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गरीबों को सुस्वादु और पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाकर प्राप्त करें अनमोल दुआएँ : मुख्यमंत्री श्री चौहान

गरीबों को सुस्वादु और पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाकर प्राप्त करें अनमोल दुआएँ : मुख्यमंत्री श्री चौहान

दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना का विस्तार किया जाए
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में 100 दीनदयाल रसोई केन्द्रों का किया वर्चुअल लोकार्पण
 

भोपाल : शुक्रवार, फरवरी 26, 2021

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि गरीबों को सुस्वादु और पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाकर अनमोल दुआएँ प्राप्त करें। नगरीय निकाय और जो स्वैच्छिक संस्थाएँ यह कार्य कर रही हैं, निश्चित ही बधाई की पात्र हैं। भूखे को भोजन और प्यासे को पानी पिलाने से नारायण मिल जाते हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मिंटो हाल में दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना के अंतर्गत प्रदेश में सुदृढ़ीकृत और नवीन 100 रसोई केंद्र का वर्चुअल शुभारंभ कर रहे थे।

दीनदयाल अंत्योदय योजना : एक नजर

योजना के अंतर्गत वर्ष 2017 से 51 जिला मुख्यालयों में 56 रसोई केन्द्र प्रारंभ हुए थे। उस समय 5 रूपये में भोजन की थाली उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की गई थी। वर्तमान में नगरीय निकायों और स्वैच्छिक संस्थाओं ने वर्ष के 310 दिन योजना का संचालन करने की व्यवस्था की है। इसमें सोमवार से शनिवार तक दस रुपए में सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक रोटी, सब्जी, दाल, चावल का प्रदाय थाली में किया जाएगा। मौसमी हरी सब्जी भी थाली में परोसी जाएगी। योजना के प्रथम चरण में 1 करोड़ 42 लाख से अधिक थालियों के माध्यम से गरीबों को भोजन करवाया गया है। नए रसोई केन्द्रों की स्थापना और संचालन के लिए राज्य शासन ने 28 करोड़ रूपए की राशि मंजूर की है। ये केन्द्र शहरों में बस स्टेण्ड, रेलवे स्टेशन और जिला अस्पताल के आसपास प्रारंभ किए गए हैं। इन केन्द्रों को गूगल मेप की सहायता से ढूँढने की सुविधा भी प्रारंभ की गई है।








मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि रोटी, कपड़ा, मकान, पढ़ाई-लिखाई और दवाई बुनियादी जरूरतें हैं। कहा भी गया है भूखे भजन न हो गोपाला। अन्न ही ब्रह्म है। अपने गाँव छोड़कर शहरों में आने वाले श्रमिक और अन्य लोग अपना और बच्चों का आसानी से पेट भर सकें, इस दृष्टि से रसोई केन्द्र उपयोगी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से प्रारंभ इस योजना का विस्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के जिला मुख्यालयों के अलावा प्रमुख धार्मिक पर्यटन नगर योजना में जोड़े गए हैं। इसके अलावा अन्य कस्बों, नगरों में भी रसोई केन्द्र प्रारंभ किए गए हैं। इनका विस्तार किया जाए। यह मानवता के लिए महत्वपूर्ण कदम होगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने कोरोना काल में भी एक स्थान से दूसरे स्थान पर मध्यप्रदेश से होकर जाने वाले प्रवासी मजदूरों के भोजन की व्यवस्था की गई थी। सरकार ने संबल और अन्य अनेक योजनाएँ प्रारंभ की हैं, जो गरीबों के लिए अनाज, उनके इलाज और दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सहयोग जैसे सभी आवश्यक प्रबंध करती हैं। प्रदेश में गरीबों के उपचार के लिए दो करोड़ आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए हैं। इसमें चिन्हित अस्पतालों में व्यक्ति को 5 लाख रुपए तक के उपचार की सुविधा उपलब्ध है। सभी गरीबों को आने वाले तीन वर्ष में पक्की छत मिलेगी। प्रदेश के करीब 3 लाख स्ट्रीट वेण्डर्स को अपना कारोबार विकसित करने के लिए 10 हजार रूपए प्रति हितग्राही के मान से ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध करवाया गया है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गरीबों की भोजन व्यवस्था और उन्हें सहायता देने से दुआएँ मिलती हैं। यह कार्य सरकार, सामाजिक संस्था और व्यक्तिगत स्तर पर सभी प्रकार से किया जाना चाहिए।

हितग्राहियों से संवाद

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कार्यक्रम में मुरैना के हाथठेला लगाने वाले श्री शकील, धार के ऑटोचालक श्री बाबू सिंह, उज्जैन के पुताई श्रमिक श्री संतोष, छतरपुर के फल विक्रेता श्री मोहन और इंदौर के श्रमिक श्री कालू सिंह से बातचीत की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने हितग्राहियों से उन्हें दीनदयाल रसोई केन्द्र से मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता के संबंध में भी पूछा। हितग्राहियों ने योजना में मिल रही सुविधा की जानकारी दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने छतरपुर जिला प्रशासन द्वारा सामाजिक संगठन को रसोई केन्द्र के आधुनिकीकरण में सहयोग के लिए बधाई दी। इसी तरह मुरैना नगर निगम को भी कोरोना काल में रसोई घर के नियमित संचालन के लिए बधाई दी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किया पोर्टल का लोकार्पण

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने योजना के लिए बनाए गए पोर्टल का लोकार्पण किया। इस पोर्टल से योजना का नियमित और सतत पर्यवेक्षण किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने योजना के क्रियान्वयन में सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग की सराहना की।

दो निगमों द्वारा 20 लाख रूपए की सहयोग राशि भेंट

मुख्यमंत्री श्री चौहान की उपस्थिति में खनिज मंत्री श्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह और खनिज निगम के अध्यक्ष श्री प्रदीप जायसवाल ने निगम की ओर से 10 लाख रूपए की राशि सीएसआर के तहत दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना के क्रियान्वयन के लिए सहयोग स्वरूप प्रदान की। इसके साथ ही विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री ओमप्रकाश सखलेचा ने मध्यप्रदेश इलेक्ट्रानिक विकास निगम की ओर से 10 लाख रूपए की राशि का चेक नगरीय विकास और आवास मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह और राज्य मंत्री श्री ओ.पी.एस. भदौरिया को प्रदान किया।

लघु फिल्म का प्रदर्शन

शुभारंभ समारोह में योजना के क्रियान्वयन पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। लघु फिल्म में योजना का लाभ लेने वाले हितग्राहियों के साक्षात्कार शामिल किए गए हैं। यह फिल्म पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय के विचार और मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा उसके मध्यप्रदेश में क्रियान्वयन पर केन्द्रित है।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान गरीबों की सेवा के लिये हमेशा तत्पर रहते हैं। इनकी सोच का ही परिणाम है कि मध्यप्रदेश में गरीबों के कल्याण के लिये संबल, दीनदयाल रसोई और स्ट्रीट वेण्डर जैसी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन किया जा रहा है। श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान का प्रयास है कि गरीबों की अधिक से अधिक मदद की जाये। उन्होंने कहा कि रसोई केन्द्रों में गाँव से शहर आने वाले श्रमिकों के साथ ही शहर के गरीबों को मात्र 10 रूपये में भरपेट भोजन उपलब्ध होगा।

नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्री ओपीएस भदौरिया ने कहा कि रैन बसेरा और दीनदयाल रसोई योजना से गाँव से शहर आने वाले गरीबों के रहने और खाने की व्यवस्था मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के प्रयासों से संभव हुई है। उन्होंने कहा कि आने वाले तीन साल में प्रदेश प्रगति और विकास की नई आधारशिला रखेगा।

कार्यक्रम में प्रमुख सचिव नगरीय विकास और आवास श्री नीतेश व्यास ने स्वागत उद्बोधन दिया। आयुक्त नगरीय प्रशासन श्री निकुंज श्रीवास्तव ने आभार व्यक्त किया। प्रारंभ में मध्यप्रदेश गान हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री द्वारा बालिकाओं के पैर पूजन से हुआ। कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री सुश्री ऊषा ठाकुर, विधायक श्रीमती कृष्णा गौर, सहित अनेक जन-प्रतिनिधि, प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री मनीष सिंह और योजना के क्रियान्वयन से संबंधित अधिकारी और भोपाल के योजना के हितग्राही उपस्थित थे।


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