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नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की 125वीं जंयति पर निनाद नृत्य अकादमी द्वारा आयोजित शौर्यगाथा नाट्य का आयोजन सम्पन्न हुआ

उज्जैन : अवन्तिका की धरा पर कला साहित्य नाट्य आदि अनेक विधाओं के विद्धान राजा भोज को भी अचेतन से बाहर लाने हेतू एक नाटक का मंचन किया गया था जिसे देखने के पश्चात ही राजा भोज को अपने सामर्थ व शक्ति का आभास हुआ था । यहां की जन चेतना में कला बसती है। ये उदगार प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. मोहन यादव ने निनाद नृत्य अकादमी  द्वारा नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की 125 वीं जंयति पर आयोजित नाट्य शौर्यगाथा की प्रस्तूति के पूर्व मुख्य अतिथि के रूप में व्‍यक्‍त किए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डाॅ. विकास दवे अध्यक्ष म.प्र. हिन्दी साहित्य अकादमी ने की आपने कहा कि, शिप्रा के जल वे अवन्तिका की माटी में ना जाने कौन से ऐसे तत्व है कि प्राचीन काल से ही यहा साहित्य संस्कृति काल कण-कण व क्षण-क्षण में व्याप्त है। राष्ट्र चेतना हेतू ऐसे आयोजनों की आवश्यकता आज देशभर में है।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि श्री पाद जोशी प्रदेश प्रमुख संस्कार भारती ने इस अवसर पर कहा कि, दुर्भाग्य है कि आजादी के बाद हमें गलत इतिहास बताया और पढ़ाया गया है आज गुगल पर भी अधूरा इतिहास उपलब्ध है। हमारे वीर जवानों और देशभक्त नागरिको ने हर संकट के समय अपने प्राणों को उत्सर्ग करने में कभी पीठ नहीं दिखाई है।  

कार्यक्रम का  शुंभारंभ अतिथियों द्धारा दीप प्रज्जवलन कर किया गया। अतिथियों का स्वागत निनाद नृत्य अकादमी की और से पलक पटवर्धन राजेश सिंह कुशवाह, विजेन्द्र वर्मा, समीर पटवर्धन, विशाल कलंम्बकर आदि ने किया।

नाट्य शौर्य गाथा में तात्या टोपे, ठीपू सूल्तान,  रानी लक्ष्मीबाई से प्रांरभ होकर 1947 तक के स्वतंत्रता संग्राम को जींवत किया गया । साथ ही 1965 व 1967 के युद्धों के बाद कारगिल युद्ध, उटी व पुलवामा हमला, सर्जिकल स्ट्राइक तक की वीरता त्याग व समपर्ण की कहानी देखकर दर्शक रोमाचिंत हो गए।

नाटक का अंतिम भाग करोना काल में भारतीय सेना, पुलिस, चिकित्सक, स्वास्थय वर्कर व समाज सेवियों द्वारा किए गए कार्यो को मंचन के माध्यम से प्रस्तूत किया ।  यह सम्पूर्ण गाथा थी  शौर्यगाथा जिसे 6 से 15 वर्ष के 87 बाल कलाकारों ने स्‍थानीय कालिदास अकादमी संकूल में जींवत किया । इन नन्हें-नन्हें कलाकारों की सुंदर व अद्धभूत प्रस्तूतीकरण को देख कर दर्शकगण अपनी अश्रुधारा को ना रोक सके। 

कार्यक्रम का संचालन कवि दिनेश दिग्गज ने किया, आभार राजेश सिंह कुशवाह ने व्यक्त किया। नाट्य का निर्देशन विशाल कलंबकर ने किया।


नाटक शौर्य गाथा प्रस्तुति के पूर्व नगर की पांच हस्तियों को कोरोना योद्धा सम्मान से सम्मानित किया गया । 

1. डॉ मोहन यादव, मंत्री, उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन

2.स्व. श्री यशवंत पाल (मरणोपरांत), निरीक्षक मध्य प्रदेश पुलिस 

3.डॉ सतविंदर कौर सलूजा 

4.डॉ एचपी सोनानिया, नोडल अधिकारी कोविड-19, उज्जैन 

5.डॉ रविंद्र सोलंकी, अध्यक्ष, सेवा भारती उज्जैन

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