Skip to main content

परीक्षार्थी 12 मार्च, 2021 तक बिना विलम्ब शुल्क एम.पी. ऑनलाईन के माध्यम से जमा करा सकेंगे परीक्षाओं के आवेदन पत्र ; विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा संशोधित अधिसूचना जारी

 विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन ने दिनांक 08 मार्च 2021 को परीक्षाओं के आवेदन पत्र सम्बन्धित महाविद्यालय/ अध्ययनशाला में एम.पी. ऑनलाईन के माध्यम से जमा करवाये जाने के संबंध में आदेशानुसार सहायक कुलसचिव (परीक्षा) द्वारा संशोधित अधिसूचना क्र./परीक्षा/2021/9127  जारी की । 

उज्जैन : विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा जारी संशोधित अधिसूचना में लिखा है कि, विश्वविद्यालय द्वारा संचालित सत्र 2020-21 के पाठ्यक्रमों के एम.ए./ एम.कॉम./ एम.एससी./ एम.एचएससी./ एम.एस.डब्ल्यू. /एम.सी.ए./ एम.बी.ए./ पी.जी.डी.सी.एस.ए., प्रथम तृतीय, पंचम सेमेस्टर (नियमित/ स्वाध्यायी/ पूर्व/ एटीकेटी) एवं इसी प्रकार (सीबीसीएस प्रथम, तृतीय,एवं पंचम सेमे.) एम.ए./ एम.कॉम/ एम.एस.सी./ एम.एच.एससी./ एम.एस.डब्ल्यू/ पी.जी.डिप्लोमा इन योगा/बी.ए.ऑनर्स / बी. कॉम ऑनर्स / बी.एससी.ऑनर्स / बी.बी.ए.आनर्स आदि) तथा (एम.बी.ए./एम.सी.ए.) की प्रथम, तृतीय, पंचम सेमेस्टर (नियमित/स्वाध्यायी/पूर्व/एटीकेटी) परीक्षाओं के आवेदन पत्र सम्बन्धित महाविद्यालय/ अध्ययनशाला में एम.पी. ऑनलाईन के माध्यम से जमा करवाये जाने हेतु तिथियाँ निम्नानुसार घोषित की जाती है :

1) बिना विलम्ब शुल्क परीक्षा आवेदन पत्र जमा करने की तिथि - 
"दिनांक 12 मार्च, 2021 तक'

2) विलम्ब शुल्क रूपये 100/- के साथ परीक्षा आवेदन पत्र जमा - 
"दिनांक 13, मार्च 2021 से 14 मार्च, 2021 तक'

3) विलम्ब शुल्क रू. 750/- के साथ परीक्षा आवेदन पत्र जमा करने की तिथि -
"दिनांक 15 मार्च, 2021 तक'

4) विशेष विलम्ब शुल्क रू. 2000/- के साथ परीक्षा आवेदन पत्र जमा करने की तिथि -
"दिनांक 16 मार्च, 2021 से परीक्षा प्रारंभ होने के पांच दिवस पूर्व तक"


परीक्षा आवेदन पत्र जमा करने संबंधी दिशा-निर्देश - 

01) प्राचार्य/ केन्द्राध्यक्ष, संबंधित महाविद्यालय की ओर भेजकर निवेदन है कि परीक्षा आवेदन पत्र मय नॉमिनल रोल लिस्ट के 02 प्रतियों में अग्रेषित कर विश्वविद्यालय को अनिवार्य रूप से भेजें। यथा घोषित तिथि पर परीक्षा आवेदन पत्र प्रस्तुत न करने पर अगर कोई छात्र परीक्षा से वंचित रहता है तो उसका समस्त उत्तरदायित्व संबंधित महाविद्यालय का होगा। 

02) प्राचार्य/केन्द्राध्यक्ष, संबंधित महाविद्यालय परीक्षा आवेदन पत्र अग्रेषित करते समय परीक्षार्थी से आर्हतादायक परीक्षा की समस्त अंकतालिकाओं की सत्यापित प्रति अनिवार्य रूप से संलग्न करवाएँ एवं अग्रेषण शुल्क (forwarding fees) रू. 50/- प्रति परीक्षार्थी संबंधित महाविद्यालय संग्रहित करेगा। इस राशि में से वि.वि. का अंश रू. 10/- प्रति परीक्षार्थी की दर से कुल राशि का भुगतान अविलम्ब वि.वि. को करेंगे।

03) विज्ञान संकाय के परीक्षार्थी परीक्षा आवेदन पत्र के साथ परीक्षा संचालन शुल्क रूपये 100/- तथा अन्य संकाय के परीक्षार्थी परीक्षा संचालन शुल्क रूपये 75/- संबंधित महाविद्यालय में जमा करेंगे. 

04) परीक्षार्थी एम.पी. ऑनलाईन के माध्यम से परीक्षा शुल्क अधिकृत क्योस्क सेन्टरों में जमा करेंगे। मुद्रित परीक्षा आवेदन पत्र केवल पी.जी.डिप्लोमा इन योगा के आवेदन जमा करने वाले विद्यार्थी परीक्षा शुल्क चालान के द्वारा निर्धारित बैंक में जमा करेंगे।

05) संबंधित प्राचार्य परीक्षार्थी के परीक्षा शुल्क सत्यापन की सूची परीक्षा आवेदन पत्र भेजते समय दो प्रतियों में अनिवार्य रूप से भेजें.

06) आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि के पश्चात तीन (03) दिवस के अंदर परीक्षा आवेदन विश्वविद्यालय में जमा करायें। समय सीमा में जमा न कराने के पश्चात प्रति छात्र 10/- (दस रुपये) विलम्ब शुल्क महाविद्यालय को जमा कराना होगा।

07) समस्त महाविद्यालय विश्वविद्यालय से प्राप्त सम्बद्धता/निरंतरता प्रमाण-पत्र की प्रति अनिवार्य रूप से संलग्न करें इसके अभाव में परीक्षा आवेदनपत्र स्वीकार्य नहीं किये जावेगें. 

Comments

मध्यप्रदेश खबर

नेशनल न्यूज़

Popular posts from this blog

आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर द्वारा आयोजित बी. ए. एम. एस. प्रथम वर्ष एवं तृतीय वर्ष में छात्राओं ने बाजी मारी

आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर द्वारा आयोजित बी ए एम एस प्रथम वर्ष एवं तृतीय वर्ष में छात्राओं ने बाजी मारी शासकीय धन्वंतरी आयुर्वेद उज्जैन में महाविद्यालय बी ए एम एस प्रथम वर्ष नेहा गोयल प्रथम, प्रगति चौहान द्वितीय स्थान, दीपाली गुज़र तृतीय स्थान. इसी प्रकार बी ए एम एस तृतीय वर्ष गरिमा सिसोदिया प्रथम स्थान, द्वितीय स्थान पर आकांक्षा सूर्यवंशी एवं तृतीय स्थान पर स्नेहा अलवानी ने बाजी मारी. इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त अध्यापक एवं प्रधानाचार्य द्वारा छात्राओं को बधाई दी और महाविद्यालय में हर्ष व्याप्त है उक्त जानकारी महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ प्रकाश जोशी, डा आशीष शर्मा छात्र कक्ष प्रभारी द्वारा दी गई. 

श्री खाटू श्याम जी के दर्शन 11 नवम्बर, 2020 से पुनः प्रारम्भ, दर्शन करने के लिए लेना होगी ऑनलाइन अनुमति

■ श्री खाटू श्याम जी के दर्शन 11 नवम्बर, 2020 से पुनः प्रारम्भ ■ दर्शन करने के लिए लेना होगी ऑनलाइन अनुमति श्री श्याम मन्दिर कमेटी (रजि.),  खाटू श्यामजी, जिला--सीकर (राजस्थान) 332602   फोन नम्बर : 01576-231182                    01576-231482 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 #जय_श्री_श्याम  #आम #सूचना   दर्शनार्थियों की भावना एवं कोविड-19 के संक्रमण के प्रसार को दृष्टिगत रखते हुए सर्वेश्वर श्याम प्रभु के दर्शन बुधवार दिनांक 11-11-2020 से पुनः खोले जा रहे है । कोविड 19 के संक्रमण के प्रसार को दृष्टिगत रखते हुए गृहमंत्रालय द्वारा निर्धारित गाइड लाइन के अधीन मंदिर के पट खोले जाएंगे । ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 11-11-2020 से चालू होंगी । दर्शनार्थी भीड़ एवं असुविधा से बचने के लिए   https://shrishyamdarshan.in/darshan-booking/ पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते है ।  नियमानुसार सूचित हो और व्यवस्था बनाने में सहयोग करे। श्री खाटू श्याम जी के दर्शन करने के लिए, ऑनलाइन आवेदन करें.. 👇  https://shrishyamdarshan.in/darshan-booking/ 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 साद

कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षा नीति का उत्कृष्ट पुरस्कार

  उज्जैन : मध्यप्रदेश में नई शिक्षा नीति का सर्वप्रथम क्रियान्वयन करने पर जबलपुर में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षा नीति में उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। एनवायरनमेंट एवं सोशल वेलफेयर सोसाइटी, खजुराहो एवं प्राणीशास्त्र एवं जैवप्रौद्योगिकी विभाग, शासकीय विज्ञान स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जबलपुर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजन दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन जबलपुर में किया गया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश में नई शिक्षा नीति के सर्वप्रथम क्रियान्वयन के लिए विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षानीति में उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय की प्रशासनिक कार्यकुशलता से आज विश्वविद्यालय नई शिक्षा का क्रियान्वयन करने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है। इस उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ प्रशांत पुराणिक एवं कुलानुशासक प्रो शैलेन्द्र कुमार शर्मा ने कुलपति प्रो पांडेय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक