Skip to main content

राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना कार्यकारिणी विस्तार में राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नियुक्ति


नागदा -राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना की केन्द्रीय कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए राष्ट्रीय महासचिव डॉ. प्रभु चौधरी ने राष्ट्रीय पदाधिकारियों में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. विद्यासागर मिश्र, लखनऊ एवं राष्ट्रीय सचिव श्री दिनेश परमार इन्दौर, एवं श्रीमती गरिमा गर्ग पंचकुला तथा सुश्री प्रगति बैरागी उज्जैन को राष्ट्रीय सचिव महिला इकाई, राजस्थान प्रदेश इकाई महासचिव रेनू शब्द मुखर जयपुर एवं बिहार प्रदेश इकाई महासचिव श्री रमेशकुमार को नियुक्ति पत्र दिया है। 

उपर्युक्त जानकारी राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री सुंदरलाल जोशी ने देते हुए बताया कि राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की आगामी बैठक 20 दिसम्बर को वेबीनार के माध्यम से आयोजित की जा रही है। जिसमें स्मारिका 2020 ‘प्रेरणा‘ के विमोचन सहित अन्य विषयों पर विचार विमर्श एवं निर्णय होंगे।

नवनियुक्त पदाधिकारियों को राष्ट्रीय संरक्षक डॉ. शैलेन्द्रकुमार शर्मा, डॉ. हरिसिंह पाल, श्री हरेराम वाजपेयी, राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री ब्रजकिशोर शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष श्रीमती सुवणा जाधव, डॉ. शहाबुद्दीन शेख, डॉ. दीपिका सुतोदिया, श्री राकेश छोकर, डॉ. शैलचन्द्र, मुख्य प्रवक्ता डॉ. शम्भू पंवार, श्री सुंदरलाल जोशी श्रीमती अमृता अवस्थी, डॉ. शिवा लोहारिया, श्री मोहनलाल वर्मा, श्रीमती लता जोशी, डॉ. आशीष नायक, डॉ. संगीता पाल, श्रीमती रागिनी शर्मा, डॉ. जी.डी. अग्रवाल, श्री अनिल ओझा आदि ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।

Comments

मध्यप्रदेश खबर

नेशनल न्यूज़

Popular posts from this blog

आधे अधूरे - मोहन राकेश : पाठ और समीक्षाएँ | मोहन राकेश और उनका आधे अधूरे : मध्यवर्गीय जीवन के बीच स्त्री पुरुष सम्बन्धों का रूपायन

  आधे अधूरे - मोहन राकेश : पीडीएफ और समीक्षाएँ |  Adhe Adhure - Mohan Rakesh : pdf & Reviews मोहन राकेश और उनका आधे अधूरे - प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा हिन्दी के बहुमुखी प्रतिभा संपन्न नाट्य लेखक और कथाकार मोहन राकेश का जन्म  8 जनवरी 1925 को अमृतसर, पंजाब में  हुआ। उन्होंने  पंजाब विश्वविद्यालय से हिन्दी और अंग्रेज़ी में एम ए उपाधि अर्जित की थी। उनकी नाट्य त्रयी -  आषाढ़ का एक दिन, लहरों के राजहंस और आधे-अधूरे भारतीय नाट्य साहित्य की उपलब्धि के रूप में मान्य हैं।   उनके उपन्यास और  कहानियों में एक निरंतर विकास मिलता है, जिससे वे आधुनिक मनुष्य की नियति के निकट से निकटतर आते गए हैं।  उनकी खूबी यह थी कि वे कथा-शिल्प के महारथी थे और उनकी भाषा में गज़ब का सधाव ही नहीं, एक शास्त्रीय अनुशासन भी है। कहानी से लेकर उपन्यास तक उनकी कथा-भूमि शहरी मध्य वर्ग है। कुछ कहानियों में भारत-विभाजन की पीड़ा बहुत सशक्त रूप में अभिव्यक्त हुई है।  मोहन राकेश की कहानियां नई कहानी को एक अपूर्व देन के रूप में स्वीकार की जाती हैं। उनकी कहानियों में आधुनिक जीवन का कोई-न-कोई विशिष्ट पहलू उजागर

कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षा नीति का उत्कृष्ट पुरस्कार

  उज्जैन : मध्यप्रदेश में नई शिक्षा नीति का सर्वप्रथम क्रियान्वयन करने पर जबलपुर में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षा नीति में उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। एनवायरनमेंट एवं सोशल वेलफेयर सोसाइटी, खजुराहो एवं प्राणीशास्त्र एवं जैवप्रौद्योगिकी विभाग, शासकीय विज्ञान स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जबलपुर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजन दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन जबलपुर में किया गया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश में नई शिक्षा नीति के सर्वप्रथम क्रियान्वयन के लिए विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षानीति में उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय की प्रशासनिक कार्यकुशलता से आज विश्वविद्यालय नई शिक्षा का क्रियान्वयन करने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है। इस उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ प्रशांत पुराणिक एवं कुलानुशासक प्रो शैलेन्द्र कुमार शर्मा ने कुलपति प्रो पांडेय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक

केबिनेट मंत्री का मिला दर्जा निगम, मंडल, बोर्ड तथा प्राधिकरण के अध्यक्षों को, उपाध्यक्षों को मिला राज्य मंत्री का दर्जा

भोपाल : बुधवार, दिसम्बर 29, 2021 - मध्यप्रदेश शासन ने निगम, मण्डल, बोर्ड और प्राधिकरण के नव-नियुक्त अध्यक्षों को केबिनेट मंत्री का दर्जा प्रदान करने के आदेश जारी कर दिये हैं। केबिनेट मंत्री का दर्जा उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्राप्त होगा। इसी प्रकार निगम, मण्डल, बोर्ड और प्राधिकरण के नव-नियुक्त उपाध्यक्षों को राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान करने के आदेश भी जारी हो गये हैं। यह भी संबंधित नव-नियुक्त उपाध्यक्षों को उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्राप्त होगा। मध्यप्रदेश राज्य शासन ने बुधवार, 29 दिसम्बर 2021 को श्री शैलेन्द्र बरूआ मध्यप्रदेश पाठ्य-पुस्तक निगम, श्री शैलेन्द्र शर्मा मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड, श्री जितेन्द्र लिटौरिया मध्यप्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, श्रीमती इमरती देवी मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड, श्री एंदल सिंह कंषाना मध्यप्रदेश स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड, श्री गिर्राज दण्डोतिया मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम, श्री रणवीर जाटव संत रविदास मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम लिमिटेड, श्री जसवंत