Skip to main content

सूचना प्रौद्योगिकी पर आधारित शिक्षा में शिक्षकों का दायित्व बहुत  गहरा है – प्रो. शर्मा

सूचना प्रौद्योगिकी पर आधारित शिक्षा में शिक्षकों का दायित्व बहुत  गहरा है – प्रो. शर्मा


सूचना क्रांति के दौर में शिक्षक की भूमिका पर केंद्रित राष्ट्रीय वेब संगोष्ठी संपन्न


देश की प्रतिष्ठित संस्था राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना द्वारा सूचना क्रांति के दौर में शिक्षक की भूमिका विषय पर केंद्रित राष्ट्रीय वेब संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी के मुख्य अतिथि विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के हिंदी विभाग के अध्यक्ष एवं कुलानुशासक प्रो. शैलेंद्र कुमार शर्मा थे। विशिष्ट अतिथि डॉ शहाबुद्दीन नियाज मोहम्मद शेख, पुणे, श्री मोहनलाल वर्मा, जयपुर, डॉ. रचना पांडेय, रायपुर, डॉ कविता रायजादा, आगरा एवं संस्था के महासचिव डॉ प्रभु  चौधरी ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय विश्वविद्यालय, भटिंडा, पंजाब के डॉ राजिंदर कुमार सेन ने की।



संगोष्ठी के मुख्य अतिथि लेखक एवं आलोचक प्रोफ़ेसर शैलेंद्र कुमार शर्मा, उज्जैन ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी व्यापक रूप से सूचना और ज्ञान के विस्तार में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। शिक्षकों और विद्यार्थियों को इस दौर में सूचना के संचालन में उपयोगी सभी पद्धतियों, विधियों और उपकरणों से जुड़ना होगा। प्रौद्योगिकी पर आधारित शिक्षा में शिक्षकों का दायित्व बहुत  अधिक बढ़ गया है। एक ओर उन्हें विद्यार्थियों को योजनाबद्ध ढंग से इलेक्ट्रॉनिक पाठ्य सामग्री को उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही शिक्षक और विद्यार्थी के मध्य बेहतर मानवीय संबंधों का निर्माण भी करना है, जो विद्यार्थियों को आंतरिक रूप से मजबूत कर सके। ज्ञान एवं विवेक आधारित समाज के निर्माण के लिए शिक्षक अपने विद्यार्थियों को सूचना - संचार क्रांति का अर्थपूर्ण और समुचित प्रयोग करना सिखाएँ। सूचना क्रांति के दौर में शिक्षकों की मार्गदर्शक और उत्प्रेरक के रूप में भूमिका बढ़ती जा रही है। विद्यार्थीगण इंटरनेट पर उपलब्ध अपार सामग्री का विवेकपूर्ण इस्तेमाल करें, इसके लिए शिक्षकों को उन्हें सचेत करना होगा। नए दौर में शिक्षक अपने विद्यार्थियों को तथ्यों, विचारों और धारणाओं के तर्कसंगत एवं प्रायोगिक परिणामों से जोड़ने के लिए निरन्तर प्रयास करें। ज्ञान के स्रोत निरंतर बदल रहे हैं, ऐसे में शिक्षकों को शिक्षण प्रक्रिया में सार्थक परिवर्तन लाना होगा। 


डॉ. राजिंदर कुमार सेन, भटिंडा, पंजाब ने कहा कि भारतीय परंपरा में गुरु और शिक्षक को पर्याय माना गया है। शिक्षक हमारे शरीर, मस्तिष्क और आत्मा तीनों को प्रभावित करता है। वह विद्यार्थियों के चारित्रिक, भावात्मक और बौद्धिक उन्नयन के लिए योगदान देता है। शिक्षक नई शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों का अनुसरण करते हुए स्वयं को नई टेक्नोलॉजी से जोड़ें। साथ ही छात्रों में मूल्यों के प्रसार के लिए प्रयास करें। 



विशिष्ट अतिथि डॉ शहाबुद्दीन नियाज़ मोहम्मद शेख, पुणे ने कहा कि केवल जीविका के निर्वाह के लिए शिक्षक कर्म को अंगीकार करना उचित नहीं है। यह बहुत बड़े दायित्व का कार्य है।


मुख्य वक्ता श्री मोहन लाल वर्मा, जयपुर ने कहा कि विद्या और ज्ञान में पर्याप्त अंतर है। शिक्षक का कार्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, वरन विद्यार्थियों के मध्य विद्या का प्रसार भी है, जो उन्हें सभी प्रकार के बंधनों से मुक्त करती है।  


विशिष्ट अतिथि डॉ. कविता रायजादा, आगरा ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा में शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। विद्यार्थियों के साथ उनके माता - पिता भी इस प्रकार के शिक्षण से जुड़ रहे हैं।


संगोष्ठी की प्रस्तावना एवं संस्था की कार्ययोजना महासचिव डॉ प्रभु चौधरी ने प्रस्तुत की। 


संगोष्ठी में श्री दर्शन सिंह रावत, उदयपुर, डॉ लता जोशी, मुंबई, मुक्ता कौशिक, रायपुर, ब्रजबाला शर्मा, प्रभा बैरागी, उज्जैन, मंजू भारती, निर्मल कौर, धीरज कुमार, पंजाब सहित देश के विभिन्न भागों के शिक्षाविद्, संस्कृतिकर्मी एवं प्रतिभागी उपस्थित थे।


प्रारंभ में सरस्वती वंदना डॉ डिंपल शर्मा ने की।


कार्यक्रम का संचालन पंजाब प्रांतीय इकाई की महासचिव डॉक्टर प्रवीण बाला, पटियाला, पंजाब ने किया। आभार प्रदर्शन डॉ रश्मि रानी ने किया।



Bkk News


Bekhabaron Ki Khabar - बेख़बरों की खबर


Bekhabaron Ki Khabar, magazine in Hindi by Radheshyam Chourasiya / Bekhabaron Ki Khabar: Read on mobile & tablets - http://www.readwhere.com/publication/6480/Bekhabaron-ki-khabar


Comments

मध्यप्रदेश खबर

नेशनल न्यूज़

Popular posts from this blog

आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर द्वारा आयोजित बी. ए. एम. एस. प्रथम वर्ष एवं तृतीय वर्ष में छात्राओं ने बाजी मारी

आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर द्वारा आयोजित बी ए एम एस प्रथम वर्ष एवं तृतीय वर्ष में छात्राओं ने बाजी मारी शासकीय धन्वंतरी आयुर्वेद उज्जैन में महाविद्यालय बी ए एम एस प्रथम वर्ष नेहा गोयल प्रथम, प्रगति चौहान द्वितीय स्थान, दीपाली गुज़र तृतीय स्थान. इसी प्रकार बी ए एम एस तृतीय वर्ष गरिमा सिसोदिया प्रथम स्थान, द्वितीय स्थान पर आकांक्षा सूर्यवंशी एवं तृतीय स्थान पर स्नेहा अलवानी ने बाजी मारी. इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त अध्यापक एवं प्रधानाचार्य द्वारा छात्राओं को बधाई दी और महाविद्यालय में हर्ष व्याप्त है उक्त जानकारी महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ प्रकाश जोशी, डा आशीष शर्मा छात्र कक्ष प्रभारी द्वारा दी गई. 

कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षा नीति का उत्कृष्ट पुरस्कार

  उज्जैन : मध्यप्रदेश में नई शिक्षा नीति का सर्वप्रथम क्रियान्वयन करने पर जबलपुर में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षा नीति में उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। एनवायरनमेंट एवं सोशल वेलफेयर सोसाइटी, खजुराहो एवं प्राणीशास्त्र एवं जैवप्रौद्योगिकी विभाग, शासकीय विज्ञान स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जबलपुर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजन दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन जबलपुर में किया गया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश में नई शिक्षा नीति के सर्वप्रथम क्रियान्वयन के लिए विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षानीति में उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय की प्रशासनिक कार्यकुशलता से आज विश्वविद्यालय नई शिक्षा का क्रियान्वयन करने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है। इस उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ प्रशांत पुराणिक एवं कुलानुशासक प्रो शैलेन्द्र कुमार शर्मा ने कुलपति प्रो पांडेय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक

श्री खाटू श्याम जी के दर्शन 11 नवम्बर, 2020 से पुनः प्रारम्भ, दर्शन करने के लिए लेना होगी ऑनलाइन अनुमति

■ श्री खाटू श्याम जी के दर्शन 11 नवम्बर, 2020 से पुनः प्रारम्भ ■ दर्शन करने के लिए लेना होगी ऑनलाइन अनुमति श्री श्याम मन्दिर कमेटी (रजि.),  खाटू श्यामजी, जिला--सीकर (राजस्थान) 332602   फोन नम्बर : 01576-231182                    01576-231482 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 #जय_श्री_श्याम  #आम #सूचना   दर्शनार्थियों की भावना एवं कोविड-19 के संक्रमण के प्रसार को दृष्टिगत रखते हुए सर्वेश्वर श्याम प्रभु के दर्शन बुधवार दिनांक 11-11-2020 से पुनः खोले जा रहे है । कोविड 19 के संक्रमण के प्रसार को दृष्टिगत रखते हुए गृहमंत्रालय द्वारा निर्धारित गाइड लाइन के अधीन मंदिर के पट खोले जाएंगे । ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 11-11-2020 से चालू होंगी । दर्शनार्थी भीड़ एवं असुविधा से बचने के लिए   https://shrishyamdarshan.in/darshan-booking/ पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते है ।  नियमानुसार सूचित हो और व्यवस्था बनाने में सहयोग करे। श्री खाटू श्याम जी के दर्शन करने के लिए, ऑनलाइन आवेदन करें.. 👇  https://shrishyamdarshan.in/darshan-booking/ 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 साद