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विक्रम विश्वविद्यालय प्रारम्भ करेगा सेंटर फॉर इंडिक स्टडीज, विश्वविद्यालय में प्रारंभ होंगे अनेक नवीन पाठ्यक्रम

 


उज्जैन : विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा भारतीय ज्ञान प्रणाली के गहन अध्ययन, अनुसन्धान और विस्तार के लिए सेंटर फॉर इंडिक स्टडीज की स्थापना की जाएगी। यह निर्णय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित योजना एवं मूल्यांकन बोर्ड में लिया गया। बैठक में कुलसचिव प्रोफेसर यू एन शुक्ला सहित विभिन्न संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष एवं बोर्ड के सदस्यगण उपस्थित थे।


विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर इंडिक स्टडीज की स्थापना के साथ ही भारत की बौद्धिक, वैज्ञानिक और कलात्मक ज्ञान परंपराओं की खोज की दृष्टि से भारतीय ज्ञान प्रणाली के अध्ययन के लिए डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। ज्ञान – विज्ञान की समृद्धशाली विरासत से जोड़ना इस पाठ्यक्रम की विशिष्टता रहेगी। भारतीय सभ्यता की शास्त्रीय विचार परंपराओं एवं प्रथाओं की अंतरंग समझ के लिए छात्रों और शोधकर्ताओं को तैयार करने के लिए यह पाठ्यक्रम डिज़ाइन किया जाएगा।

प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा, कुलानुशासक, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि, बैठक में विश्वविद्यालय की विभिन्न अध्ययनशालाओं में अनेक नवीन पाठ्यक्रम प्रारम्भ करने का निर्णय लिया गया। फार्मेसी संस्थान में डिप्लोमा इन फार्मेसी पाठ्यक्रम प्रारंभ किया जाएगा। हिंदी अध्ययनशाला में इसी सत्र से एक वर्षीय बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन – बीजेएमसी पाठ्यक्रम प्रारम्भ किया जाएगा। रसायन एवं जैव रसायन अध्ययनशाला में बी एससी ऑनर्स एवं एम एससी फॉरेंसिक साइंस पाठ्यक्रम, संस्कृत, वेद एवं ज्योतिर्विज्ञान अध्ययनशाला में चार नवीन प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम - भारतीय जीवन पद्धति, चिकित्सा ज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं धर्म शिक्षक पाठ्यक्रम प्रारम्भ करने का निर्णय लिया गया। नव स्थापित विधि अध्ययनशाला में बीए एलएलबी, बीकॉम एलएलबी एवं नए डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे। इसी प्रकार शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स - बीपीईएस एवं मास्टर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स – एमपीईएस प्रारंभ किए जाएंगे। अंग्रेजी अध्ययनशाला में अनुवाद में एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रारंभ किया जाएगा।


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