश्चिमी वेस्ट बंगाल में भी टीएमसी का दबदबा

पश्चिमी वेस्ट बंगाल की कुल 119 सीटों में टीएमसी को 65 से 69 सीटें, बीजेपी को 45 से 49 और लेफ्ट-कांग्रेस गठबंधन को 4 से 6 सीटें मिल सकती हैं।


◆ मुख्यमंत्री के लिए ममता पहली पसंद

पश्चिम बंगाल में किसे मुख्यमंत्री देखना चाहते हैं? इस सवाल पर सर्वे में शामिल 56 प्रतिशत लोगों ने ममता बनर्जी को सीएम के तौर पर देखने की ख्वाहिश जताई। 25 प्रतिशत लोगों ने बीजेपी नेता दिलीप घोष को एवं  9 फीसदी लोग मुकुल रॉय को सीएम के तौर पर देखना चाहते हैं जबकि 2 फीसदी लोगों ने सुवेंदु को अपनी पसंद बताया हैं ।


◆ ममता बनर्जी के कामकाज से ज्यादातर संतुष्ट

सर्वे में शामिल 48 प्रतिशत लोगों ने ममता बनर्जी सरकार के कामकाज को अच्छा बताया। 34 फीसदी ने ममता सरकार के कामकाज को खराब, वहीं 18 प्रतिशत ने औसत करार दिया।

 बतौर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कामकाज कैसा रहा?   इस सवाल के जवाब में 54 प्रतिशत लोगों ने अच्छा, 30% ने खराब और 16 प्रतिशत ने औसत बताया।


◆ पीएम मोदी के कामकाज से भी लोग  खुश, क्या बीजेपी को मिलेगा फायदा? 

पीएम मोदी का कामकाज कैसा रहा?  इस सवाल के जवाब में 47 फीसदी ने अच्छा, 39 फीसदी ने खराब और 14 प्रतिशत ने औसत करार दिया। 

पीएम मोदी और अमित शाह के बंगाल के ज्यादा दौरों से बीजेपी को फायदा होगा या नहीं,    इस पर 45 प्रतिशत ने कहा कि हां, फायदा होगा। 41 प्रतिशत को लगता है कि पीएम मोदी और गृह मंत्री शाह के दौरों से बीजेपी को कोई फायदा नहीं होगा। 14 प्रतिशत लोगों की इस पर कोई राय नहीं थी।


◆ सीबीआई का दांव कहीं उल्टा न पड़ जाए?

सर्वे में यह भी पूछा गया कि ममता के भतीजे अभिषेक की पत्नी, साली को सीबीआई के नोटिस या पूछताछ से टीएमसी को फायदा होगा या नुकसान। 42 प्रतिशत लोगों ने माना कि सीबीआई पूछताछ से टीएमसी को नुकसान होगा। वहीं 39 प्रतिशत का यह मानना है कि इससे उलटे टीएमसी को फायदा होगा। 19 प्रतिशत लोगों ने कहा कि कुछ कह नहीं सकते। 


◆ क्या टीएमसी नेताओं के खिलाफ सीबीआई और ईडी की कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है?

 इस सवाल के जवाब में 46 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने हां कहा, 34 प्रतिशत ने नहीं और 20 प्रतिशत का जवाब था कि कुछ कह नहीं सकते।


◆ क्या पामेला कोकीन कांड से बीजेपी को हो सकता है नुकसान

क्या पामेला कोकीन कांड से बीजेपी को नुकसान होगा? इस सवाल के जवाब में 47 प्रतिशत ने कहा कि हां, बीजेपी को नुकसान होगा। वहीं 34 प्रतिशत का मानना है कि नुकसान नहीं होगा। 19 प्रतिशत की इस पर कोई राय नहीं थी।


● असम में एक बार फिर बीजेपी सरकार की भविष्यवाणी

सर्वे के मुताबिक, 126 विधानसभा सीटों वाले असम में एक बार फिर से बीजेपी की सरकार बन सकती है। पार्टी को 68-76 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस गठबंधन को 43-51 सीटें और अन्य के खाते में 5-10 सीटें जा सकती हैं। अगर वोट शेयर की बात करें तो सूबे में बीजेपी को 42 प्रतिशत, कांग्रेस+ को 31 प्रतिशत और अन्य के खाते में 27 प्रतिशत वोट जा सकते हैं। पूर्वोत्तर राज्य असम में अभी बीजेपी के सर्वानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री हैं।


● तमिलनाडु में इस बार स्टालिन सरकार ?

सर्वे के मुताबिक, तमिलनाडु में इस बार सत्ता परिवर्तन हो सकता है। यहां एआईएडीएमके-बीजेपी गठबंधन को करारी शिकस्त झेलनी पड़ सकती है। तमिलनाडु में विधानसभा की 234 सीटें हैं। सर्वे के मुताबिक यहां बीजेपी-एआईएडीएमके गठबंधन को 58 से 66 सीटों से संतोष करना पड़ सकता है। डीएमके-कांग्रेस गठबंधन को 154 से 162 सीटें मिल सकती हैं। वहीं अन्य के खाते में 8 से 20 सीटें जाने का अनुमान है। बात अगर वोट शेयर की करें तो एआईएडीएमके-बीजेपी को 29 प्रतिशत, डीएमके-कांग्रेस गठबंधन को 41 और अन्य को 30 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है।


● केरल में फिर से लेफ्ट की सरकार, बीजेपी छाप नहीं छोड़ पाएगी: सर्वे

केरल की बात करें तो वहां लेफ्ट फ्रंट अपना गढ़ बचाने में कामयाब हो सकता है। 140 सदस्यों वाली केरल विधानसभा में लेफ्ट के गठबंधन लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट फिर से सरकार बना सकती है। सूबे में लंबे वक्त से कभी सत्ता कांग्रेस गठबंधन के पास रहती है तो 5 साल बाद लेफ्ट गठबंधन के पास। लेकिन इस बार वहां का यह सिलसिला टूट सकता है। सर्वे के मुताबिक एलडीएफ को 83-91 सीटें, कांग्रेस की अगुआई वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट को 47-55 सीटें मिल सकती हैं। इस दक्षिणी राज्य में जोर लगा रही बीजेपी अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रह सकती है। उसे 0 से 2 सीटें मिलने का अनुमान है। अन्य के खाते में भी 0-2 सीटें जा सकती हैं।


● पुडुचेरी में पहली बार बन सकती है बीजेपी सरकार

पुडुचेरी में बीजेपी पहली बार सरकार बना सकती है। 30 सदस्यों वाली विधानसभा में बीजेपी+ के खाते में 17 से 21 सीटें आ सकती हैं। कांग्रेस+ को 8 से 12 सीटों से संतोष करना पड़ सकता है। अन्य के खाते में 1 से 3 सीट आ सकती हैं। बात अगर वोट शेयर की करें तो बीजेपी+ को 46 फीसदी, कांग्रेस+ को 36 और अन्य के खाते में 18 प्रतिशत वोट जा सकते हैं। पुडुचेरी में इसी हफ्ते कांग्रेस की नारायणसामी सरकार विश्वासमत हार गई थी और फिलहाल वहां राष्ट्रपति शासन है।

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