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वाणिज्य अध्ययनशाला के तत्वाधान में वर्तमान परिपेक्ष में ई - व्यवसाय पर राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन किया गया


वाणिज्य अध्ययनशाला, विक्रम विश्वविद्यालय के तत्वाधान में राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन किया गया


जिसका विषय था


"वर्तमान परिपेक्ष में ई - व्यवसाय"  



उज्जैन : वाणिज्य अध्ययनशाला, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के तत्वाधान में "वर्तमान परिपेक्ष में ई - व्यवसाय" पर  राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अखिलेश कुमार पांडेय जी ने कहा कि, ई- व्यवसाय के प्रवाह में शामिल होने के साथ-साथ इसके दुष्परिणामों के समाधानों पर भी विचार किया जाए।



कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ए. पी. एस. विश्वविद्यालय रीवा के कुलपति प्रो. एन.पी. पाठक ने कहा कि ई- व्यवसाय से बड़े बड़े व्यवसाय समूहों को लाभ होता है।  जरूरत इस बात की है की छोटे व्यवसायियों को भी इस व्यवसाय से जोड़े।



कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल के वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. पवन मिश्रा ने कहा कि, भारत के ई- वाणिज्य  में तेजी से उभरने के आवश्यक कारण आंकड़ों व तथ्यों के माध्यम से बतलाए।



महाकाल इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (एमआईटी) के निर्देशक डॉ. ऋषि दुबे ने व्यावहारिक और घटित उदाहरणों द्वारा ई- व्यवसाय का परिदृश्य बतलाया।



पं.जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट के प्राध्यापक डॉ. धर्मेन्द्र मेहता ने कहा कि हमे ई- व्यवसाय के साथ जुड़े निजता के प्रसारण के खतरों से भी सावधान रहना होगा, जो बात प्रत्यक्ष व्यवसाय में उत्पाद को छू कर महसूस कर सकने की है, वो बात ऑनलाइन व्यवसाय में नहीं है।


वेबीनार में 150 से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए वह 100 के करीब  शिक्षक, शोध छात्रों ने प्रतिभागिता की। 



वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एस. के. मिश्रा द्वारा स्वागत उद्बोधन दिया गया.


कार्यक्रम का संचालन डॉ. नागेश पाराशर द्वारा किया गया. आभार एवं धन्यवाद प्रदर्शन डॉ. रुचिका खंडेलवाल द्वारा किया गया।


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