Skip to main content

परिवहन विभाग में मोबाइल गवर्नेंस लागू करें : मुख्यमंत्री श्री चौहान

आमजन को बेहतर सेवाएं देने पर फोकस करें 

भोपाल : गुरूवार, दिसम्बर 10, 2020


मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लोक परिवहन सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में फोकस किया जाए। कोविड-19 के निरंतर नियंत्रित होते जाने की स्थिति में आमजन को आवागमन के लिए परिवहन साधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। प्रदेश में ड्राइविंग प्रशिक्षण केन्द्र प्रारंभ करने के कार्य को गति दी जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय में परिवहन विभाग की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि परिवहन विभाग में मोबाइल गवर्नेंस लागू करने के कार्य को गति दी जाए। बैठक में बताया गया कि पाँच बड़े परिवहन कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रेक की स्थापना की पहल की गई है। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय भोपाल के नए भवन का शीघ्र ही लोकार्पण किया जाएगा। बैठक में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, परिवहन आयुक्त श्री मुकेश जैन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि परिवहन विभाग की गतिविधियों से आमजन को सुविधाएं प्राप्त होनी चाहिए। ड्राइविंग लाइसेंस बनाने, कर अपवंचन रोकने, लोक परिवहन में महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करवाने को सुनिश्चित करने और विभाग की परिसम्पत्तियों के निवर्तन की कार्यवाही भी समयानुसार की जाए। महिला सशक्तिकरण के लिए शौर्य दल की महिला सदस्यों को चालक-परिचालक और मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण देने की योजना सराहनीय है। शौर्य दल के साथ ही अन्य महिलाओं को भी इससे जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मोबाइल सेवाओं को उपयोगी बनाया जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव परिवहन श्री एस.एन. मिश्रा ने जानकारी दी कि परिवहन सेवाओं के लिए एम-गवर्नेंस के तहत मोबाइल एप्प के माध्यम से नागरिक केन्द्रित सेवाएं संचालित हैं। नागपुर (महाराष्ट्र) स्थित मध्यप्रदेश सरकार के बस स्टैण्ड के संबंध में निवर्तन की कार्यवाही से राशि प्राप्त होगी। नवगठित लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग के पोर्टल के माध्यम से यह कार्यवाही की जा सकेगी। प्रदेश के तराना बस डिपो (उज्जैन), बीनागंज बस स्टैण्ड (गुना) और पोरसा बस डिपो (मुरैना) के निवर्तन के लिए कार्य प्रगति पर है। कुल 43 परिसम्पत्तियां निवर्तन योग्य हैं। मध्यप्रदेश राज्य परिवहन निगम की परिसम्पत्तियों में शासन से लीज पर प्राप्त 44 परिसम्पत्तियां हैं। प्रदेश में लोक परिहवन को सुविधाजनक और सुरक्षित बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। बैठक में वर्ष 2014 में गठित की गई मध्यप्रदेश इंटरसिटी ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी की गतिविधियों की जानकारी भी दी गई।

आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप पर एक्शन शुरू

बैठक में आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप में परिवहन विभाग से संबंधित कार्यों के अमल की जानकारी भी दी गई। इसके अंतर्गत सभी परिवहन कार्यालयों में हेल्प डेस्क की स्थापना, कर्मचारियों को आई.टी. दक्ष बनाने और परिवहन सेवाओं से ईज़ ऑफ लिविंग सुनिश्चित करने के लिए लर्निंग लायसेंस, ड्राइविंग लाइसेंस का डुप्लीकेट और रिन्यूअल जारी करने, अस्थाई परमिट जैसी फेसलेस सेवाएं इसी साल से प्रारंभ हो जाएंगी।

बैठक में बताया गया कि परिवहन विभाग में सी.एम. हेल्पलाईन, लोक सेवा गारंटी के अंतर्गत 98 प्रतिशत से अधिक आवेदन पत्रों का निराकरण समय-सीमा में कर दिया गया है। सी.एम. हेल्पलाईन में मिली 58 हजार 893 शिकायतों में से 57 हजार 974 शिकायतों का ‍निराकरण कर दिया गया है। सी.एम. हेल्पलाईन पोर्टल पर परिवहन विभाग अक्सर प्रथम स्थान पर रहा है।


Comments

मध्यप्रदेश खबर

नेशनल न्यूज़

Popular posts from this blog

आधे अधूरे - मोहन राकेश : पाठ और समीक्षाएँ | मोहन राकेश और उनका आधे अधूरे : मध्यवर्गीय जीवन के बीच स्त्री पुरुष सम्बन्धों का रूपायन

  आधे अधूरे - मोहन राकेश : पीडीएफ और समीक्षाएँ |  Adhe Adhure - Mohan Rakesh : pdf & Reviews मोहन राकेश और उनका आधे अधूरे - प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा हिन्दी के बहुमुखी प्रतिभा संपन्न नाट्य लेखक और कथाकार मोहन राकेश का जन्म  8 जनवरी 1925 को अमृतसर, पंजाब में  हुआ। उन्होंने  पंजाब विश्वविद्यालय से हिन्दी और अंग्रेज़ी में एम ए उपाधि अर्जित की थी। उनकी नाट्य त्रयी -  आषाढ़ का एक दिन, लहरों के राजहंस और आधे-अधूरे भारतीय नाट्य साहित्य की उपलब्धि के रूप में मान्य हैं।   उनके उपन्यास और  कहानियों में एक निरंतर विकास मिलता है, जिससे वे आधुनिक मनुष्य की नियति के निकट से निकटतर आते गए हैं।  उनकी खूबी यह थी कि वे कथा-शिल्प के महारथी थे और उनकी भाषा में गज़ब का सधाव ही नहीं, एक शास्त्रीय अनुशासन भी है। कहानी से लेकर उपन्यास तक उनकी कथा-भूमि शहरी मध्य वर्ग है। कुछ कहानियों में भारत-विभाजन की पीड़ा बहुत सशक्त रूप में अभिव्यक्त हुई है।  मोहन राकेश की कहानियां नई कहानी को एक अपूर्व देन के रूप में स्वीकार की जाती हैं। उनकी कहानियों में आधुनिक जीवन का कोई-न-कोई विशिष्ट पहलू उजागर

कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षा नीति का उत्कृष्ट पुरस्कार

  उज्जैन : मध्यप्रदेश में नई शिक्षा नीति का सर्वप्रथम क्रियान्वयन करने पर जबलपुर में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षा नीति में उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। एनवायरनमेंट एवं सोशल वेलफेयर सोसाइटी, खजुराहो एवं प्राणीशास्त्र एवं जैवप्रौद्योगिकी विभाग, शासकीय विज्ञान स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जबलपुर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजन दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन जबलपुर में किया गया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश में नई शिक्षा नीति के सर्वप्रथम क्रियान्वयन के लिए विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षानीति में उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय की प्रशासनिक कार्यकुशलता से आज विश्वविद्यालय नई शिक्षा का क्रियान्वयन करने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है। इस उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ प्रशांत पुराणिक एवं कुलानुशासक प्रो शैलेन्द्र कुमार शर्मा ने कुलपति प्रो पांडेय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक

केबिनेट मंत्री का मिला दर्जा निगम, मंडल, बोर्ड तथा प्राधिकरण के अध्यक्षों को, उपाध्यक्षों को मिला राज्य मंत्री का दर्जा

भोपाल : बुधवार, दिसम्बर 29, 2021 - मध्यप्रदेश शासन ने निगम, मण्डल, बोर्ड और प्राधिकरण के नव-नियुक्त अध्यक्षों को केबिनेट मंत्री का दर्जा प्रदान करने के आदेश जारी कर दिये हैं। केबिनेट मंत्री का दर्जा उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्राप्त होगा। इसी प्रकार निगम, मण्डल, बोर्ड और प्राधिकरण के नव-नियुक्त उपाध्यक्षों को राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान करने के आदेश भी जारी हो गये हैं। यह भी संबंधित नव-नियुक्त उपाध्यक्षों को उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्राप्त होगा। मध्यप्रदेश राज्य शासन ने बुधवार, 29 दिसम्बर 2021 को श्री शैलेन्द्र बरूआ मध्यप्रदेश पाठ्य-पुस्तक निगम, श्री शैलेन्द्र शर्मा मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड, श्री जितेन्द्र लिटौरिया मध्यप्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, श्रीमती इमरती देवी मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड, श्री एंदल सिंह कंषाना मध्यप्रदेश स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड, श्री गिर्राज दण्डोतिया मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम, श्री रणवीर जाटव संत रविदास मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम लिमिटेड, श्री जसवंत